शिर्डी के साँई बाबा जी की समाधी और बूटी वाड़ा मंदिर में दर्शनों एंव आरतियों का समय....

"ॐ श्री साँई राम जी
समाधी मंदिर के रोज़ाना के कार्यक्रम

मंदिर के कपाट खुलने का समय प्रात: 4:00 बजे

कांकड़ आरती प्रात: 4:30 बजे

मंगल स्नान प्रात: 5:00 बजे
छोटी आरती प्रात: 5:40 बजे

दर्शन प्रारम्भ प्रात: 6:00 बजे
अभिषेक प्रात: 9:00 बजे
मध्यान आरती दोपहर: 12:00 बजे
धूप आरती साँयकाल: 5:45 बजे
शेज आरती रात्री काल: 10:30 बजे

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निर्देशित आरतियों के समय से आधा घंटा पह्ले से ले कर आधा घंटा बाद तक दर्शनों की कतारे रोक ली जाती है। यदि आप दर्शनों के लिये जा रहे है तो इन समयों को ध्यान में रखें।

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Friday, 14 January 2022

एक विनती साँई जी से

 ॐ सांँई राम



एक विनती साँई जी से

कुछ ऐसी रंगत साँई मेरे सजदो में भर दे
खैरियत मांगू किसी के लिए तो तू पूरी कर दे
कुछ इनायत मेरे हाथों में भी यूँ कर दे
कि छुऐ किसी के ज़ख्म तो इलाज कर दे
कुछ करम इन नज़रों पर भी कर दो मेरे साँई
पड़े किसी पराई नार पर तो वो बहन या मेरे माई कर दे
थोड़ा सा बस रहम दिल इस दिल को भी कर दे
ना करूं क्रोध किसी निर्दोष पर कमजोर समझ कर
कुछ भी ना कर सको तो बस इतना कर दो
बस अपने इस दास का नाम इंसानो में कर दो

साँई इस दास को मछली और खुद को पानी कर दो
जुड़ी रहे ये जिंदगी साँई नाम से ऐसी कुछ कहानी कर दो
साँई नाम का सिंदूर भरू अपनी मांग मे पूरा जीवन
पतिव्रता बना रहूँ तेरे नाम का मैं आजीवन
नारी नहीं हूँ पर नारी का सम्मान जानता है यह दास
जगत जननी है, बेटी है, हर रंग में है वो ही सिर्फ खास

सबूरी मन धर मै शबरी बन बैठा हूँ
आंसुओं से धौ कर बेर रख बैठा हूँ
नज़रे भी अब तो पत्थर कर बैठा हूँ
बस साँई मिलन की आस लिए बैठा हूँ

Thursday, 13 January 2022

श्री साँईं कष्ट निवारण मंत्र

 ॐ सांई राम

श्री साँईं कष्ट निवारण मंत्र



सदगुरू साईं नाथ महाराज की जय
कष्टों की काली छाया दुखदायी है, जीवन में घोर उदासी लायी है l
संकट को टालो साईं दुहाई है, तेरे सिवा न कोई सहाई है l
मेरे मन तेरी मूरत समाई है, हर पल हर शन महिमा गायी है l
घर मेरे कष्टों की आंधी आई है, आपने क्यूँ मेरी सुध भुलाई है l
तुम भोले नाथ हो दया निधान हो, तुम हनुमान हो तुम बलवान हो l
तुम्ही राम और श्याम हो, सारे जग त में तुम सबसे महान हो l
तुम्ही महाकाली तुम्ही माँ शारदे, करता हूँ प्रार्थना भव से तार दे l
तुम्ही मोहमद हो गरीब नवाज़ हो, नानक की बानी में ईसा के साथ हो l
तुम्ही दिगम्बर तुम्ही कबीर हो, हो बुध तुम्ही और महावीर हो l
सारे जगत का तुम्ही आधार हो, निराकार भी और साकार हो l
करता हूँ वंदना प्रेम विशवास से, सुनो साईं अल्लाह के वास्ते l
अधरों पे मेरे नहीं मुस्कान है, घर मेरा बनने लगा शमशान है l
रहम नज़र करो उज्ढ़े वीरान पे, जिंदगी संवरेगी एक वरदान से l
पापों की धुप से तन लगा हारने, आपका यह दास लगा पुकारने l
आपने सदा ही लाज बचाई है, देर न हो जाये मन शंकाई है l
धीरे-धीरे धीरज ही खोता है, मन में बसा विशवास ही रोता है l
मेरी कल्पना साकार कर दो, सूनी जिंदगी में रंग भर दो l
ढोते-ढोते पापों का भार जिंदगी से, मैं गया हार जिंदगी से l
नाथ अवगुण अब तो बिसारो, कष्टों की लहर से आके उबारो l
करता हूँ पाप मैं पापों की खान हूँ, ज्ञानी तुम ज्ञानेश्वर मैं अज्ञान हूँ l
करता हूँ पग-पग पर पापों की भूल मैं, तार दो जीवन ये चरणों की धूल से l
तुमने ऊजरा हुआ घर बसाया, पानी से दीपक भी तुमने जलाया l
तुमने ही शिरडी को धाम बनाया, छोटे से गाँव में स्वर्ग सजाया l
कष्ट पाप श्राप उतारो, प्रेम दया दृष्टि से निहारो l
आपका दास हूँ ऐसे न टालिए, गिरने लगा हूँ साईं संभालिये l
साईजी बालक मैं अनाथ हूँ, तेरे भरोसे रहता दिन रात हूँ l
जैसा भी हूँ , हूँ तो आपका,कीजे निवारण मेरे संताप का l
तू है सवेरा और मैं रात हूँ, मेल नहीं कोई फिर भी साथ हूँ l
साईं मुझसे मुख न मोड़ो, बीच मझधार अकेला न छोड़ो l
आपके चरणों में बसे प्राण है, तेरे वचन मेरे गुरु समान है l
आपकी राहों पे चलता दास है, ख़ुशी नहीं कोई जीवन उदास है l
आंसू की धारा में डूबता किनारा, जिंदगी में दर्द , नहीं गुज़ारा l
लगाया चमन तो फूल खिलायो, फूल खिले है तो खुशबू भी लायो l
कर दो इशारा तो बात बन जाये, जो किस्मत में नहीं वो मिल जाये l
बीता ज़माना यह गाके फ़साना, सरहदे ज़िन्दगी मौत तराना l
देर तो हो गयी है अंधेर ना हो, फ़िक्र मिले लकिन फरेब ना हो l
देके टालो या दामन बचा लो, हिलने लगी रहनुमाई संभालो l
तेरे दम पे अल्लाह की शान है, सूफी संतो का ये बयान है l
गरीबों की झोली में भर दो खजाना, ज़माने के वली करो ना बहाना l
दर के भिखारी है मोहताज है हम, शंहंशाये आलम करो कुछ करम l
तेरे खजाने में अल्लाह की रहमत, तुम सदगुरू साईं हो समरथ l
आये हो धरती पे देने सहारा, करने लगे क्यूँ हमसे किनारा l
जब तक ये ब्रह्मांड रहेगा, साईं तेरा नाम रहेगा l
चाँद सितारे तुम्हे पुकारेंगे, जन्मोजनम हम रास्ता निहारेंगे l
आत्मा बदलेगी चोले हज़ार, हम मिलते रहेंगे बारम्बार l
आपके कदमो में बैठे रहेंगे, दुखड़े दिल के कहते रहेंगे l
आपकी मर्जी है दो या ना दो, हम तो कहेंगे दामन ही भर दो l
तुम हो दाता हम है भिखारी, सुनते नहीं क्यूँ अर्ज़ हमारी l
अच्छा चलो एक बात बता दो, क्या नहीं तुम्हारे पास बता दो l
जो नहीं देना है इनकार कर दो, ख़तम ये आपस की तकरार कर दो l
लौट के खाली चला जायूँगा, फिर भी गुण तेरे गायूँगा l
जब तक काया है तब तक माया है,इसी में दुखो का मूल समाया है l
सब कुछ जान के अनजान हूँ मैं, अल्लाह की तू शान तेरी शान हूँ मैं l
तेरा करम सदा सब पे रहेगा,ये चक्र युग-युग चलता रहेगा l
जो प्राणी गायेगा साईं तेरा नाम, उसको मुक्ति मिले पहुंचे परम धाम l
ये मंत्र जो प्राणी नित दिन गायेंगे, राहू, केतु, शनि निकट ना आयेंगे l
टाल जायेंगे संकट सारे, घर में वास करें सुख सारे l
जो श्रधा से करेगा पठन, उस पर देव सभी हो प्रसन्न l
रोग समूल नष्ट हो जायेंगे, कष्ट निवारण मंत्र जो गायेंगे l
चिंता हरेगा निवारण जाप, पल में दूर हो सब पाप l
जो ये पुस्तक नित दिन बांचे, श्री लक्ष्मीजी घर उसके सदा विराजे l
ज्ञान , बुधि प्राणी वो पायेगा, कष्ट निवारण मंत्र जो धयायेगा l
ये मंत्र भक्तों कमाल करेगा, आई जो अनहोनी तो टाल देगा l
भूत-प्रेत भी रहेंगे दूर, इस मंत्र में साईं शक्ति भरपूर l
जपते रहे जो मंत्र अगर, जादू-टोना भी हो बेअसर l
इस मंत्र में सब गुण समाये, ना हो भरोसा तो आजमाए l
ये मंत्र साईं वचन ही जानो, स्वयं अमल कर सत्य पहचानो l
संशय ना लाना विशवास जगाना, ये मंत्र सुखों का है खज़ाना l
इस पुस्तक में साईं का वास, जय साईं श्री साईं जय जय साईं

Wednesday, 12 January 2022

साँईं की याद में मैंने, एक दीप जला रखा है....

ॐ सांई राम



साँईं की याद में मैंने,
एक दीप जला रखा है.
अपनी साँसों के तेल से,
रोशन किया रखा है.
मैं तो हूँ मेजबान,
उनके रहमो करम का
उन्हें तो अपने दिल का,
मेहमान बना रखा है.

इतनी कृपा करदे ओ "साँईं"
तेरे चरणों में जीवन बिताए
हम रहे इस जगत में कही भी
तेरी चोखट को ना भूल पाए
इतने कमजोर है हम ऐ "मैया"
जोर कुछ भी चले ना हमारा
ऐसी हालत में इतना तो सोचो
हमको कैसे मिलेगा किनारा
करदे ऐसा जतन ओ "साँईं"
तेरी किरपा का वरदान पाए
प्रेम बंधन में यु हमको बांधो
डोर बंधन की टूटे कभी ना
अपनी पायल का घुंघरू बना लो
दास चरणों से छूटे कभी ना
अपने चरणों से ऐसे लगालो

तेरे चरणों का गुणगान गाये
इतनी कृपा करदे ओ "साँईं"
तेरे चरणों में जीवन बिताए
हम रहे इस जगत में कही भी
तेरी चोखट को ना भूल पाए !

जो जन करे रक्त दान
पावे सुख शांति और मान
साईं सवारे उसका जीवन

जिसके रक्त से बच जावे जान 

Tuesday, 11 January 2022

"सबका मालिक एक है"

ॐ सांई राम


 रंग अलग है रूप
अलग है ,भाव सब में एक है
घाट अलग है ,लहरे अलग है,
जल तो सब में एक है ||
काले गोरे पीले तन में,
खून का रंग तो एक है ,
प्रेम की भाषा अलग अलग है,
प्रेम तो सब में एक है ||
पेड,पोधे अलग अलग है,
तत्व तो सब में एक है
मताए सबकी अलग अलग है,
ममता तो सब एक है ||
गाव, शहर, देश सबके अलग अलग है,
पर घरती तो एक है ,
गाय अलग अलग रंगों की है,
दूध का रंग तो एक है ||
खाना सबका अलग अलग है,
पर भूख सबकी एक है,
वेशभूषा सबकी अलग अलग है,
जीवन सबका एक है ||



सोच सबकी अलग अलग है,
पर ज्ञान सबमे एक है ,
सब करते साईं का शुकराना,
अलग अलग तरीके से,
जिसने हमें ये समझाया की
"सबका मालिक एक है"
!! शुभ प्रभात !!

Monday, 10 January 2022

सृष्टि के कण-कण में भगवान समाये हैं....

 ॐ सांई राम




सृष्टि के कण-कण में भगवान समाये हैं....

एक गांव मे एक मंदिर मे एक पुजारी था और बो बड़े नियम से भगवान की पूजा करता था और उसको या गांव वालो को कोई भी परेशानी होती थी तो बो कहता था धैर्य रखो भगवान सब ठीक कर देगा और सचमुच परेशानिया ठीक हो जाती थी .......एक बार गांव मे बहुत जोर की बाढ़ आ गयी और सब डूबने लगा तो लोग पुजारी के पास गए तो उसने कहा की धैर्य रखो सब ठीक हो जायेगा मैं भगवान की इतनी पूजा करता हूँ सब ठीक हो जायेगा ,लेकिन पानी बढ़ने लगा और गांव वाले भागने लगे और पुजारी से बोले की अब तो पानी मंदिर मे भी आने लगा हें आप भी निकल चलो यहाँ से लेकिन पुजारी ने फिर बही कहा की मैं इतनी पूजा करता हूँ तो मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा तुम लोग जाओ मैं नहीं जाऊँगा.....फिर कुछ दिनों मे पानी और बढ़ा और मंदिर मे घुस गया तो पुजारी मंदिर पर चढ गया ...फिर उधर से एक नाव आई और उसमे कुछ बुजुर्ग लोगो ने पुजारी से कहा की सब लोग भाग गए हें और यह आखिरी नाव हें आप भी आ जाओ इसमें क्योकि पानी और बढ़ेगा ऐसा सरकार का कहना हें नहीं तो आप डूब जाओगे तो पुजारी ने फिर कहा की मेरा कुछ नहीं होगा क्योकि मैने इतनी पूजा करी हें जिंदगी भर तो भगवान मेरी मदद करेगे और फिर बो नाव भी चली गयी ......कुछ दिनों मे और पानी और बढ़ा तो पुजारी मंदिर मे सबसे ऊपर लटक गया और पानी जब उसकी नाक तक आ गया तो बो त्रिशूल पर लटक गया और भगवान की प्रार्थना करने लगा की भगवान बचाओ मैने आपकी बहुत पूजा की हें तो कुछ देर मे एक सेना का हेलिकॉप्टर आ गया और उसमे से सैनिको ने लटक कर हाथ बढ़ाया और कहा की हाथ पकड़ लो किन्तु फिर बो पुजारी उनसे बोला की मैने जिंदगी भर भगवान की पूजा करी हें मेरा कुछ नहीं होगा और उसने किसी तरह हाथ नहीं पकड़ा और परेशान होकर सैनिक चले गए ...फिर थोड़ी देर मे पानी और बढ़ा और उसकी नाक मे घुस गया और पुजारी मर गया.......


मरने के बाद पुजारी स्वर्ग मे गया और जैसे ही उसे भगवान जी दिखे तो बो चिल्लाने लगा की जिंदगी भर मैने इतनी इमानदारी से आप लोगो की पूजा करी फिर भी आप लोगो ने मेरी मदद नहीं की ...तो भगवान जी बोले की अरे पुजारी जी जब पहली बार जो लोग आप से चलने को कह रहे थे तो बो कौन था अरे बो मैं ही तो था ...फिर नाव मे जो बुजुर्ग आप से चलने को कह रहे थे बो कौन था वो मैं ही तो था और फिर बाद मे हेलिकॉप्टर मे जो सैनिक आप को हाथ दे कर कह रहा था बो कौन था बो मैं ही तो था किन्तु आप मुंझे उस रूप मे पहचान ही नहीं पाए तो मैं क्या करू ..... अरे मैं जब किसी मनुष्य की मदद करूँगा तो मनुष्य के रूप मे ही तो करूँगा चाहे वो रूप डॉक्टर का हो या गुरु का हो या किसी अच्छे इंसान का या माँ , बाप भाई या बहन का या दोस्त का लेकिन उस रूप मे आप लोग मुंझे पहचान ही नहीं पाते हो तो मैं क्या करू ..... मेरी बाणी को पहचानने के लिए ध्यान बहुत जरूरी हें और योग भी तभी इंसान मेरी बाणी को इंसान मे भी पहचान जायेगा क्योकि सच्चे आदमियो मे मेरी ही बाणी होती हें

Sunday, 9 January 2022

हर जन ठिकरा साल के नाम पीटता है

 ॐ सांँई राम जी



बहुत बुरा गुजरा यह साल
इस साल हुई बहुतेरी कमाई
बेटा लाया हैं निकम्मी बहू
बेटी की शादी ने लुटिया डुबाई
कुछ भी हो कुछ भी बीतता है
हर जन ठिकरा साल के नाम पीटता है
कर्मों की मैली चादर ओढ़े रहता है
साल को बड़िया घटिया के ताने कहता है
कभी नाम सुमिरन की माला जपी नहीं
रोटी भी तब तक नही पकती गर आँच पर तपी नहीं
उजले ही कर्म तेरे काम आयेंगे रे बंदे
वर्ना रह जायेंगे जीवन मे दुख के फंदे
जब तक लगा रहा था लोगो का तांता
किसी ने सुख तो किसी ने दुख बांटा
अपनी अपनी ढपली अपनी बजाते ताल
कोई नही है सगा अपना जो पुछे तेरा हाल
गर तू जपता रहता हरि नाम की माला
तुझ जैसे बछड़े का होता बंसी वाला ग्वाला

For Donation

For donation of Fund/ Food/ Clothes (New/ Used), for needy people specially leprosy patients' society and for the marriage of orphan girls, as they are totally depended on us.

For Donations, Our bank Details are as follows :

A/c - Title -Shirdi Ke Sai Baba Group

A/c. No - 200003513754 / IFSC - INDB0000036

IndusInd Bank Ltd, N - 10 / 11, Sec - 18, Noida - 201301,

Gautam Budh Nagar, Uttar Pradesh. INDIA.