शिर्डी के साँई बाबा जी की समाधी और बूटी वाड़ा मंदिर में दर्शनों एंव आरतियों का समय....

"ॐ श्री साँई राम जी
समाधी मंदिर के रोज़ाना के कार्यक्रम

मंदिर के कपाट खुलने का समय प्रात: 4:00 बजे

कांकड़ आरती प्रात: 4:30 बजे

मंगल स्नान प्रात: 5:00 बजे
छोटी आरती प्रात: 5:40 बजे

दर्शन प्रारम्भ प्रात: 6:00 बजे
अभिषेक प्रात: 9:00 बजे
मध्यान आरती दोपहर: 12:00 बजे
धूप आरती साँयकाल: 7:00 बजे
शेज आरती रात्री काल: 10:30 बजे

************************************

निर्देशित आरतियों के समय से आधा घंटा पह्ले से ले कर आधा घंटा बाद तक दर्शनों की कतारे रोक ली जाती है। यदि आप दर्शनों के लिये जा रहे है तो इन समयों को ध्यान में रखें।

************************************

Monday, 29 May 2017

श्री साईं लीलाएं - सब कुछ गुरु को अर्पण करता चल

ॐ सांई राम


कल हमने पढ़ा था.. हैजे की क्या औकात, जब साईं बाबा है साथ
श्री साईं लीलाएं

सब कुछ गुरु को अर्पण करता चल

साईं बाबा कभी-कभी अपने भक्तों के साथ हँसी-मजाक भी किया करते थे, परन्तु उनकी इस बात से न केवल भक्तों का मनोरंजन ही होता था, बल्कि वह भावपूर्ण और शिक्षाप्रद भी होता था| एक ऐसी ही भावपूर्ण, शिक्षाप्रद व मनोरंजक कथा है -

शिरडी गांव में प्रत्येक रविवार को साप्ताहिक बाजार लगा करता था| उस बाजार में न केवल शिरडी बल्कि आस-पास के गांवों के लोग भी खरीददारी करने आते थे| उस दिन मस्जिद में और दिनों की तुलना में अधिक लोग दर्शन करने आया करते थे|

ऐसे ही एक रविवार की बात है - हेमाडपंत मस्जिद में साईं बाबा के चरण दबा रहे थे| शामा बाबा के बायीं ओर थे| वामनराव दायीं ओर बैठे थे| कुछ देर बाद काका साहब और बूटी साहब भी वहां आ गये| उसी समय शामा ने हेमाडपंत से कहा - "अण्णा साहब ! लगता है आपकी बांह में यहां कुछ चिपका हुआ है, जरा देखो तो सही|" इस बात को सुन हेमाडपंत ने जब देखने के लिए अपनी बांह को सीधा किया तो उसमें से 20-25 चने निकलकर गिर गये| यह देखकर सबको बड़ा आश्चर्य हुआ|

वहां उपस्थित लोगों ने यह देखकर कई तरह के अनुमान लगाए| पर, किसी की समझ में कुछ भी नहीं आया, कि ये चने के दाने उनकी बांह में कैसे आए और अब तक कैसे चिपके रहे? इस रहस्य को जानने के लिए सभी उत्सुक थे| तभी बाबा ने विनोदपूर्ण लहजे में कहा - "इस अण्णासाहब को अकेले ही खाने की बुरी आदत है| आज रविवार का बाजार लगा है, ये वहीं से चने चबाते हुए आये हैं| मैं इनकी आदतों को अच्छी तरह से जानता हूं और ये चने इस बात का सबूत हैं|" हेमाडपंत ने कहा - "बाबा ! यह आप क्या कह रहे हैं? मैं दूसरों को बांटे बिना कभी कुछ नहीं खाता हूं| आज तो मैं शिरडी के बाजार भी नहीं गया हूं, फिर चने खरीदने और खाने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता| भोजन करते समय जो लोग मेरे पास होते हैं, पहले मैं उनको उनका हिस्सा देता हूं| फिर मैं भोजन खाता हूं|"

तब बाबा ने कहा - "अण्णा, चीजें बांटकर खाने की तेरी आदत को मैं जानता हूं| लेकिन जब तेरे पास कोई नहीं होता, तब तो तू अकेला ही खाता है| लेकिन इस बात का सदैव ध्यान रख, कि मैं हर क्षण तेरे साथ होता हूं| फिर तू मुझे अर्पण करके क्यों नहीं खाता?" बाबा के इन वचनों को सुनकर हेमाडपंत का दिल भर आया| बाबा हर क्षण अपने पास होते हैं, इस बात को उन्होंने कभी समझा ही नहीं और उन्हें कुछ अर्पण भी नहीं किया| यह सब सोचकर वे चुप हो गये कि मजाक ही मजाक में बाबा ने मुझे कितनी बड़ी शिक्षा दी है| उन्होंने बाबा के श्रीचरणों पर अपना मस्तक रख दिया|

यदि इन शब्दों पर ध्यान दिया जाये तो इसका अर्थ यह है कि जो व्यक्ति परमात्मा को अर्पण किये बिना अकेला ही खाता है, वह दोषी होता है| यह बात केवल भोजन पर ही नहीं, बल्कि देखना, सुनना, सूंघना आदि सभी कार्यों पर समान भाव से लागू होती है| खाना-पीना, सोना-जागना तथा कोई भी कर्म किये बिना जीवन असंभव है| यदि ये सभी कर्म सद्गुरु या परमात्मा के चरणों में समर्पित कर दिये जायें तो व्यक्ति की इनकी आसक्ति नहीं रहती| वह व्यक्ति कर्म-बंधन में नहीं पड़ता है| उसे आत्मज्ञान की प्राप्ति होती है और गुरु-चरणों की सेवा करने से आत्म-साक्षात्कार होता है| जो गुरु और परमात्मा दोनों एक हैं यानी उनमें कोई भेद नहीं है, ऐसा मानकर गुरु-सेवा करता है, वह भवसागर से पार हो जाता है|

कल चर्चा करेंगे..माँ का चुम्बन लेने में क्या दोष है?

ॐ सांई राम
===ॐ साईं श्री साईं जय जय साईं ===
बाबा के श्री चरणों में विनती है कि बाबा अपनी कृपा की वर्षा सदा सब पर बरसाते रहें ।

For Donation

For donation of Fund/ Food/ Clothes (New/ Used), for needy people specially leprosy patients' society and for the marriage of orphan girls, as they are totally depended on us.

For Donations, Our bank Details are as follows :

A/c - Title -Shirdi Ke Sai Baba Group

A/c. No - 200003513754 / IFSC - INDB0000036

IndusInd Bank Ltd, N - 10 / 11, Sec - 18, Noida - 201301,

Gautam Budh Nagar, Uttar Pradesh. INDIA.