शिर्डी के साँई बाबा जी की समाधी और बूटी वाड़ा मंदिर में दर्शनों एंव आरतियों का समय....

"ॐ श्री साँई राम जी
समाधी मंदिर के रोज़ाना के कार्यक्रम

मंदिर के कपाट खुलने का समय प्रात: 4:00 बजे

कांकड़ आरती प्रात: 4:30 बजे

मंगल स्नान प्रात: 5:00 बजे
छोटी आरती प्रात: 5:40 बजे

दर्शन प्रारम्भ प्रात: 6:00 बजे
अभिषेक प्रात: 9:00 बजे
मध्यान आरती दोपहर: 12:00 बजे
धूप आरती साँयकाल: 5:45 बजे
शेज आरती रात्री काल: 10:30 बजे

************************************

निर्देशित आरतियों के समय से आधा घंटा पह्ले से ले कर आधा घंटा बाद तक दर्शनों की कतारे रोक ली जाती है। यदि आप दर्शनों के लिये जा रहे है तो इन समयों को ध्यान में रखें।

************************************

Monday, 5 May 2014

साईं इक वारी दरस विखा , बड़ी मेहरबानी होवेगी

ॐ श्री साँईं राम जी


साईं इक वारी दरस विखा , बड़ी मेहरबानी होवेगी
सानु भुलियाँ नू गल नाल ला , ओ ....
बड़ी  मेहरबानी होवेगी

असां ते मुहब्बतां  तेरे नाल लाईयां
   तेरे दर्शन लयी पलकां विछाईयाँ
कदी सानू वि तां ममता विखा
 बड़ी मेहरबानी  होवेगी

साडे माड़े  करमां नूँ, दिलों तूं भुला दे
भगती दा रसता, सानु वी विखा दे
सिला सजदे दा देण साईं आ
बड़ी मेहरबानी होवेगी 
विछोड़े दा गम हुण , सहया नहियों जांदा ए
तेरे बाझों साईं हुण , जीया नहियों जांदा ए
हंजू खून दे तूं होर ना रवा,
बड़ी   मेहरबानी होवेगी

 जग विच साडे नाल , होयियाँ बेवफायियाँ ने
दुखां दि कहानी असां, तेनु ही सुनायियां ने
सानु दुखियां नू होर न दुखा
बड़ी मेहरबानी होवेगी

जिसको मिला है साईं का साया

ॐ श्री साँईं राम जी



संवरते देखे हैं लाखों जीवन
अंजाम पाते हजारों अफ़साने
जिसको मिला है साईं का साया
साईं की रहमत वो ही जाने

आया दुनिया में अगर , शुक्र साईं  का तू कर,
भक्ति की नाव में चल , काट जीवन का सफ़र
जिंदगी की ये डगर, कर दे साईं को नज़र
सब है साईं को खबर ,सब है बाबा को खबर

माया जंजाल में क्यूँ,  रूह भटक जाती है
झूठी तस्वीर भी क्यूँ , सच्ची नज़र आती है
उसके क़दमों में तुझे आसरा जो मिल जाये 
एक पल में ही मुकद्दर तेरा बदल जाये 
साईं जो रहम करे ,...साईं जो रहम करे .....
बदले अंदाज़े नज़र. बदले अंदाज़े नज़र
सब है साईं को खबर , सब है बाबा  को खबर

साईं चाहे तो बुरा, वक्त भी टल जाता है
उसकी रहमत से रूठा भाग्य बदल जाता है
साईं की चौखट पे जो भी चढ़ के जाता है 
उसका दुःख और ग़म साईं का हो जाता है 
बन्दे तुझको क्या खबर ..., बन्दे तुझको क्या खबर ...,
तेरी मंजिल है किधर  , तेरी मंजिल है किधर  ,
सब है साईं को खबर , सब है बाबा  को खबर

जाने किस मोड़ पे किस रूप में वो मिल जाये,
उसके क़दमों तले कहीं ज़िन्दगी ही मिल जाये 
गर  तू पहचान ले तो ये उसकी  इनायत है
उसके साये में ही बन्दे तेरी हिफाज़त है 
गर तू  साईं का हुआ ....,गर तू  साईं का हुआ ....,
 होगी आसान  डगर, होगी आसान डगर ,
सब है साईं को ख़बर , सब है बाबा को ख़बर

आग में जलते हुए बच्चे को बचाया उसने
रोगी मजबूर को गले से लगाया उसने
    दर्द दिल में लेके जो भी सवाली आये
 उसके दर से कभी हरगिज़ न वो खाली  जाये
नेक कर्मों पे ही तो  ...., नेक  कर्मों पे ही तो ....,
 रहती साईं की नज़र
अपने फर्जो को न कर , बन्दे अंदाज़ ए नज़र
सब है साईं को ख़बर , सब है बाबा को ख़बर

Saturday, 3 May 2014

द्वारकामाई की महिमा

ॐ साईं राम


द्वारकामाई की महिमा

जय हो जय हो द्वारकामाई , यहाँ रहते है मेरे साईं 
भक्तों इनको करो प्रणाम, बनते सबके बिगरे काम 
होती यहाँ सबकी सुनवाई , जय हो जय हो द्वारकामाई 

यहाँ पर धुनी जलती है, जिससे उदी बनती है 
जो हर दावा मैं काम आई, जय हो जय हो द्वारकामाई


यहाँ जो दुखिया आता है , वो भव से तर जाता है 
साईं ने यहाँ अमृत बरसाई , पावन हो जाओ मेरे भाई 
जय हो जय हो द्वारकामाई 
 
यहाँ साईं ने पानी से दिये जलाये है , अपने चमत्कार दिखाये है 
श्रद्धा सबुरी का पाठ पढाये है , सबका मालिक एक की बात बताये है 
जय हो जय हो द्वारकामाई 

यहाँ सबकी झोली भरती है , यह सबका पेट भरती है 

यह द्वारकामाई सबकी माई है ,जय हो जय हो द्वारकामाई 

यह ग्यारह वचन निभाती है , सबकी बिगड़ी बनाती है 



मन मैं विश्वास रखो मेरे भाई , इसके दर्शन करो भाई 
जय हो जय हो द्वारकामाई

Friday, 2 May 2014

सांई से हो गई मुलाकात

ॐ साईं राम





यूँ ही एक दिन चलते-चलते सांई से हो गई मुलाकात। 
जब अचानक सांई सच्चरित्र की पाई एक सौगात। 
फिर सांई के विभिन्न रूपों के मिलने लगे उपहार। 
तब सांई ने बुलाया मुझको शिरडी भेज के तार। 
सांई सच्चरित्र ने मुझ पर अपना ऐसा जादू डाला। 
सांई नाम की दिन-रात मैं जपने लगा फिर माला। 
घर में गूँजने लगी हर वक्त सांई गान की धुन। 
मन के तार झूमने लगे सांई धुन को सुन। 
धीरे-धीरे सांई भक्ति का रंग गाढ़ा होने लगा। 
और सांई कथाओं की खुश्बूं में मन मेरा खोने लगा। 
सांई नाम के लिखे शब्दों पर मैं होने लगी फिदा। 
अब मेरे सांई को मुझसे कोई कर पाए गा ना जुदा। 
हर घङी मिलता रहे मुझे सांई का संतसंग। 
सांई मेरी ये साधना कभी ना होवे भंग। 
सांई चरणों में झुका रहे मेरा यह शीश। 
सांई मेरे प्राण हैं और सांई ही मेरे ईश। 
भेदभाव से दूर रहूँ,शुद्ध हो मेरे विचार। 
सांई ज्ञान की जीवन में बहती रहे ब्यार |

Thursday, 1 May 2014

श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 25

ॐ साईं राम



आप सभी को शिर्डी के साँई बाबा ग्रुप की ओर से साईं-वार की हार्दिक शुभ कामनाएं, हम प्रत्येक साईं-वार के दिन आप के समक्ष बाबा जी की जीवनी पर आधारित श्री साईं सच्चित्र का एक अध्याय प्रस्तुत करने के लिए श्री साईं जी से अनुमति चाहते है|
हमें आशा है की हमारा यह कदम घर घर तक श्री साईं सच्चित्र का सन्देश पंहुचा कर हमें सुख और शान्ति का अनुभव करवाएगा, किसी भी प्रकार की त्रुटी के लिए हम सर्वप्रथम श्री साईं चरणों में क्षमा याचना करते है|
श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 25
.....................


For Donation

For donation of Fund/ Food/ Clothes (New/ Used), for needy people specially leprosy patients' society and for the marriage of orphan girls, as they are totally depended on us.

For Donations, Our bank Details are as follows :

A/c - Title -Shirdi Ke Sai Baba Group

A/c. No - 200003513754 / IFSC - INDB0000036

IndusInd Bank Ltd, N - 10 / 11, Sec - 18, Noida - 201301,

Gautam Budh Nagar, Uttar Pradesh. INDIA.

बाबा के 11 वचन

ॐ साईं राम

1. जो शिरडी में आएगा, आपद दूर भगाएगा
2. चढ़े समाधी की सीढी पर, पैर तले दुःख की पीढ़ी कर
3. त्याग शरीर चला जाऊंगा, भक्त हेतु दौडा आऊंगा
4. मन में रखना द्रढ विश्वास, करे समाधी पूरी आस
5. मुझे सदा ही जीवत जानो, अनुभव करो सत्य पहचानो
6. मेरी शरण आ खाली जाए, हो कोई तो मुझे बताए
7. जैसा भाव रहे जिस जन का, वैसा रूप हुआ मेरे मनका
8. भार तुम्हारा मुझ पर होगा, वचन न मेरा झूठा होगा
9. आ सहायता लो भरपूर, जो माँगा वो नही है दूर
10. मुझ में लीन वचन मन काया, उसका ऋण न कभी चुकाया
11. धन्य-धन्य व भक्त अनन्य, मेरी शरण तज जिसे न अन्य

.....श्री सच्चिदानंद सदगुरू साईनाथ महाराज की जय.....

गायत्री मंत्र

ॐ भूर्भुवः॒ स्वः॒
तत्स॑वितुर्वरे॑ण्यम्
भ॒र्गो॑ दे॒वस्य॑ धीमहि।
धियो॒ यो नः॑ प्रचो॒दया॑त्॥

Word Meaning of the Gayatri Mantra

ॐ Aum = Brahma ;
भूर् bhoor = the earth;
भुवः bhuwah = bhuvarloka, the air (vaayu-maNdal)
स्वः swaha = svarga, heaven;
तत् tat = that ;
सवितुर् savitur = Sun, God;
वरेण्यम् varenyam = adopt(able), follow;
भर्गो bhargo = energy (sin destroying power);
देवस्य devasya = of the deity;
धीमहि dheemahi = meditate or imbibe

these first nine words describe the glory of Goddheemahi = may imbibe ; pertains to meditation

धियो dhiyo = mind, the intellect;
यो yo = Who (God);
नः nah = our ;
प्रचोदयात prachodayat = inspire, awaken!"

dhiyo yo naha prachodayat" is a prayer to God


भू:, भुव: और स्व: के उस वरण करने योग्य (सूर्य) देवता,,, की (बुराईयों का नाश करने वाली) शक्तियों (देवता की) का ध्यान करें (करते हैं),,, वह (जो) हमारी बुद्धि को प्रेरित/जाग्रत करे (करेगा/करता है)।


Simply :

तीनों लोकों के उस वरण करने योग्य देवता की शक्तियों का ध्यान करते हैं, वह हमारी बुद्धि को प्रेरित करे।


The God (Sun) of the Earth, Atmosphere and Space, who is to be followed, we meditate on his power, (may) He inspire(s) our intellect.