शिर्डी के साँई बाबा जी की समाधी और बूटी वाड़ा मंदिर में दर्शनों एंव आरतियों का समय....

"ॐ श्री साँई राम जी
समाधी मंदिर के रोज़ाना के कार्यक्रम

मंदिर के कपाट खुलने का समय प्रात: 4:00 बजे

कांकड़ आरती प्रात: 4:30 बजे

मंगल स्नान प्रात: 5:00 बजे
छोटी आरती प्रात: 5:40 बजे

दर्शन प्रारम्भ प्रात: 6:00 बजे
अभिषेक प्रात: 9:00 बजे
मध्यान आरती दोपहर: 12:00 बजे
धूप आरती साँयकाल: 5:45 बजे
शेज आरती रात्री काल: 10:30 बजे

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निर्देशित आरतियों के समय से आधा घंटा पह्ले से ले कर आधा घंटा बाद तक दर्शनों की कतारे रोक ली जाती है। यदि आप दर्शनों के लिये जा रहे है तो इन समयों को ध्यान में रखें।

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Saturday, 27 June 2020

कैसे कहूँ बाबा तुमसे कितना प्यार है

ॐ सांई राम


तेरे कदमों की आहट का मुझे इन्तजार है
कैसे कहूँ बाबा तुमसे कितना प्यार है


श्रद्वा सुमन से अपना आँगन मैंने सजा लिया
साथ में सबुरी का दीपक भी जला लिया
तेरे चिमटे की खन खन का मुझे इन्तजार है
कैसे कहूँ बाबा तुमसे कितना प्यार है

मुझे विश्वास है मेरी सदा न जायेगी खाली
तुम पधारो मेरे घर आयेगी दीवाली
तेरी चरणरच पाने का मुझे इन्तजार
कैसे कहूँ बाबा तुमसे कितना प्यार है
तेरे कदमों की आहट का मुझे इन्तजार है
कैसे कहूँ बाबा तुमसे कितना प्यार है

Friday, 26 June 2020

छोड़ के दुनिया मैं तेरी शरण में आया

ॐ सांई राम



सांई ओ सांई ओ सांई
छोड़ के दुनिया मैं तेरी शरण में आया


मैं तेरी शरण में आया
सारे नाते सारे बंधन
सब मैं तोड़ के आया
सांई ओ सांई ओ सांई
छोड़ के दुनिया मैं तेरी शरण में आया
मैं तेरी शरण में आया

मात पिता क्या बहिना भाई
मतलब की है सब ये सदाई
मैंने तुझसे प्रीत लगाई
जग मैं छोड़ के आया
सांई ओ सांई ओ सांई
छोड़ के दुनिया मैं तेरी शरण में आया
मैं तेरी शरण में आया

मोह विलाश का पापी दामन
खींच न ले मेरा चंचल मन
सांई नाम की पावन चादर
लो मैं ओढ़ के आया
सांई ओ सांई ओ सांई
छोड़ के दुनिया मैं तेरी शरण में आया
मैं तेरी शरण में आया

सारे नाते सारे बंधन
सब मैं तोड़ के आया
सांई ओ सांई ओ सांई
छोड़ के दुनिया मैं तेरी शरण में आया
मैं तेरी शरण में आया

Thursday, 25 June 2020

श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 7

ॐ सांई राम


आप सभी को शिर्डी के साईं बाबा ग्रुप की और से साईं-वार की हार्दिक शुभ कामनाएं |

हम प्रत्येक साईं-वार के दिन आप के समक्ष बाबा जी की जीवनी पर आधारित श्री साईं सच्चित्र का एक अध्याय प्रस्तुत करने के लिए श्री साईं जी से अनुमति चाहते है |

हमें आशा है की हमारा यह कदम घर घर तक श्री साईं सच्चित्र का सन्देश पंहुचा कर हमें सुख और शान्ति का अनुभव करवाएगा| किसी भी प्रकार की त्रुटी के लिए हम सर्वप्रथम श्री साईं चरणों में क्षमा याचना करते है|


श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 7
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अदभुत अवतार । श्री साईबाबा की प्रकृति, उनकी यौगिक क्रयाएँ, उनकी सर्वव्यापकता, कुष्ठ रोगी की सेवा, खापर्डे के पुत्र प्लेग, पंढरपुर गमन, अदभुत अवतार
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श्री साईबाबा की समस्त यौगिक क्रियाओं में पारंगत थे । 6 प्रकार की क्रियाओं के तो वे पूर्ण ज्ञाता थे । 6 क्रियायें, जिनमें धौति ( एक 3 चौड़े व 22 ½ लम्बे कपड़े के भीगे हुए टुकड़े से पेट को स्वच्छ करना), खण्ड योग (अर्थात् अपने शरीर के अवयवों को पृथक-पृथक कर उन्हें पुनः पूर्ववत जोड़ना) और समाधि आदि भी सम्मिलित हैं । यदि कहा जाये कि वे हिन्दू थे तो आकृति से वे यवन-से प्रतीत होते थे । कोई भी यह निश्चयपूर्वक नहीं कह सकता था कि वे हिन्दू थे या यवन । वे हिन्दुओं का रामनवमी उत्सव यथाविधि मनाते थे और साथ ही मुसलमानों का चन्दनोत्सव भी । वे उत्सव में दंगलों को प्रोत्साहन तथा विजेताओं को पर्याप्त पुरस्कार देते थे । गोकुल अष्टमी को वे गोपाल-काला उत्सव भी बड़ी धूमधाम से मनाते थे । ईद के दिन वे मुसलमानों को मसजिदमें नमाज पढ़ने के लिये आमंत्रित किया करते थे । एक समय मुहर्रम के अवसर पर मुसलमानों ने मसजिद में ताजिये बनाने तथा कुछ दिन वहाँ रखकर फिर जुलूस बनाकर गाँव से निकालने का कार्यक्रम रचा । श्री साईबाबा ने केवल चार दिन ताजियों को वहाँ रखने दिया और बिना किसी राग-देष के पाँचवे दिन वहाँ से हटवा दिया ।

Wednesday, 24 June 2020

शिरडी वाले सांई बाबा तू ही है एक हमारा

ॐ सांई राम



शिरडी वाले सांई बाबा तू ही है एक हमारा 
जो भी दर पर आता तेरे मिलता उसे सहारा
तेरी लग्न लगाके जोत जलाके भूल गयी भूल गयी 
ओ मैं तो भूल गयी भूल गयी भूल गयी 
ओ सांई बाबा सारी दुनिया भूल गयी

सुबह शाम शिरडी वाले में फेरो तेरी माला
तुझमें मन्दिर तुझमें मस्जिद तुझमें ही गुरुद्वारा
तू है सारे जग का मालिक तू सारे जग का रखवाला
तेरी भक्ति में ओ सांई भूल गयी भूल गयी भूल गयी रे 
ओ मैं तो भूल गयी भूल गयी भूल गयी 
ओ सांई बाबा सारी दुनिया भूल गयी

अंधियारे को दूर करे पानी से दीप जलाये
तेरे दर पे जो आये उसे सच्ची राह दिखाये 
उसको सब कुछ भी मिल जाये जो तुझमें खो जाये 
शिरडी वाले सांई बाबा दुनिया भूल गयी 
भूल गयी भूल गयी मैं 
ओ मैं तो भूल गयी भूल गयी भूल गयी 
ओ सांई बाबा सारी दुनिया भूल गयी

Tuesday, 23 June 2020

नेक कोई एक तो करम कर ले

ॐ सांई राम


नेक कोई एक तो करम कर ले,

नेक कोई एक तो करम कर ले
रोज़ थोड़ा-थोड़ा साँई का भजन कर ले 2

माया के दिवाने थोड़ा पुन्य भी कमाले तू
साँई नाम की गंगा में गोते आ लगाले तू
मोहमाया त्यागने का प्रण करले 2
रोज़ थोड़ा-थोड़ा साँई का भजन कर ले 2

होके धनवान भी तू कितना ग़रीब है
दूर साँई चरणों से जग के करीब है
मेरी इस बात का मनन कर ले 2
रोज़ थोड़ा-थोड़ा साँई का भजन कर ले 2

त्याग के शरीर जब साँई धाम जाएगा
तेरा ये ख़ज़ाना तेरे काम नहीं आएगा
जमा साँई नाम के रतन कर ले 2
रोज़ थोड़ा-थोड़ा साँई क भजन कर ले 2

प्यार से पुकार साँई दौड़े चले आएंगे
देखना वो डेरा तेरे मन में लगाएंगे
शिरडी के जैसा अपना मन कर ले 2
रोज़ थोड़ा-थोड़ा साँई का भजन कर ले

नेक कोई एक तो करम कर ले
रोज़ थोड़ा-थोड़ा साँई का भजन कर ले

Monday, 22 June 2020

नाम जप प्राणी, राम जप प्राणी, तेरी थोड़ी जिन्दगानी

ॐ साईं राम

 

नाम जप प्राणी, राम जप प्राणी, तेरी थोड़ी जिन्दगानी
नाम जप ली प्रभु दा, सारी दुनिया है फानी

* सच्चे नाम दी कमाई, करके निश्चय तू कमा लै
हीरा जनम तैनू मिलेया, ऐनु सफल बना लै
माड़े कम्मा विच पै के, ऐवें रोल न जवानी, नाम जप ...
* मात पिता भैन भाई सारे मतलब दे यार
जदों निकलेंगे प्राण, तैनू कडनगे बाहर
तेरे सुखां नु ऐ रोंदे, धीयाँ पुट ते जनानी, नाम जप ...
* जींदे जी नइयों पुछदे, पिछों करदे श्राद्ध
तैनू ठोकरां मारंगे, झल्लेया रख लईं ऐ याद
किसे रोटी वी नई पुछनी, किसे पुछना नई पानी, नाम जप ...
* साईं लोका तू छडदे, भैडे कम्मा दा ख्याल,
लग जा गुरूआं दे चरणी, बन जा कोड़ियां तो लाल
तत्ती हवा वी नई लगनी, पड़ लै गुरूआं दी बाणी
नाम जप प्राणी, राम जप प्राणी, तेरी थोड़ी जिन्दगानी
नाम जप ली प्रभु दा, सारी दुनिया है फानी

आप सभी से अनुरोध है कि कृपा करके परिन्दो-चरिन्दो को भी उत्तम भोजन एवम पेय जल प्रदान करे, आखिर उनमे भी तो साई जी ही समाये है। 
बाबा जी ने स्वयं इस बात की पुष्टि की है कि मुझे सभी जीवो में देखो।

Sunday, 21 June 2020

ज़माना अगर छोड़ दे बेसहारा, मुझे फ़िक्र क्या मेरे बाबा को है

ॐ सांई राम



ज़माना अगर छोड़ दे बेसहारा,
मुझे फ़िक्र क्या मेरे बाबा को है
हर इक जन अगर कर भी लेगा किनारा,
मुझे फ़िक्र क्या मेरे बाबा को है
ज़माना अग़र छोड़ दे बेसहारा……………
मेरी आह सुनकर मेरा दर्द सुनकर,

मदद को कोई और आए न आए
वो आए हमेशा उन्हें जब पुकारा,
मुझे फ़िक्र क्या मेरे बाबा को है
ज़माना अगर……………

कभी सुख के दिन और कभी दुख की रातें,
सांई तुममें विश्वास बढ़ता रहा है
हर इक हाल में दिल रहा है तुम्हारा,
मुझे फ़िक्र क्या मेरे बाबा को है
ज़माना अगर छोड़ दे ………………

करूँ मैं तेरा शुक्रिया किस ज़ुबां से मैं,
हर पल रहा तेरी मर्ज़ी का बन्दा
कहां से गिराया कहां से उभारा,
मुझे फ़िक्र क्या मेरे बाबा को है
ज़माना अगर छोड़ दे बे सहारा,
मुझे फ़िक्र क्या मेरे बाबा को है

For Donation

For donation of Fund/ Food/ Clothes (New/ Used), for needy people specially leprosy patients' society and for the marriage of orphan girls, as they are totally depended on us.

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A/c - Title -Shirdi Ke Sai Baba Group

A/c. No - 200003513754 / IFSC - INDB0000036

IndusInd Bank Ltd, N - 10 / 11, Sec - 18, Noida - 201301,

Gautam Budh Nagar, Uttar Pradesh. INDIA.