शिर्डी के साँई बाबा जी की समाधी और बूटी वाड़ा मंदिर में दर्शनों एंव आरतियों का समय....

"ॐ श्री साँई राम जी
समाधी मंदिर के रोज़ाना के कार्यक्रम

मंदिर के कपाट खुलने का समय प्रात: 4:00 बजे

कांकड़ आरती प्रात: 4:30 बजे

मंगल स्नान प्रात: 5:00 बजे
छोटी आरती प्रात: 5:40 बजे

दर्शन प्रारम्भ प्रात: 6:00 बजे
अभिषेक प्रात: 9:00 बजे
मध्यान आरती दोपहर: 12:00 बजे
धूप आरती साँयकाल: 5:45 बजे
शेज आरती रात्री काल: 10:30 बजे

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निर्देशित आरतियों के समय से आधा घंटा पह्ले से ले कर आधा घंटा बाद तक दर्शनों की कतारे रोक ली जाती है। यदि आप दर्शनों के लिये जा रहे है तो इन समयों को ध्यान में रखें।

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Wednesday, 29 February 2012

शिर्डी वाले सांई बाबा

ॐ सांई राम


शिर्डी वाले सांई बाबा तू ही है एक हमारा
जो भी दर पर आता तेरे मिलता उसे सहारा

Tuesday, 28 February 2012

रुपये की भाग - दौड़ मे अपनो को भुला देता है...

ॐ सांई राम


बच्चा जब पैदा होता है,
तो उसके वस्त्रों में जेब नहीं होती

और ...

जब मनुष्य मर जाता है, तब उसके कफ़न में भी जेब नहीं होती
जेब तो जन्म और मरण के बीच में आती है,

और

जब से जेब बीच में आने लगी है, तब से मनुष्य रुपये के लिए  सभी अच्छे - बुरे काम करता है,

और

रुपये की भाग - दौड़ मे अपनो को भुला देता है... 

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श्री साईं भजन संध्या निमंत्रण

ॐ सांई राम

सांई की मन भावन मूरत

ॐ सांई राम
 सांई की मन भावन मूरत मन में है समाई
सांई धुन की एक अजीब दीवानगी सी छायी
मैं हुआ दीवाना ओ लोगो हुआ दीवाना
मैं सांई का दीवाना मैं बाबा का दीवाना

सांई नैनो में झांको तो सदा झलकता प्यारा है
सांई के हाथों में देखो, पलता ये संसार है
अब तो सांई द्वार को छोड़ ओर कहीं ना जाना
सांई नाम की माला का मैं बन जाऊँ एक दाना
मैं हुआ दीवाना ओ लोगो हुआ दीवाना
मैं सांई का दीवाना मैं बाबा का दीवाना

सांई की मन भावन मूरत मन में है समाई
सांई धुन की एक अजीब दीवानगी सी छायी
मैं हुआ दीवाना ओ लोगो हुआ दीवाना
मैं सांई का दीवाना मैं बाबा का दीवाना

घर में ना आँगन में ये दिल लगता है ना गुलशन में
मित्रों में परिवार में न साथी के साथ मधुबन में
तू ही रहीम तू ही राम तू ही मेरा कान्हा
क्यों जाऊँ मैं मथुरा काशी क्यों जाऊँ मैं मदीना
मैं हुआ दीवाना ओ लोगो हुआ दीवाना
मैं सांई का दीवाना मैं बाबा का दीवाना

सांई की मन भावन मूरत मन में है समाई
सांई धुन की एक अजीब दीवानगी सी छायी
मैं हुआ दीवाना ओ लोगो हुआ दीवाना
मैं सांई का दीवाना मैं बाबा का दीवाना

 
-: आज का साईं सन्देश :-

दया करें सब जीव पर,
नम्र रहे बर्ताव |
ऐसा तू यदि कर सके,
नित्यानंद उछाव ||

एक समय इक रोहिला,
शिर्डी में बस जाय |
वह कर्कश आवाज़ में,
रातों भर चिल्लाय ||

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Monday, 27 February 2012

Sunday, 26 February 2012

If God created us, if he is sovereign and if he knows all, why does he hold us responsible?

ॐ सांई राम

Question:
If God is ruler of the universe and controller of all, then why is He not responsible for anything? And why are we held responsible foreverything when we are not born knowing all that God is about. Why didn't God create us knowing His word so we would have a real choice?

Answer:
What a great question! From a human perspective it seems reasonable to think that if God made us, and if he is sovereign, he is responsiblefor anything we do. Therefore, logically, it seems unreasonable for himto hold us responsible for things he knew before hand that we would do.Like Paul puts it in Romans chapter 9, "why does he still blame us?"The answer is that God, in his sovereign will, has chosen to give ushuman beings a limited sovereignty over our own lives. In other words,God has chosen to give us what is commonly called "free will." Now,either human beings have free will or they do not.
I love the way Thomas Aquinas put it. He said "God, therefore, is thefirst cause, who moves causes both natural and voluntary. And just asby moving natural causes He does not prevent their actions from being natural, so by moving voluntary causes He does not deprive theiractions of being voluntary; but rather is He the cause of this verything in them, for He operates ineach thing according to his ownnature." In other words, God did not lose his sovereignty when he gaveus voluntary will. This is hard to grasp. I can tell that you strugglewith this. Well, so do I! However, one of the clearest teachings of theBible is that God gives us a choice and that he holds us accountablefor that choice. Surely that is the message of Genesis chapter threeand an almost unlimited number of other passages. Biblically, God is"responsible" for his actions and we are "responsible" for our actions.God gives us real choice. He does not force us to do right. He does notforce us to read the Bible. He does not force knowledge of his will onrebellious people who choose to reject the love he offers. He does giveus a conscience and an innate desire to know him, but he does not forceus to act on that desire. The God of the Bible is just. On Judgment DayI do not plan on blaming him for my own sinful behavior.
 

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हर भूल को हमरी क्षमा करो

ॐ सांई राम
हर भूल को हमरी क्षमा करो
बच्चे है हम साईं क्षमा करो
हर भूल को हमरी क्षमा करो

अज्ञान राह पर चल पड़े
हर भूल को हमरी क्षमा करो
प्राशचित करने हम आ खड़े
हर भूल को हमरी क्षमा करो

आखो से अश्रु बह रहे
हर भूल को हमरी क्षमा करो
कुछ भी न हम कह सके
हर भूल को हमरी क्षमा करो

अब फिर से न दोहराहेगे हम
हर भूल को हमरी क्षमा करो
तेरी भक्ति को हम समझ न पाए
हर भूल को हमरी क्षमा करो

साईं क्षमा करो साईं क्षमा करो
अपने दिल से क्षमा करो

साईंराम साईंराम साईंराम साईंराम
साईंराम साईंराम साईंराम साईंराम

-: आज का साईं सन्देश :-
सेवक थे हेमांडजी,
न्यायधीश कहलाय ।
उन्निस सोलह साल में,
सेवा मुक्ति पाय ।।
अब वेतन आधा मिले,
नहीं चले घरबार ।
परेशान हेमांड जी,
आये साईं द्वार ।।
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Saturday, 25 February 2012

मेरे बाबा सुन लो मन की पुकार को

ॐ सांई राम
 मेरे बाबा सुन लो, मन की पुकार को।
शरण अपनी ले लो, ठुकरा दूँगा संसार को।
शरण अपनी ले लो, ठुकरा दूँगा संसार को

Friday, 24 February 2012

तुम्हें कैसे रिझाऊं मैं साईं

ॐ सांई राम

तुम्हें कैसे रिझाऊं मैं साईं
कोई वस्तु नहीं ऐसी, जिसे सेवा में लाऊं मैं साईं

Thursday, 23 February 2012

श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 47

ॐ सांई राम
आप सभी  को शिर्डी के साईं बाबा ग्रुप की ओर साईं-वार की हार्दिक शुभ कामनाएं , हम प्रत्येक साईं-वार के दिन आप के समक्ष बाबा जी की जीवनी पर आधारित श्री साईं सच्चित्र का एक अध्याय प्रस्तुत करने के लिए श्री साईं जी से अनुमति चाहते है , हमें आशा है की हमारा यह कदम घर घर तक श्री साईं सच्चित्र का सन्देश पंहुचा कर हमें सुख और शान्ति का अनुभव करवाएगा, किसी भी प्रकार की त्रुटी के लिए हम सर्वप्रथम श्री साईं चरणों में क्षमा याचना करते है...
श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 47 - पुनर्जन्म
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वीरभद्रप्पा और चेनबसाप्पा (सर्प व मेंढ़क) की वार्ता ।
गत अध्याय में बाबा द्घारा बताई गई दो बकरों के पूर्व जन्मों की वार्ता थी । इस अध्याय मे कुछ और भी पूर्व जन्मों की स्मृतियों का वर्णन किया जाता है । प्रस्तुत कथा वीरभद्रप्पा और चेनवसाप्पा के सम्बन्ध में है।

Wednesday, 22 February 2012

श्री साईं चालीसा

ॐ सांई राम
 
 || चौपाई ||

पहले साई के चरणों में, अपना शीश नमाऊं मैं।
कैसे शिरडी साई आए, सारा हाल सुनाऊं मैं॥

Tuesday, 21 February 2012

आँखें बंद करूँ या खोलूँ मुझको दर्शन दे देना

ॐ सांई राम
 आँखें बंद करूँ या खोलूँ मुझको दर्शन दे देना
आँखें बंद करूँ या खोलूँ मुझको दर्शन दे देना

Monday, 20 February 2012

महाशिवरात्रि

ॐ नमः शिवाय


महाशिवरात्रि हिन्दुओं का एक प्रमुख त्यौहार है। यह भगवान शिव का प्रमुख पर्व है।

फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को शिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। माना जाता है कि सृष्टि के प्रारंभ में इसी दिन मध्यरात्रि भगवान् शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था। प्रलय की वेला में इसी दिन प्रदोष के समय भगवान शिव तांडव करते हुए ब्रह्मांड को तीसरे नेत्र की ज्वाला से समाप्त कर देते हैं। इसीलिए इसे महाशिवरात्रि अथवा कालरात्रि कहा गया। तीनों भुवनों की अपार सुंदरी तथा शीलवती गौरां को अर्धांगिनी बनाने वाले शिव प्रेतों व पिशाचों से घिरे रहते हैं। उनका रूप बड़ा अजीब है। शरीर पर मसानों की भस्म, गले में सर्पों का हार, कंठ में विष, जटाओं में जगत-तारिणी पावन गंगा तथा माथे में प्रलयंकर ज्वाला है। बैल को वाहन के रूप में स्वीकार करने वाले शिव अमंगल रूप होने पर भी भक्तों का मंगल करते हैं और श्री-संपत्ति प्रदान करते हैं।

Sunday, 19 February 2012

MAHA SHIV RATRI FESTIVAL ON 20 FEBRUARY, 2012

ॐ सांई राम


Devo Ke Dev, Har Har Mahadev
Maha Shivaratri or Shivratri Utsav is a famous Hindu festival in honor of Lord Shiva, one of the Trimurtis in Hinduism. Sivaratri, which literally means “Great Night of Shiva” or "Night of Siva”, is observed on the 13th night/14th day in the Krishna Paksha on the month of Phalgun (February – March) in the Hindu Calendar. Mahashivaratri is celebrated on the night before Amavasya, the night before and day of the new moon.


Saturday, 18 February 2012

सोमवार को महाशिवरात्रि का पर्व महाशुभ संयोग

ॐ नमः शिवाय
 महाशिवरात्रि परम कल्याणकारी व्रत है जिसके विधिपूर्वक करने से व्यक्ति के दुःख, पीड़ाओं का अंत होता है और उसे इच्छित फल की प्राप्ति होती है। पति-पत्नी, पुत्र-पुत्री, धन, सौभाग्य, समृद्धि व आरोग्यता प्राप्त होती है। पूजन करने वाला मोक्ष को प्राप्त करने के योग्य बन जाता है। 

जहाँ जहाँ पड़े चरण साईं के

ॐ सांई राम
  सब  रूठे  पर  साईं  न  रूठे,
सब  छूटे  पर  साईं  कृपा  न  छूटे,

Friday, 17 February 2012

साईं अरदास

ॐ सांई राम
 सदा  सदा  साईं  पिता  मन  में  करो  निवास,
सच्चे  ह्रदय  से  करूँ  ये  तुमसे  ये  अरदास,

Thursday, 16 February 2012

स्वासां दी माला ते सिमरां मैं साईं नाम

ॐ सांई राम
  स्वासां  दी  माला  ते  सिमरां  मैं साईं  नाम,
बन  जावां  बंदा तेरा  मैं  करां नेक  काम,
साईं  है  मेरा  मैं  साईं  दी,
 होर  न  किसे दी  मैनू  लोड़
चरणां नाल ला लो  साईंजी ,
मैनू  नहीं  जाना  किते  होर,

स्वासां  दी  माला  ते  सिमरां  मैं साईं  नाम,
बन  जावां  बंदा तेरा  मैं  करां नेक  काम,

तू  तां है  दाता  साईंजी   मेरा,
तेरे  हाथ  विच  मेरी  डोर,
बच्चा  हाँ  साईंजी  मैं  तेरा,
रखीं  सदा  अपने  कोल

स्वासां  दी  माला  ते  सिमरां  मैं साईं  नाम,
बन  जावां  बंदा तेरा  मैं  करां नेक  काम,

तेरे  चरणां ते  जो  झुक  जावे,
उस नू  मिलदा  है  आराम,
तेरे  चरणां  ते  ही  गुज़रे,
मेरे  सुबहो  शाम,

स्वासां  दी  माला  ते  सिमरां  मैं साईं  नाम,
बन  जावां  बंदा तेरा  मैं  करां नेक  काम,

तेरे  नाल  ही  है  मेरी  ऐ  दुनिया,
वसा  लै  मैनू  अपने  कोल,
जे  तू  रहना  मेरे  तों  दूर,
ते  मैनू  नहीं  ऐना  स्वासां  दी  लोड़,

स्वासां  दी  माला  ते  सिमरां  मैं साईं  नाम,
बन  जावां  बंदा तेरा  मैं  करां नेक  काम

यह भजन बाबा जी की लाडली बेटी साईं आँचल द्वारा बाबा जी को भेंट किया गया ।

 -: आज का साईं सन्देश :-

बाबा जी की बात सुन,
पन्त बहुत हरषाय ।
दृढ़ विश्वासी हो गये,
कर्म सफल हो जाय ।।

शामा जी से साईं कहें,
सुमिरन कर ले मोय ।
प्रेम सहित जो नाम ले,
इच्छा पूरण होय ।।
  

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श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 46

ॐ सांई राम

आप सभी को शिर्डी के साईं बाबा ग्रुप की और से साईं-वार की हार्दिक शुभ कामनाएं , हम प्रत्येक साईं-वार के दिन आप के समक्ष बाबा जी की जीवनी पर आधारित श्री साईं सच्चित्र का एक अध्याय प्रस्तुत करने के लिए श्री साईं जी से अनुमति चाहते है , हमें आशा है की हमारा यह कदम घर घर तक श्री साईं सच्चित्र का सन्देश पंहुचा कर हमें सुख और शान्ति का अनुभव करवाएगा, किसी भी प्रकार की त्रुटी के लिए हम सर्वप्रथम श्री साईं चरणों में क्षमा याचना करते है...

श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 46
बाबा की गया यात्रा - बकरों की पूर्व जन्मकथा
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Wednesday, 15 February 2012

दो हमको फूल या पत्थर तुम्हारे गीत गायेंगे

ॐ सांई राम
दो हमको फूल या पत्थर तुम्हारे गीत गायेंगे
तुम्हारा नाम ले लेकर तुम्हारे गीत गायेंगे

Tuesday, 14 February 2012

कोई तेरा नहीं बस एक साईं आसरा होगा

ॐ सांई राम
 कोई तेरा नहीं बस एक साईं आसरा होगा,
पर उसको ढूंढना है अपने अन्दर झांकना होगा,

Monday, 13 February 2012

जीवन बीत गया सपनों में

ॐ सांई राम
 जीवन बीत गया सपनों में, शेष बचे दिन चार
भोर अब तो होने लगी है, साईं नाम पुकार,

जला सको तो दीप जलाओ


ॐ सांई राम
ॐ सांई नमो नमः
शिर्डी निवासी नमो नमः
करूणा मूर्ति नमो नमः
सद्गुरू सांई नमो नमः

Sunday, 12 February 2012

साईंयां साईंयां ओ मेरे साईंयां

ॐ सांई राम

साईंयां  साईंयां  ओ  मेरे साईंयां,
तेरे  नाल  ही  मैं  प्रीतां लाइयाँ,

Saturday, 11 February 2012

मैनु रस्ता विखा दे साईयाँ

ॐ सांई राम
 मैनु रस्ता विखा  दे  साईयाँ,
कोल  अपने  बुला  लै साईयाँ,

Friday, 10 February 2012

खुल जाए स्वर्ग के दरबार

ॐ सांई राम
दूर खड़ा तू देख रहा
 सबके मन का भाव
 पल भर में तू कर दे
 पूरी मन की आस

 आस बन जाती
 दिल का एक अरमान
 दिन की शुरुवात होती
 लेकर तेरा नाम

 तेरा नाम जप कर
 दिल हो जाए मालामाल
 तेरी किरपा से
 खुल जाए स्वर्ग के दरबार

 हर दरबार की चादर में
 जड़े हुए है हीरे मोती
 जिसकी चमक से
 मिल जाती मन को मुक्ति

 मन की मुक्ति पाकर
 मिल जाए साईं का आशीष
 आत्मा तृप्त हो जावे
 मिल जावे दिल को आराम

 दिल का आराम पाकर
 धन्य हो जावे जीवन
 जिसकी करूणा कथा को पढ़कर
 दिल हो जावे बेकरार

 बेकरार दिल एक ही गाथा गावे
 जय साईंराम, जय-जय साईंराम

 -: आज का साईं सन्देश :-

पूछा जब इक भक्त ने,
बाबा अब कहँ जाय ।
बाबा जी ने कह दिया,
सीधे ऊपर जाय ।।

भक्त कहे फिर साईं से,
मार्ग समझ न आय ।
उसी भक्त को प्रेम से,
बाबा दें समझाय ।।




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Thursday, 9 February 2012

सांई नाम से प्रीत लगा

ॐ सांई राम



 सांई नाम से प्रीत लगा बोलो सांई जय जय सांई
 
जन्म सफल होगा बन्दे,मन में सांई बसा ले

श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 45

ॐ सांई राम

आप सभी को शिर्डी के साईं बाबा ग्रुप की और से साईं-वार की हार्दिक शुभ कामनाएं , हम प्रत्येक साईं-वार के दिन आप के समक्ष बाबा जी की जीवनी पर आधारित श्री साईं सच्चित्र का एक अध्याय प्रस्तुत करने के लिए श्री साईं जी से अनुमति चाहते है , हमें आशा है की हमारा यह कदम घर घर तक श्री साईं सच्चित्र का सन्देश पंहुचा कर हमें सुख और शान्ति का अनुभव करवाएगा, किसी भी प्रकार की त्रुटी के लिए हम सर्वप्रथम श्री साईं चरणों में क्षमा याचना करते है...

श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 45 - संदेह निवारण
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काकासाहेब दीक्षित का सन्देह और आनन्दराव का स्वप्न, बाबा के विश्राम के लिये लकड़ी का तख्ता ।

Wednesday, 8 February 2012

मेरे मन दिल किसी का ना दुखा

ॐ सांई राम
 मेरे मन दिल किसी का ना दुखा,
भले ही ऱब को तू मना ना मना,

Tuesday, 7 February 2012

SHREE HANUMAN CHALISA with meanings

ॐ सांई राम

SHREE HANUMAN CHALISA

Shree Guru Charan Saroj Raj, Nij Man Mukar Sudhari,
Barnau Raghuvar Bimal Jasu, Jo dayaku Phal Chari

With the dust of Guru's Lotus feet, I clean the mirror of my mind
and then narrate the sacred glory of Sri Ram Chandra, The Supereme
among the Raghu dynasty. The giver of the four attainments of life.


Monday, 6 February 2012

सबका मालिक है साईं के अवतार में

ॐ सांई राम
  सबका मालिक है साईं के अवतार में, सबका मालिक है साईं के अवतार में
साईं रहते हैं शिर्डी के दरबार में, साईं रहते हैं शिर्डी के दरबार में

Sunday, 5 February 2012

कान्हा बन के जो आओ साईं राम

ॐ सांई राम
 कान्हा बन के जो आओ साईं राम तो प्यारी राधे रानी भी संग लाना
इक अर्ज़ी मेरे घनश्याम के प्यारी राधे रानी भी संग लाना

Saturday, 4 February 2012

साईं ने दिये जो ग्यारह वचन

ॐ सांई राम
 साईं ने दिये जो ग्यारह वचन वो, तू पढ़ ले तर जायेगा
इन वचनों को समझ सके तो, चैन तू मनवा पायेगा
साईं ने दिये जो ग्यारह वचन वो, तू पढ़ ले तर जायेगा

OM SHREE HANUMANTE NAMAH

ॐ सांई राम


Sri Hanuman was born of Anjani from Pavana, the wind-god. He was named Hanuman after the name of the city of Hanumpur over which his maternal uncle Parti Surya ruled. Hanuman's body was hard as a stone. So Anjani named him Vajranga. He is also known by the names "Mahavir" or mightiest hero (because he exhibited several heroic feats), Balibima and Maruti.

Friday, 3 February 2012

कलयुग में अवतार लेके आये मेरे साईं जी

ॐ सांई राम

कलयुग में अवतार लेके आये मेरे साईं जी
दुनिया का उद्धार करने आये मेरे साईं जी

सतयुग में ये नरसिंह थे और त्रेता में श्री राम
द्वापर में ये कृष्ण भये कलयुग में साईं भगवान्
इस युग का आधार बनके आये मेरे साईं जी
राम, कृष्ण का सार लेके आये मेरे साईं जी
कलयुग में अवतार लेके आये मेरे साईं जी
दुनिया का उद्धार करने आये मेरे साईं जी

साईं जी साईं जी मेरे प्यारे साईं जी
साईं जी साईं जी मेरे प्यारे साईं जी

कलयुग में अवतार लिया तो पहुंचे शिर्डी धाम
सबका मालिक एक है भेजा दुनिया को पैग़ाम
दर्शन दे दो अब तो साईं अखियाँ क्यों तरसाई रे
दर्शन करने सारी दुनिया तुमरे दर पे आई रे
कलयुग में अवतार लेके आये मेरे साईं जी
दुनिया का उद्धार करने आये मेरे साईं जी

साईं जी साईं जी मेरे प्यारे साईं जी
साईं जी साईं जी मेरे प्यारे साईं जी

●▬▬▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬▬▬▬▬●
-: आज का साईं सन्देश :-

वे दोनों मस्जिद गये,
बाबा बैठे आय |
साईं कहते प्रेम से,
बहस न करना भाय ||

वाड़े साठे बैठकर,
काहे बहस कराय |
बात कहे हेमांड जो,
मुझको दो समझाय ||
●▬▬▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬▬▬▬▬●

Thursday, 2 February 2012

गुरुदेव मेरे गुरुदेव मेरे

ॐ साईं राम

गुरुदेव मेरे गुरुदेव मेरे ,सब रंग तेरे रंगरेज तेरे
मुझ दीन के घर जब आओगे ,स्वागत में पलक बिछाऊंगा

अँसुवन जल से पग धोऊंगा ,और धो धो कर पी जाऊँगा
तू लेकर अपनी शरण मुझे ,फिर चाहे जिस रंग में रंग दे
रंगरेज मेरे सब रंग तेरे ,गुरुदेव मेरे गुरुदेव मेरे
जाने कितने दिन बाद मैने ,यह अपना भवन बुहारा है
तुमको कोई भी कष्ट न हो ,इस तरह से इसे संवारा है
इच्छा है मेरी यही प्रभु ,तुम मुझको अब तो अपना लो
गुरुदेव मेरे गुरुदेव मेरे , सब रंग तेरे रंगरेज मेरे
तुम सारे जग के मालिक हो ,तुम तो घट घट के वासी हो
तुमको ये कहाँ पसंद ,किसी के चेहरे चढ़ी उदासी हो
हे देव अगर संभव हो तो ,इन आंखो को दर्शन दे दो
तू ले कर अपनी शरण मुझे ,फिर चाहे जिस रंग में रंग दो
गुरु देव मेरे सब रंग तेरे रंगरेज मेरे सब रंग तेरे 
 
●▬▬▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬▬▬▬▬●
-: आज का साईं सन्देश :-
ठहरे शिर्डी पन्त जी,
घर साठे का होय |
बाबा साहब भी रहें,
चर्चा करते दोय ||

गुरु काहे को चाहिये,
मेरे मन का भाय |
बिना गुरु जीवन नहीं,
बालाजी बतलाय ||

●▬▬▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬▬▬▬▬●

श्री साई सच्चरित्र - Chapter 43 & 44


ॐ सांई राम

आप सभी को शिर्डी के साईं बाबा ग्रुप की और से साईं-वार की हार्दिक शुभ कामनाएं , हम प्रत्येक साईं-वार के दिन आप के समक्ष बाबा जी की जीवनी पर आधारित श्री साईं सच्चित्र का एक अध्याय प्रस्तुत करने के लिए श्री साईं जी से अनुमति चाहते है , हमें आशा है की हमारा यह कदम घर घर तक श्री साईं सच्चित्र का सन्देश पंहुचा कर हमें सुख और शान्ति का अनुभव करवाएगा, किसी भी प्रकार की त्रुटी के लिए हम सर्वप्रथम श्री साईं चरणों में क्षमा याचना करते है...

श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 43 & 44 - महासमाधि की ओर
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Wednesday, 1 February 2012

एक वक़्त आयेगा ऐसा सब धरा रह जायेगा


ॐ साईं राम

एक वक़्त आयेगा ऐसा सब धरा रह जायेगा
देखता तू क्या है इक दिन देखता रह जायेगा

रब से ग़फलत छोड़ कब से है अजब मस्ती में तू
आने वाली है क़यामत बैठ जा कश्ती में तू
साईं के बन्दों का बस इक काफला रह जायेगा
एक वक़्त आयेगा ऐसा सब धरा रह जायेगा

वो है इक गहरा समंदर तू मैं मिट्टी की लकीर
तूने गर उसको न पाया वो अमीर और तू फकीर
तेरे उसके दरमियाँ इक फासला रह जायेगा
एक वक़्त आयेगा ऐसा सब धरा रह जायेगा

उसके क़दमों से लिपट जा जिंदगी मिल जायेगी
रास्ते में है अँधेरा रौशनी मिल जायेगी
अक्ल वाला चल पड़ेगा सरफिरा रह जायेगा
एक वक़्त आयेगा ऐसा सब धरा रह जायेगा

रात दिन की इस तपस्या को भी क्या समझेगा तू
ना-समझ बन कर अगर ख़ुद को खुदा समझेगा तू
ढूँढने निकला है जिसको ढूँढता रह जायेगा
एक वक़्त आयेगा ऐसा सब धरा रह जायेगा

तू फ़क़त साईं का बन जिसका कोई मज़हब नहीं
जिसने अपने चाहने वालों को चाहा कब नहीं
आसरा रख वर्ना तू बे-आसरा रह जायेगा
एक वक़्त आयेगा ऐसा सब धरा रह जायेगा

एक वक़्त आयेगा ऐसा सब धरा रह जायेगा
देखता तू क्या है इक दिन देखता रह जायेगा


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-: आज का साईं सन्देश :-

जो साईं दर्शन करे,
पाप कर्म धुल जाय |
सदविचार मन में उठे,
बाबा भक्ति पाय ||

पुण्य किये पिछले जनम,
दर्शन उसको होय |
देख नज़र भर साईं को.
जग साईं मय होय ||

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For Donation

For donation of Fund/ Food/ Clothes (New/ Used), for needy people specially leprosy patients' society and for the marriage of orphan girls, as they are totally depended on us.

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बाबा के 11 वचन

ॐ साईं राम

1. जो शिरडी में आएगा, आपद दूर भगाएगा
2. चढ़े समाधी की सीढी पर, पैर तले दुःख की पीढ़ी कर
3. त्याग शरीर चला जाऊंगा, भक्त हेतु दौडा आऊंगा
4. मन में रखना द्रढ विश्वास, करे समाधी पूरी आस
5. मुझे सदा ही जीवत जानो, अनुभव करो सत्य पहचानो
6. मेरी शरण आ खाली जाए, हो कोई तो मुझे बताए
7. जैसा भाव रहे जिस जन का, वैसा रूप हुआ मेरे मनका
8. भार तुम्हारा मुझ पर होगा, वचन न मेरा झूठा होगा
9. आ सहायता लो भरपूर, जो माँगा वो नही है दूर
10. मुझ में लीन वचन मन काया, उसका ऋण न कभी चुकाया
11. धन्य-धन्य व भक्त अनन्य, मेरी शरण तज जिसे न अन्य

.....श्री सच्चिदानंद सदगुरू साईनाथ महाराज की जय.....

गायत्री मंत्र

ॐ भूर्भुवः॒ स्वः॒
तत्स॑वितुर्वरे॑ण्यम्
भ॒र्गो॑ दे॒वस्य॑ धीमहि।
धियो॒ यो नः॑ प्रचो॒दया॑त्॥

Word Meaning of the Gayatri Mantra

ॐ Aum = Brahma ;
भूर् bhoor = the earth;
भुवः bhuwah = bhuvarloka, the air (vaayu-maNdal)
स्वः swaha = svarga, heaven;
तत् tat = that ;
सवितुर् savitur = Sun, God;
वरेण्यम् varenyam = adopt(able), follow;
भर्गो bhargo = energy (sin destroying power);
देवस्य devasya = of the deity;
धीमहि dheemahi = meditate or imbibe

these first nine words describe the glory of Goddheemahi = may imbibe ; pertains to meditation

धियो dhiyo = mind, the intellect;
यो yo = Who (God);
नः nah = our ;
प्रचोदयात prachodayat = inspire, awaken!"

dhiyo yo naha prachodayat" is a prayer to God


भू:, भुव: और स्व: के उस वरण करने योग्य (सूर्य) देवता,,, की (बुराईयों का नाश करने वाली) शक्तियों (देवता की) का ध्यान करें (करते हैं),,, वह (जो) हमारी बुद्धि को प्रेरित/जाग्रत करे (करेगा/करता है)।


Simply :

तीनों लोकों के उस वरण करने योग्य देवता की शक्तियों का ध्यान करते हैं, वह हमारी बुद्धि को प्रेरित करे।


The God (Sun) of the Earth, Atmosphere and Space, who is to be followed, we meditate on his power, (may) He inspire(s) our intellect.