शिर्डी के साँई बाबा जी की समाधी और बूटी वाड़ा मंदिर में दर्शनों एंव आरतियों का समय....

"ॐ श्री साँई राम जी
समाधी मंदिर के रोज़ाना के कार्यक्रम

मंदिर के कपाट खुलने का समय प्रात: 4:00 बजे

कांकड़ आरती प्रात: 4:30 बजे

मंगल स्नान प्रात: 5:00 बजे
छोटी आरती प्रात: 5:40 बजे

दर्शन प्रारम्भ प्रात: 6:00 बजे
अभिषेक प्रात: 9:00 बजे
मध्यान आरती दोपहर: 12:00 बजे
धूप आरती साँयकाल: 7:00 बजे
शेज आरती रात्री काल: 10:30 बजे

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निर्देशित आरतियों के समय से आधा घंटा पह्ले से ले कर आधा घंटा बाद तक दर्शनों की कतारे रोक ली जाती है। यदि आप दर्शनों के लिये जा रहे है तो इन समयों को ध्यान में रखें।

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Saturday, 21 November 2015

कृपा करो दीन दयाल...

ॐ सांई राम



साईं हम पर कृपा करो,
बालक हैं अनजान |
मंदबुद्धि हम जीव हैं,
हमको लो आन संभाल |
व्रत आपका कर रहे,
दो आशीष यह आन |
विध्न पड़े न इसमें कोई,
कृपा करो दीन दयाल |


साईं नाम जो मन से ध्याता,
अंतर्मन उसका मिट जाता
पूरन होते है सब काम,
मिलकर बोलों ॐ सांई राम ...

Friday, 20 November 2015

बाबा! जो तुम से मिला है, वही अंत तक रहेगा।

ॐ सांई राम



बाबा! जो तुम से मिला है,
वही अंत तक रहेगा।
कोई कुछ भी कर ले,
मुझसे मेरी श्रद्धा ना ले पाएगा
मेरे विचार मेरे भाव,
तुम्हारी कृपा को
मुझसे जुदा ना कर पाएगा।
जो तुम से मिला है
वही अंत तक रहेगा।
मैंने कुछ गरीबों को
बङी-बङी गाङियों में
तुम्हारे पास आते हुए देखा है
उन्हें तुच्छ चीज़ों के लिये
गिङगिङाते हुए देखा है
और कुछ कंगालों को
मुस्कुराते हुए देखा है
मैंने कुछ स्वस्थ लोगों को
व्यर्थ ही जीवन बिताते हुए देखा है
और कुछ अपंगों को प्रसन्न मुद्रा में
तुम्हारा छाता उठाते देखा है
मैं तो कहता हूँ तुम उन गरीबों को
और अमीर कर दो
लेकिन साथ ही उन्हे सुविचार दे दों
उन्हें अपना प्यार दे दों
क्योंकि जो तुम से मिला है
केवल वही अंत तक रहेगा ||

 

जय सांई राम!!!जय सांई राम!!!जय सांई राम!!!

Thursday, 19 November 2015

श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 8

ॐ सांई राम


आप सभी को शिर्डी के साईं बाबा ग्रुप की और से साईं-वार की हार्दिक शुभ कामनाएं |

हम प्रत्येक साईं-वार के दिन आप के समक्ष बाबा जी की जीवनी पर आधारित श्री साईं सच्चित्र का एक अध्याय प्रस्तुत करने के लिए श्री साईं जी से अनुमति चाहते है |

हमें आशा है की हमारा यह कदम घर घर तक श्री साईं सच्चित्र का सन्देश पंहुचा कर हमें सुख और शान्ति का अनुभव करवाएगा| किसी भी प्रकार की त्रुटी के लिए हम सर्वप्रथम श्री साईं चरणों में क्षमा याचना करते है|



श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 8
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मानव जन्म का महत्व, श्री साईबाबा की भिक्षा-वृत्ति, बायजाबई की सेवा-शुश्रूशा, श्री साईबाबा का शयनकक्ष, खुशालचन्त पर प्रेम ।
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जैसा कि गत अध्याय में कहा गया है, अब श्री हेमाडपन्त मानव जन्म की महत्ता को विस्तृत रुप में समझातेहैं । श्री साईबाबा किस प्रकार भिक्षा उपार्जन करते थे, बायजाबाई उनकी किस प्रकार सेवा-शुश्रूशा करती थी, वे मसजिद में तात्या कोते और म्हालसापति के साथ किस प्रकार शयन करते तथा खुशानचन्द पर उनका कैसा स्नेह था, इसका आगे वर्णन किया जायेगा ।

Wednesday, 18 November 2015

मैं खिलोना हूं हाथों का भगवन तेरे...

ॐ सांई राम



काम मेरा है चाहत करूं दीद की,
रुख़ से पर्दा हटाना तेरा काम है
काम है मेरा साँई तुझे देखना,
आगे जलवा दिखाना तेरा काम है
मुझको तेरे करम पे है पूरा यकीं,
मुझको ज़िन्दगी की कोई परवाह नही
काम है मेरा दर पे मैं जाऊँ मगर,
मुझको दर पे बुलाना तेरा काम है
भक्त का काम है कि वो सिमरन करे,
साँई का काम है खाली दामन भरे
काम मेरा है ज्योति जलाना तेरी,
सोयी किस्मत जगाना तेरा काम है




आ भी जाओ प्रभु दो घड़ी के लिये,
मेरा आज़ाद वक्ते सफ़र आ गया
काम मेरा है आवाज़ देना तुझे,
आगे आना न आना तेरा काम है
मैं खिलोना हूं हाथों का भगवन तेरे,
मेरी क्या ज़िन्दगी, मेरी औकात क्या
काम मेरा है बन बन के नित टूटना,
तोड़ना या बनाना तेरा काम है ||

Tuesday, 17 November 2015

राम लिखा, रहमान लिखा....

ॐ सांई राम



राम लिखा, रहमान लिखा, ईसा, रब, सत नाम लिखा
होड़ लगी जब सारी दुनिया, एक शब्द में लिखने की
सब ने सब दुनिया लिख डाली, मैंने साईं माँ का नाम लिखा ||


ॐ सांई राम
हे साई सदगुरु । भक्तों के कल्पतरु । हमारी आपसे प्रार्थना है कि आपके अभय चरणों की हमें कभी विस्मृति न हो । आपके श्री चरण कभी भी हमारी दृष्टि से ओझल न हों । हम इस जन्म-मृत्यु के चक्र से संसार में अधिक दुखी है । अब दयाकर इस चक्र से हमारा शीघ्र उद्घार कर दो । ...हमारी इन्द्रियाँ, जो विषय-पदार्थों की ओर आकर्षित हो रही है, उनकी बाहृ प्रवृत्ति से रक्षा कर, उन्हें अंतर्मुखी बना कर हमें आत्म-दर्शन के योग्य बना दो । जब तक हमारी इन्द्रयों की बहिमुर्खी प्रवृत्ति और चंचल मन पर अंकुश नहीं है, तब तक आत्मसाक्षात्कार की हमें कोई आशा नहीं है । हमारे पुत्र और मीत्र, कोई भी अन्त में हमारे काम न आयेंगे । हे साई । हमारे तो एकमात्र तुम्हीं हो, जो हमें मोक्ष और आनन्द प्रदान करोगे । हे प्रभु । हमारी तर्कवितर्क तथा अन्य कुप्रवृत्तियों को नष्ट कर दो । हमारी जिहृ सदैव तुम्हारे नामस्मरण का स्वाद लेती रहे । हे साई । हमारे अच्छे बुरे सब प्रकार के विचारों को नष्ट कर दो । प्रभु । कुछ ऐसा कर दो कि जिससे हमें अपने शरीर और गृह में आसक्ति न रहे । हमारा अहंकार सर्वथा निर्मूल हो जाय और हमें एकमात्र तुम्हारे ही नाम की स्मृति बनी रहे तथा शेष सबका विस्मरण हो जाय । हमारे मन की अशान्ति को दूर कर, उसे स्थिर और शान्त करो । हे साई । यदि तुम हमारे हाथ अपने हाथ में ले लोगे तो अज्ञानरुपी रात्रि का आवरण शीघ्र दूर हो जायेगा और हम तुम्हारे ज्ञान-प्रकाश में सुखपूर्वक विचरण करने लगेंगे । यह जो तुम्हारा लीलामृत पान करने का सौभाग्य हमें प्राप्त हुआ तथा जिसने हमें अखण्ड निद्रा से जागृत कर दिया है, यह तुम्हारी ही कृपा और हमारे गत जन्मों के शुभ कर्मों का ही फल है ।

Monday, 16 November 2015

कर भला हर इन्सान का...

ॐ सांई राम




साईं अरदास करूँ चरणों में तेरे,
कर भला हर इन्सान का...
कोई न हो दुखी,
कोई न रहे,
भूखा या प्यासा इस जहाँ में...
दुखी दिलो का सहारा तू,
 कर दुःख दूर हर इंसान का....
मेरा भी दुःख दूर कर,
हमेशा रहू गाता,
गुण गान तेरे नाम का ....
साईं दाता है तू सब का,
पालनहार तेरे बच्चों का ....
शिर्डी साईं नाम शक्ति,
भक्ति और महान है तू
पापी है हम दे,
सब को सहारा अपने नाम का
जय साईं देवा,
करो साईं सेवा,
खाओ साईं नाम का मेवा ...
जय हो साईं देवा ...



Sunday, 15 November 2015

साईं कहते हैं.......

ॐ सांई राम



साईं कहते हैं.......
तुम दो कदम बढ़ो मैं दस कदम बढूँगा ||
तुम ध्यान मेरा लगाओ,
मैं हाज़िर हो जाऊँगा |
तुम दो कदम बढ़ो मैं दस कदम बढूँगा ||

क्या दिल में तुम्हारे हैं सब जानता हूँ मैं, क्या कर्म हैं तुम्हारे पहचानता हूँ मैं,
तू मेरे वचन से चलेगा तू मेरे वचन से चलेगा, तकदीर बना दूंगा |
तुम दो कदम बढ़ो मैं दस कदम बढूँगा ||

तेरी डूबती नैया का माझी बन जाऊँगा, तू छोड़ दे चिंता आंधी को रोक लूँगा,
तू रख दे मुझ पे भरोसा, तू रख दे मुझ पे भरोसा नैया पार करवा दूंगा |
तुम दो कदम बढ़ो मैं दस कदम बढूँगा ||

तू आगे चलता जा तेरे पीछे मैं रहूँगा, तू थक गया राहों में मैं तुझको उठा कर लूँगा,
हर वक्त हर घड़ी, हर वक्त हर घड़ी हमसाया बन के रहूँगा |
तुम ध्यान मेरा लगाओ,
मैं हाज़िर हो जाऊँगा |
तुम दो कदम बढ़ो मैं दस कदम बढूँगा ||

|| अनंतकोटी ब्रह्मांड नायक राजाधिराज योगिराज परब्रम्ह
श्री सच्चिदानंद सद्गुरु श्री साईंनाथ महाराज की जय ||

For Donation

For donation of Fund/ Food/ Clothes (New/ Used), for needy people specially leprosy patients' society and for the marriage of orphan girls, as they are totally depended on us.

For Donations, Our bank Details are as follows :

A/c - Title -Shirdi Ke Sai Baba Group

A/c. No - 200003513754 / IFSC - INDB0000036

IndusInd Bank Ltd, N - 10 / 11, Sec - 18, Noida - 201301,

Gautam Budh Nagar, Uttar Pradesh. INDIA.