शिर्डी के साँई बाबा जी की समाधी और बूटी वाड़ा मंदिर में दर्शनों एंव आरतियों का समय....

"ॐ श्री साँई राम जी
समाधी मंदिर के रोज़ाना के कार्यक्रम

मंदिर के कपाट खुलने का समय प्रात: 4:00 बजे

कांकड़ आरती प्रात: 4:30 बजे

मंगल स्नान प्रात: 5:00 बजे
छोटी आरती प्रात: 5:40 बजे

दर्शन प्रारम्भ प्रात: 6:00 बजे
अभिषेक प्रात: 9:00 बजे
मध्यान आरती दोपहर: 12:00 बजे
धूप आरती साँयकाल: 7:00 बजे
शेज आरती रात्री काल: 10:30 बजे

************************************

निर्देशित आरतियों के समय से आधा घंटा पह्ले से ले कर आधा घंटा बाद तक दर्शनों की कतारे रोक ली जाती है। यदि आप दर्शनों के लिये जा रहे है तो इन समयों को ध्यान में रखें।

************************************

Saturday, 5 July 2014

श्री साईं लीलाएं- जब जौहर अली बाबा जी के चेले बने

ॐ सांई राम



कल हमने पढ़ा था.. कुश्ती के बाद बाबा में बदलाव 

श्री साईं लीलाएं
जब जौहर अली बाबा जी के चेले बने

साईं बाबा और मोहिद्दीन की कुश्ती के कुछ वर्षों के बाद जौहर अली नाम का एक मुस्लिम फकीर रहाता में अपने शिष्यों के साथ रहने आयावह हनुमान मंदिर के पास एक मकान में डेरा जमाकर रहने लगावह अहमदनगर का रहने वाला थाजौहर अली बड़ा विद्वान थाकुरान शरीफ की आयातें उसे मुंहजुबानी याद थींमीठी बोली उसकी अन्य विशेषता थीधीरे-धीरे रहाता के श्रद्धालु जन उससे प्रभावित होकर उसके पास आने लगेउसके पास आने वाला व्यक्ति उसका बड़ा सम्मान करता थापूरे रहाता में उसकी वाहवाही होने लगी थीधीरे-धीरे उसने रहाता के लोगों का विश्वास प्राप्त कर बहुत सारी आर्थिक मदद भी हासिल कर ली थी|

Friday, 4 July 2014

श्री साईं लीलाएं - कुश्ती के बाद बाबा में बदलाव

ॐ सांई राम







परसों हमने पढ़ा था.. संकटहरण श्री साईं 

श्री साईं लीलाएं

कुश्ती के बाद बाबा में बदलाव
अपने शुरूआती जीवन में साईं बाबा भी पहलवान की तरह रहते थेशिरडी में मोहिद्दीन तंबोली नाम का एक पहलवान रहा करता थाबाबा से एक बार किसी बात पर कहा-सुनी हो गईजिसके फलस्वरूप उसने बाबा को कुश्ती लड़ने कि चुनौती दे डालीबाबा अंतर्मुखी थेफिर भी उन्होंने उसकी चुनौती को स्वीकार कर लिया|

Thursday, 3 July 2014

श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 34

ॐ सांई राम




आप सभी को शिर्डी के साँई बाबा ग्रुप की ओर से साईं-वार की हार्दिक शुभ कामनाएं
हम प्रत्येक साईं-वार के दिन आप के समक्ष बाबा जी की जीवनी पर आधारित श्री साईं सच्चित्र का एक अध्याय प्रस्तुत करने के लिए श्री साईं जी से अनुमति चाहते है

हमें आशा है की हमारा यह कदम घर घर तक श्री साईं सच्चित्र का सन्देश पंहुचा कर हमें सुख और शान्ति का अनुभव करवाएगा

किसी भी प्रकार की त्रुटी के लिए हम सर्वप्रथम श्री साईं चरणों में क्षमा याचना करते है...



श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 34

उदी की महत्ता (2), डाँक्टर का भतीजा, डाँक्टर पिल्ले, शामा की भयाहू, ईरानी कन्या, हरदा के महानुभाव, बम्बई की महिला की प्रसव पीड़ा
----------------------------------

Wednesday, 2 July 2014

श्री साईं लीलाएं - संकटहरण श्री साईं

ॐ सांई राम






कल हमने पढ़ा था.. ऊदी के चमत्कार से पुत्र-प्राप्ति

श्री साईं लीलाएं




संकटहरण श्री साईं
शाम का समय था
उस समय रावजी के दरवाजे पर धूमधाम थीसारा घर तोरन और बंदनवारों से खूब अच्छी तरह से सजा हुआ थाबारात का स्वागत करने के लिए उनके दरवाजे पर सगे-संबंधी और गांव के सभी प्रतिष्ठित व्यक्ति उपस्थित थेआज रावजी की बेटी का विवाह थाबारात आने ही वाली थी|

Tuesday, 1 July 2014

श्री साईं लीलाएं - ऊदी के चमत्कार से पुत्र-प्राप्ति

ॐ सांई राम







कल हमने पढ़ा था.. 
कुत्ते की पूँछ


श्री साईं लीलाएं


ऊदी के चमत्कार से पुत्र-प्राप्ति


शिरडी के पास के गांव में लक्ष्मीबाई नाम की एक स्त्री रहा करती थी| नि:संतान होने के कारण वह रात-दिन दु:खी रहा करती थी| जब उसको साईं बाबा के चमत्कारों के विषय में पता चला तो वह द्वारिकामाई मस्जिद में आकर वह साईं बाबा के चरणों पर गिरने ही वाली थी कि साईं बाबा ने तुरंत उसे कंधों से थाम लिया और बोले- "मां, यह क्या करती हो ?"

लक्ष्मी बुरी तरह से रोने लगी|


Monday, 30 June 2014

श्री साईं लीलाएं - कुत्ते की पूँछ

ॐ सांई राम




कल हमने पढ़ा था.. 
दयालु साईं बाबा

श्री साईं लीलाएं

कुत्ते की पूँछ


पंडितजी चुपचाप बैठे अपने भविष्य के विषय में चिंतन कर रहे थे| उन्हें पता ही नहीं चला कि कब एक आदमी उनके पास आकर खड़ा हो गया है| जब पंडितजी ने कुछ ध्यान न दिया तो, उसने स्वयं आवाज दी|

"राम-राम पंडितजी|"

पंडितजी चौंक गये|

"क्या बात है, किस सोच में पड़े हो ?"

Sunday, 29 June 2014

श्री साईं लीलाएं - दयालु साईं बाबा

ॐ सांई राम




कल हमने पढ़ा था.. बाबा के विरुद्ध पंडितजी की साजिश

श्री साईं लीलाएं

दयालु साईं बाबा



दोपहर का समय था!

साईं बाबा खाना खाने के बाद अपने भक्तों से वार्तालाप कर रहे थे कि अचानक सारंगी के सुरों के साथ तबले पर पड़ी थाप से मस्जिद की गुम्बदें और मीनारें गूंज उठीं|

सब लोग चौंक उठे| दूसरे ही क्षण मस्जिद के दालान पर सारंगी के सुरों और तबलों की थापों के साथ घुंघरों की रुनझुन भी गूंज उठी| सभी शिष्य एक रूपसी नव नवयौवना की ओर देखने लगे| जिसके सुंदर बदन पर रेशमी घाघरा तथा चोली थी| जब वह नाचते हुए तेजी के साथ गोल-गोल चक्कर काटती थी, तो उसका रेशमी घाघरा गोरी-गोरी टांगों से ऊपर तक उठ जाता था|

For Donation

For donation of Fund/ Food/ Clothes (New/ Used), for needy people specially leprosy patients' society and for the marriage of orphan girls, as they are totally depended on us.

For Donations, Our bank Details are as follows :

A/c - Title -Shirdi Ke Sai Baba Group

A/c. No - 200003513754 / IFSC - INDB0000036

IndusInd Bank Ltd, N - 10 / 11, Sec - 18, Noida - 201301,

Gautam Budh Nagar, Uttar Pradesh. INDIA.