शिर्डी के साँई बाबा जी की समाधी और बूटी वाड़ा मंदिर में दर्शनों एंव आरतियों का समय....

"ॐ श्री साँई राम जी
समाधी मंदिर के रोज़ाना के कार्यक्रम

मंदिर के कपाट खुलने का समय प्रात: 4:00 बजे

कांकड़ आरती प्रात: 4:30 बजे

मंगल स्नान प्रात: 5:00 बजे
छोटी आरती प्रात: 5:40 बजे

दर्शन प्रारम्भ प्रात: 6:00 बजे
अभिषेक प्रात: 9:00 बजे
मध्यान आरती दोपहर: 12:00 बजे
धूप आरती साँयकाल: 7:00 बजे
शेज आरती रात्री काल: 10:30 बजे

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निर्देशित आरतियों के समय से आधा घंटा पह्ले से ले कर आधा घंटा बाद तक दर्शनों की कतारे रोक ली जाती है। यदि आप दर्शनों के लिये जा रहे है तो इन समयों को ध्यान में रखें।

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Saturday, 5 September 2015

साँई कलियुग ब्रह्म अवतार... आप सभी को श्री कृष्ण जन्माष्टमी हार्दिक शुभ कामनायें

ॐ साँई राम


आप सभी को श्री कृष्ण जन्माष्टमी हार्दिक शुभ कामनायें


 साँई के हित दीप बनाऊं।
सत्वर माया मोह जलाऊं।
विराग प्रकाश जगमग होवें।
राग अन्ध वह उर का खावें॥
पावन निष्ठा का सिंहासन।
निर्मित करता प्रभु के कारण।
कृपा करें प्रभु आप पधारें।
अब नैवेद्य-भक्ति स्वीकारें॥
भक्ति-नैवेद्य प्रभु तुम पाओं।
सरस-रास-रस हमें पिलाओं।
माता, मैं हूँ वत्स तिहारा।
पाऊं तव दुग्धामृत धारा॥
मन-रूपी दक्षिणा चुकाऊं।
मन में नहीं कुछ और बसाऊं।
अहम् भाव सब करूं सम्पर्ण।
अन्तः रहे नाथ का दर्पण॥
बिनती नाथ पुनः दुहराऊं।
श्री चरणों में शीश नमाऊं।
साँई कलियुग ब्रह्म अवतार।
करों प्रणाम मेरे स्वीकार॥

Friday, 4 September 2015

साँईं वचन: साँईं नाम सुहाए

ॐ साँई राम


साँईं वचन:
"जो दुसरो को पीड़ा पहुँचाता है, वह मेरे ह्रदय को दुःख देता है, तथा मुझे कष्ट पहुँचाता है| इसके विपरीत जो स्वयं कष्ट सहन करता है, वह मुझे अधिक प्रिय है|
सदा भक्त के ध्यान में
साँईं नाम सुहाए
जो आये श्री चरणों में
पाप मुक्त हो जाये||

 

जीवन बाबा साँईं का
जान सके न कोई
भाव अनन्य भक्तगन
श्री चरणों में खोये||

Thursday, 3 September 2015

श्री साँई सच्चरित्र - अध्याय 48


ॐ सांई राम




आप सभी को शिर्डी के साँई बाबा ग्रुप की ओर साईं-वार की हार्दिक शुभ कामनाएं , हम प्रत्येक साईं-वार के दिन आप के समक्ष बाबा जी की जीवनी पर आधारित श्री साईं सच्चित्र का एक अध्याय प्रस्तुत करने के लिए श्री साईं जी से अनुमति चाहते है , हमें आशा है की हमारा यह कदम  घर घर तक श्री साईं सच्चित्र का सन्देश पंहुचा कर हमें सुख और शान्ति का अनुभव करवाएगा, किसी भी प्रकार की त्रुटी के लिए हम सर्वप्रथम श्री साईं चरणों में क्षमा याचना करते है...


श्री साँई सच्चरित्र - अध्याय 48 - भक्तों के संकट निवारण
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1. शेवड़े और
2. सपटणेकर की कथाएँ ।

अध्याय के प्रारम्भ करने से पूर्व किसी ने हेमाडपंत से प्रश्न किया कि साईबाबा गुरु थे या सदगुरु । इसके उत्तर में हेमाडपंत सदगुरु के लक्षणों का निम्नप्रकार वर्णन करते है ।

Wednesday, 2 September 2015

जान ले ए-इंसान, सबका मालिक एक है......

ॐ सांई राम



मैंने देखा है सुबह शाम कीर्तन में लीन पापी पुजारियों को
मैंने देखा है कई दरख़्त-से, पांच वक्त के नापाक नमाजियो को
मैं नहीं रहता किसी मंदिर मस्जिद गिरजा या गुरूद्वारे में
नहीं रहता मैं, आडम्बर और नियमों के गलियारे में
बसेरा मेरा पाक-साफ़ दिल, मोहब्बत जिसकी सेज है
इंसानियत रूह मेरी.. मंजिल अमन और रूहानियत नेक है
अब भी वक्त है जान ले ए-इंसान, सबका मालिक एक है......

!!साँईं बाबा अपने पवित्र चरणकमल ही
हमारी एकमात्र शरण रहने दो!!

ॐ साँईं राम

Tuesday, 1 September 2015

साँई के बस में है सकल संसार

ॐ सांई राम


साँई समान कोई और न दूजा।
हर जन करता उनकी पूजा।
बाबा जिन्हें शिरडी हैं बुलाते।
उनके सब पाप-संताप मिटाते।
साँई के बस में है सकल संसार।
वे ही है शरणागत के प्राणाधार।
मनमोहक है मेरे साँई का रूप।
हो जैसे दिन की सुहानी धूप।
जो ह्रदय से साँई नाम ध्याये।
वह मनवांछित सुख-संपदा पाए।
शामा को सर्पदंश से बचाने वाले।
और पानी से दीये जलाने वाले।
जिन की उदी करती जन-कल्याण।
ऐसे साँई को मेरा कोटि-कोटि प्राणाम

Monday, 31 August 2015

श्रद्धा रख सब्र से काम ले अल्लाह भला करेगा.....!

ॐ सांई राम



" बाबा ने कहा "श्रद्धा रख सब्र से काम ले अल्लाह भला करेगा." ये विशवास और आश्वासन हमेशा से भक्तो के लिए एक उजाले की किरण बनता रहा है. धुपखेडा गाँव के चाँद पाटिल से लेकर आज तक जिसने भी अपने मन में ये श्रीसाईं के इन दो शब्दों को बसा लिया उसका पूरी दुनिया तो क्या स्वयं प्रारब्ध या कहें की 'होनी' भी कुछ नहीं बिगाड़ सकती. सिर्फ एक अटल विश्वाश और अडिग यकीन आपको सारी मुसीबतों और तकलीफों के पार ले जा सकता है|

बहुत से भक्तो को बाबा की श्रद्धा-सबूरी का मतलब आज भी स्पष्ट नहीं है. वास्तव में बाबा ने कहा था कि अपने ईष्ट, अपने गुरु, अपने मालिक पर श्रद्धा रखो. ये विश्वास रखो कि भवसागर को पार अगर कोई करा सकता है तो वो आपका ईष्ट, गुरु, और मालिक है. अपने मालिक की बातों को ध्यान से सुनो और उनका अक्षरक्ष पालन करो. बाबा को पता था कि केवल किसी पर विश्वास रखना ही काफी नहीं है. विश्वास की डूबती-उतरती नाव का कोई भरोसा नहीं है इसीलिए बाबा ने इस पर सबूरी का लंगर डाल दिया था. किसी पर विश्वास करना है और इस हद तक करना है कि कोई उस विश्वास को डिगा ना सके चाहे कितने ही साल और जनम लगें. जैसा कि पहले हमने बताया दुःख दूर होना है और होगा मगर उस समय तक पहुँचने के लिए एक सहारा चाहिए और वो सहारा है

श्रद्धा और सबूरी..........


"Baba said," keep the faith Be patient taking God will bless. "The belief and assurance Hchto always a ray of light is created. Dhupakeda Chand Patil of village from which his mind till date of this Srisaian These two words have settled the whole world what his own fate or rather the 'be' can also harm. Biswash only one firm and immovable sure you can get beyond all the troubles and problems.
Many of the trust Hchto Baba - Sburi means is still unclear. In fact Baba said that his Esht, your mentor, your boss trust in yourself. The faith that anyone can make it, they crossed Haasaghar your Esht, master, and owner. Listen carefully to the words of his boss and his Aksharksha obey. Baba knew that just is not enough to trust someone. Sinking of faith - there is no guarantee of boats descend on this Sburi why Baba had put the anchor. Someone to trust and to the extent that no matter how that trust can not diga same year and they may give birth. As previously reported, we will have to be misery, but to reach that point and that one must resort to resort
Faith (Shradha) and Patience (Saburi) ..........
Jai Sai Ram

Sunday, 30 August 2015

बात बाबा की निकली वो महीन नहीं

सोचा थोड़ा भीड़ से किनारा कर लूँ
थोड़ा गुमनामी में रह कर गुजारा कर लूँ
परिवार को कैसे भीड़ का हिस्सा कर लूँ
बिना सांसों के मैं कैसे दम भर लूँ

नीर बिना रहे कभी मीन नहीं
साँईं नाम बिना कोई जीन नहीं
दर पर माथा टेके वो हीन नहीं
बात बाबा की निकली वो महीन नहीं

साँईं - मैनु इको तेरा आसरा.......

ॐ श्री साँई राम जी





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