शिर्डी के साँई बाबा जी की समाधी और बूटी वाड़ा मंदिर में दर्शनों एंव आरतियों का समय....

"ॐ श्री साँई राम जी
समाधी मंदिर के रोज़ाना के कार्यक्रम

मंदिर के कपाट खुलने का समय प्रात: 4:00 बजे

कांकड़ आरती प्रात: 4:30 बजे

मंगल स्नान प्रात: 5:00 बजे
छोटी आरती प्रात: 5:40 बजे

दर्शन प्रारम्भ प्रात: 6:00 बजे
अभिषेक प्रात: 9:00 बजे
मध्यान आरती दोपहर: 12:00 बजे
धूप आरती साँयकाल: 5:45 बजे
शेज आरती रात्री काल: 10:30 बजे

************************************

निर्देशित आरतियों के समय से आधा घंटा पह्ले से ले कर आधा घंटा बाद तक दर्शनों की कतारे रोक ली जाती है। यदि आप दर्शनों के लिये जा रहे है तो इन समयों को ध्यान में रखें।

************************************

Monday, 31 March 2014

श्री साँईं राम जी की पालकी शोभायात्रा का निमंत्रण

आओ साँईं

मैने लिख दी तेरे नाम अर्ज़ी....

ॐ साईं राम
**************************
**************************

आदरणीय साईंबाबा जी,

                                 कैसे है आप . आप की कृपा से हम कुशल मंगल है . आज दिल करा आपको पत्र लिखने का . बाबा आपका मेरे जीवन में आना मेरी खुशनसीबी है . आप मेरे जीवन का वो अनमोल रतन हो जिसे में अपनी आँखों में और दिल में छुपा कर रखना चाहती हूँ . आपकी महानता , प्यार और विश्वास मेरी आत्मा में बसते है . आप मेरा स्वाभिमान हो . आपकी करूणा , दया , आशीर्वाद , संतोष , सबर मेरे जीवन का धन है . आपने अपने चरण कमलो में जगह देकर मेरा जीवन तार - तार कर दिया . आपकी दृष्टि मेरे मन को छु जाती है . आपका ममता भरा आचल मेरे जीवन की तीखी धूप को ठंडी छाव देता है . श्रद्धा और सबुरी का पाठ मुझे सही राह दिखाता है . साईंसत्चरित्र की लीलाए आपके होने का अहसास दिलाती है . कहते है भगवान को पाना आसान नहीं पर मेरा बाबा तो इतना कोमल और नरम है मेरी एक ही आवाज़ से दोड़े चले आते है . बाबा मुझे हमेशा अपनी छाया में रखना . मुझे इस संसार रुपी जाल से बचाकर रखना . हमेशा अपने आशीर्वाद की चादर मुझ पर मेरे परिवार पर और समर्पण परिवार पर बना के रखना | आपके चरणों में मेरा कोटि कोटि प्रणाम ...
                   आपकी पुत्री और पुत्र

बोलो सच्चिदानंद सद्गुरु साईंनाथ महाराज की जय !

Sunday, 30 March 2014

Invitation for all to join us for Shree Sai Palki shobha yatra

Shirdi Ke Sai Baba Group is inviting you all to join us at the auspicious occasion of Shree Ram Navami utsav on dated 8th April 2014, we are celebrating with Shree Sai Palki shobha yatra starts at 9:00 am followed by bhandara sewa at 12:00 noon.

You are requested to be with us on this big occasion and requesting you to come with family and friends.

ॐ श्री साँईं राम जी

Venue: Sanatan Dharm Mandir,  Sector 47, Noida.

एक अरदास साँई जी से....

ॐ साईं राम


 सदा सदा साईं पिता मन में करो निवास,

सच्चे हृदय से करूँ तुम से यह अरदास |

कारण करता आप हो सब कुछ तुमरी दात,

साईं भरोसे मैं रहूँ तुम ही हो पितु मातु  |

विषयों में मैं लीन हूँ पापों का नहीं अंत,

फिर भी मैं तो तेरा हूँ राख लियो भगवंत |

राख लियो हे राखन हारा साईं ग़रीब नवाज़,

तुझ बिन तेरे बाल के कौन सवारे काज |

दया करो दया करो दया करो मेरे साईं,

तेरे सिवा मेरा कौन है बाबा इस जग माहीं |

मैं तो कुछ भी नहीं हूँ सब कुछ तुम हो नाथ,

बच्चों के सर्वस्व प्रभु तुम सदा रहो मेरे साथ |

Saturday, 29 March 2014

तेरे दर पे आया में बनके भिखारी

ॐ साईं राम

तेरे दर पे आया में बनके भिखारी,
दे दे या ठुकरा दे यह मर्ज़ी तुम्हारी |
दुनिया ने मुझको बिसराया,
आखिर तेरे द्वारे आया |
अपना ले हे देव दयालु,
चरणों में तेरे शीश झुकाया |

तरस रहे हैं तेरे प्यार को, भक्तों से क्यों  रूठे हो |
वादा करके भूल गए तुम साईं बड़े ही झूठे हो |
प्यासे जीवन में कर दे तू खुशियों की बरसातें |
  हंसकर कर ले साईं भक्तों से दो बाते |
हम  भक्तो  को  दे  दे  यह  प्यार  भरी  सौगातें |

Friday, 28 March 2014

माँ की ममता के आगे तो, सारा जग भी छोटा है

ॐ सांई राम


बादशाह भी तू
फ़कीर भी तू
साधू भी तू
और पीर भी तू
कोई मिटा न सके जिसे
हाथो की वो लकीर तू
तू समाया हे सब में
साईं सब की तकदीर  तू
बाबा जी के 11  वचन 
1.     जो शिरडी में आएगा,आपद दूर भगायेगा
2.     बड़े समाधि की सीडी पर, पाव तले दुःख की पीडी पर
3.     त्याग शरीर चला जाऊँगा ,भक्त हेतु भागा आऊँगा
4.     मन मे रखना पूरण विश्वास ,करे समाधि पूरी आस
5.     मुझे सदा जीवित ही जानो ,अनुभव करो सत्य पहचानो
6.    मेरी शरण आ खाली जाये,होतो कोई मुझे बताये
7.    जैसा भाव रहा जिस जन का,वैसा रूप रहा मेरे मन का
8.    भार तुम्हारा मुझ पर होगा,वचन न मेरा झूठा होगा
9.    आ सहायता ले भरपूर ,जो माँगा वह नही है दूर
10.  मुझमें लीन वचन मन काया, उसका ऋण न कभी चुकाया
11. धन्य-धन्य वे भकत अनन्य ,मेरी शरण तज जिसे न अन्य.



माँ की ममता के आगे तो,
सारा जग भी छोटा है

Thursday, 27 March 2014

श्री साँई सच्चरित्र - अध्याय 20


ॐ सांई राम


आप सभी को शिर्डी के साईं बाबा ग्रुप की और से साईं-वार की हार्दिक शुभ कामनाएं
हम प्रत्येक साईं-वार के दिन आप के समक्ष बाबा जी की जीवनी पर आधारित श्री साईं सच्चित्र का एक अध्याय प्रस्तुत करने के लिए श्री साईं जी से अनुमति चाहते है|

हमें आशा है की हमारा यह कदम घर घर तक श्री साईं सच्चित्र का सन्देश पंहुचा कर हमें सुख और शान्ति का अनुभव करवाएगा, किसी भी प्रकार की त्रुटी के लिए हम सर्वप्रथम श्री साईं चरणों में क्षमा याचना करते है

श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 20
-----------------
विलक्षण समाधान . श्री काकासाहेब की नौकरानी द्घारा श्री दासगणू की समस्या का समाधान ।
--------------------------------
श्री. काकासाहेब की नौकरानी द्घारा श्री. दासगणू की समस्या किस प्रकार हल हुई, इसका वर्णन हेमाडपंत ने इस अध्याय में किया है ।

Wednesday, 26 March 2014

श्री सच्चिदानंद सदगुरु साईनाथ महाराज की जय

 ॐ साईं राम


हे साईनाथ हम सब भक्त अज्ञानी हैं मूर्ख हैं पापी हैं मोह माया में फसे गलतियों के पुतले हैं | हमें कुछ नहीं पता की हम क्या करें परन्तु जो भी हैं चाहे बुरे या अच्छे हैं चाहे सच्चे या झूठे हैं हम आपके बच्चे आपकी शरण में हैं, आपकी आज्ञा और आशीर्वाद के साथ | हमारा कोई नहीं है न इस दुनिया में और न इस दुनिया के बाद, न इस जीवन में और न इस जीवन के बाद | आप के बिना हम शून्य हैं हमारी कोई पहचान नहीं है | आप ही हमारा एकमात्र सहारा हो, हमारा विश्वास हो, हमारी सद्बुधि हो, हमारी हिम्मत हो, हमारे कर्म और कर्मों का फल हो, हमारी सुख और संपत्ति हो | हमारे सदगुरु हो, हमारे भगवान हो मालिक हो, और हमारी सर्वश्रेष्ठ सर्वोतम मंजिल हो | आपके सिवा कहाँ जाना है | आप हमारे हर कार्य करने वाले हो, हमारा तो केवल नाम है, यह नाम देने वाले भी आप ही हो | आप हमारे साथ हर पल हो, हमारे रक्षक हो, माता पिता हो, हर मुश्किल और बुराई लोभ, घमंड, मोह , माया, ईर्षा से बचाने वाले हो |जब आप हमारे साथ हर पल हो तो डरना क्यों, पर यह मन जो फिर भी भटकता रहता है इसे भी शांत कर के अपनी भक्ति में लगाने वाले आप हो | आप जो करते हो वो ही सत्य, अटल और सर्वश्रेष्ठ है क्योंकि आप ही जानते हो की हमारे लिए आपके बच्चों और भक्तों के लिए क्या अच्छा है और क्या बुरा | आप हमारे लिए सर्वश्रेष्ठ,सर्वोतम और मोक्ष का रास्ता बनाते हो, रास्ता दिखाते हो, रास्ते पे चलना सिखाते हो और हाथ पकड़ कर चलाते भी हो | आप हमारी परीक्षा लेते हो और आप ही हमें परीक्षा में पास करते हो | आप ही अपने भक्तों बच्चों को मान सम्मान दिलाते हो और आप आपने भक्तों बच्चों का मान सम्मान बड़ाते भी हो | आप ही बुरे विचारों को मन से दूर् करके अच्छे विचारों को मन में घर कराते हो | आप ही हमें इस लायक बनाते हो कि हम जहाँ भी जाएँ सब को खुशियाँ दे सकेँ सब के काम आ सकें | आप ही हमें इस लायक बनाते हो कि शांत और सच्चे मन से आप की भक्ति करते रहें और दूसरों को भी शांत और सच्चे मन से भक्ति करने की प्रेरणा दे सकेँ | आप ही अपना स्थान बनाते हो , आप ही अपना सत्संग कराते हो और हमें अपनी सेवा में शामिल भी करते हो | आपकी आज्ञा और आशीर्वाद के बिना ना कोई शिर्डी आ सकता है और ना छोड़ सकता है | आपकी आज्ञा और आशीर्वाद हमारे साथ सदा है | साईनाथ केवल आप से ही मांगना, आप की तरफ देखना है, आप की भक्ति करनी है और आप को ही प्रार्थना करनी है | हम आपके सदा ऋणी हैं, शुक्रगुजार हैं और आपकी शरण में हैं | हमारा हाथ आपके हाथ में है | आपने हमारा हाथ सदा के लिए अपने हाथ में पकड़ा हुआ है | हमारा शुरू और अंत आप से ही है. हमें सदा क्षमा करने वाले दयावान आप ही हो |

श्री सच्चिदानंद सदगुरु साईनाथ महाराज की जय

Tuesday, 25 March 2014

राष्ट्र एकता के लिए... भगवन शिर्डी आये..

ॐ सांई राम


दो सदियों के बाद में
वैमनस्य बढ़ जाये
हिन्दू-मुस्लिम एकता
खतरे में पढ़ जाये.
सभी को हमारी ॐ साईं राम ...
इस दूरी को पाटने
प्रघट हुए साईश
एक होए भगवन जी
अल्लाह हो या ईश.
ॐ श्री साईं नाथाये नमः ....
राम रहीमा एक ही
साईं में हम पाए
राष्ट्र एकता के लिए
भगवन शिर्डी आये...

Monday, 24 March 2014

थैलीसीमिया thalassemia- जागरूकता जरूरी है


थैलीसीमिया thalassemia- एक अनुवांशिक रोग है। जागरूकता के अभाव के कारण पूरी दुनिया में इस रोग से पीड़ित बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कम गंभीर मामलों में सही उपचार अपना कर सामान्य जीवन जिया जा सकता है। इसके लिए इसके प्रति जागरूक बहुत जरूरी है।
थैलीसीमिया एक रक्त संबंधी विकार है। इसमें हीमोग्लोबिन, जो शरीर में ऑक्सीजन को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाता है, में खराबी आ जाती है। इसके कारण लाल रक्त कणिकाएं नष्ट हो जाती हैं, जिससे गंभीर एनीमिया हो जाता है। हमारे देश में थैलीसीमिया के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। भारत में करीब 6 करोड़ लोग थैलेसीमिया माइनर से पीड़ित हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर वर्ष 7-10 हजार थैलीसीमिया से ग्रस्त बच्चों का जन्म होता है।
क्या होता है थैलीसीमिया
यह अनुवांशिक रोग है, जो बच्चों को माता-पिता से विरासत में मिलता है। थैलीसीमिया के दो प्रकार होते हैं:
थैलीसीमिया मेजर
थैलीसीमिया माइनर
थैलीसीमिया माइनर तब होता है, जब बच्चे को क्षतिग्रस्त जीन एक ही पैरेंट यानी माता या पिता में से किसी एक से मिलता है। लेकिन जब माता और पिता दोनों से ही उसे क्षतिग्रस्त जीन मिलेंगे तो मेजर थैलीसीमिया की पूरी आशंका होती है। यदि माता-पिता दोनों सामान्य हैं तो उनके बच्चे थैलीसीमिया से पीड़ित नहीं होंगे।
माता-पिता में से किसी एक को यदि माइनर थैलीसीमिया है तो बच्चों को यह हो भी सकता है और नहीं भी हो सकता है। यदि माता-पिता दोनों को माइनर थैलीसीमिया हो तो बच्चे को थैलीसीमिया होने का खतरा ज्यादा रहता है। इसमें 25 प्रतिशत बच्चे सामान्य हो सकते हैं, 50 प्रतिशत को माइनर थैलीसिमिया व 25 प्रतिशत को मेजर थैलीसीमिया होने की आशंका अधिक होती है।
लक्षण
थैलीसीमिया मेजर के सबसे गंभीर रूप में मृत बच्चे का जन्म हो सकता है या गर्भावस्था के आखिरी समय में बच्चे की मृत्यु हो जाती है।
बच्चे जो थैलीसीमिया मेजर (कूले एनीमिया) के साथ जन्म लेते हैं, वे जन्म के समय सामान्य होते हैं, लेकिन जन्म के पहले वर्ष में उन्हें गंभीर एनीमिया हो जाता है।
अन्य लक्षण
चेहरे की हड्डियां का विकृत होना।
थकान।
असामान्य विकास।
त्वचा का पीला हो जाना (पीलिया)।
चेहरा सूख जाना और मुरझाया हुआ लगना।
लगातार कमजोरी और बीमारी की स्थिति बनी रहना, वजन नहीं बढ़ना।
उपचार
थैलीसीमिया मेजर के उपचार में नियमित अंतराल पर रक्त चढ़ाने की आवश्यकता होती है। जो लोग रक्ताधान (ब्लड ट्रांसफ्यूजन) ले रहे हैं, वे आयरन के सप्लीमेंट न लें, क्योंकि ऐसा करने से रक्त में आयरन की मात्रा बहुत बढ़ जाती है। इससे हृदय, लीवर और एंडोक्राइन सिस्टम क्षतिग्रस्त हो जाता है। थैलेसीमिया के रोगी को डायबिटीज यानि शूगर होने का खतरा बढ़ जाता है।
शरीर में आयरन का स्तर बढ़ जाने पर चिलेशन थेरेपी की आवश्यकता पड़ती है, जिसमें अतिरिक्त आयरन को शरीर से बाहर निकाला जाता है। बच्चों में इस रोग के उपचार के लिए अस्थि-मज्जा प्रत्यारोपण (बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन Bone marrow transplant) सबसे कारगर होता है, जो सगे भाई या बहन द्वारा दिया जा सकता है।
बचाव
गंभीर थैलीसीमिया में 20 से 30 साल की उम्र में ही हार्ट फेल होने से मृत्यु हो जाती है। थैलीसीमिया के कम गंभीर रूप में आयु कम नहीं होती है। नियमित रूप से रक्त चढ़ाने और चिलेशन थेरेपी से सामान्य जीवन जीने में मदद मिलती है। सबसे कारगर उपाय है कि शादी से पहले लड़का-लड़की अपना चेकअप करा लें। थैलीसीमिया से पीड़ित दो लोगों को कभी आपस में शादी नहीं करनी चाहिए।
संभव है थैलीसीमिया की रोकथाम
गर्भवती महिला को गर्भावस्था के पहले तीन महीनों में ही थैलीसीमिया की जांच करा लेनी चाहिए और अगर वह थैलीसीमिया की कैरियर है, तब पति की भी जांच करानी चाहिए। अगर दोनों पॉजीटिव हैं, तब एंटी-नेटल डायग्नोसिस कराना चाहिए कि कहीं बच्चे को थैलीसीमिया होने का खतरा तो नहीं है। अगर बच्चा इससे पीड़ित है तो गर्भपात करा लेना चाहिए। अगर थैलीसीमिया से पीड़ित दो लोग शादी कर लेते हैं तो जन्म लेने वाले बच्चे के थैलीसीमिया मेजर से पीड़ित होने का खतरा 25 प्रतिशत बढ़ जाता है।
इसका इलाज बहुत मंहगा है, क्योंकि पूरे जीवन भर उसे रक्ताधान कराना होता है। लगातार रक्ताधान और आयरन की मात्रा बढ़ने से जीवन पर खतरा और बढ़ जाता है।
प्री-इम्प्लांटेशन जेनेटिक डायग्नोसिस क्या है?
प्री-इम्प्लांटेशन जेनेटिक डायग्नोसिस एक प्रभावकारी तकनीक है, जिससे जैविक विकारों को माता-पिता से बच्चों में स्थानांतरित होने से रोका जा सकता है। इस डायग्नोसिस में मां को स्टीम्युलेशन देकर अंडे प्रोडय़ूस कराए जाते हैं, जिन्हें इकट्ठा कर निषेचित कराया जाता है। फिर इन भ्रूणों को विभिन्न बीमारियों के लिए टेस्ट किया जाता है जैसे- थैलीसीमिया, डाउन सिंड्रोम इत्यादि, और केवल सामान्य भ्रूणों को गर्भाशय में स्थानांतरित किया जाता

फकीरी सच्ची बादशाही अमीरी से लाख सवाई गरीबो का अल्हा भाई

ॐ साईं राम



श्री साई बाबा कभी-कभी कहा करते थे कि फकीरी सच्ची बादशाही अमीरी से लाख सवाई गरीबो का अल्हा भाई  फकीरी ही सच्ची अमीरी है । उसका कोई अन्त नहीं । जिसे अमीरी के नाम से पुकारा जाता है, वह शीघ्र ही लुप्त हो जाने वाली है - श्री साई सच्चरित्र

Sunday, 23 March 2014

अपने इष्ट देव, गुरु या भगवान को जाने

पूरा अवश्य पढ़े

हम अपने इष्ट, भगवान या गुरु जी के दरबार, मंदिर या दर पर सिर्फ इसलिए जाते हैं कि हम जानते हैं कि केवल वही है जो हमारी किस्मत का फैसला कर सकते हैं और उनके सिवा कोई और विकल्प हैं ही नहीं कि जो हमारा उचित कर के या भाग्य सवार कर हमारी सभी तरह की मुश्किलों से हमें छुटकारा पाने में और हमारी झोली में खुशियों के मोती बरसाने की कृपा करें।

ऐसे में अगर एक तरफ हमारा विश्वास इतना अटल हैं तो क्यों हम दूसरों को उसी इष्ट देव, भगवान या गुरु के नाम का डर दिखाकर एक ही बात का दूसरा अर्थ निकाल लेते हैं।

एक बात तो तय है कि वह जो समस्त संसार की संरचना करता है और वह ही एकमात्र ऐसा पालक हैं जो हर घड़ी हमारे ऊपर अपनी रहमतो की बारिशें निरंतर करता हैं, वह किसी भी तरह से हमें किसी भी तरह के दुःख में देखना तो कतई पसंद नहीं करेगा।

आपको यदि कोई व्यक्ति कोई ऐसा संदेश भेजे जिसमें कहा गया है कि इस संदेश को कम से कम इतने लोगों को भेजे नहीं तो आपका अहित होगा।

तो ऐसे संदेश को सिर्फ यह जान कर मिटा दे कि इस संदेश को भेजने वाले व्यक्ति को अभी तक अपने इष्ट देव, गुरु या भगवान पर संदेह है।

मेरे दिल की ख्वाहिश

ॐ साईं राम

साईं तेरे दरबार से कोई खाली न जाए,
जो आये एक बार, इसी दर का हो जाए |


बाबा इस दरबार की कोई नहीं है काट,
धनी हो या ग़रीब हो, तुम रहे हो खुशियाँ बाँट |
प्याला श्रद्धा-सबूरी का जो पीये इक बार,
कोई कष्ट न आये उस पर हो जाए उद्धार |
साईं तेरे प्यार को ये मन तरस रहा,
आंसू ऐसे छलक रहे जैसे बादल बरस रहा |
इन आंसुओं का बाबा मेरे कुछ तो मूल्य डाल,
कुछ ऐसा अब कर दे तेरे दर पे आऊं हर साल |
साईं तेरे दरबार में कोई कमी नहीं,
बन जाऊं चाकर तेरा तो कोई ग़मी नहीं |
साईं तेरे दरबार की गर नौकरी मिल जाए,
सच कहता हूँ बाबा फिर मुझे और कुछ न भाये |
तेरे दर की चौखट को सदा रहूँगा चाट,
रोटी देना- न देना फिर कोई नहीं है बात |
तेरे दर पर प्राण ये निकलें यह इच्छा है मेरी,
बाबा उस समय जल्दी आना न लगाना देरी |

Saturday, 22 March 2014

इसी तरह साईं प्रभु की माया बड़ी अपार

ॐ सांई राम



जग अनंत, बदले नहीं
सत्य सिद्ध यह सार
इसी तरह साईं प्रभु की
माया बड़ी अपार



... कौन रहे मात-पिता
ज्ञात ना जनम दिनांक
जन्म, उम्र साईं प्रभु की
अनुमान से आंक.

बाबा को जानने के लिए इन संदेशो को निरंतर पढ़े.

Friday, 21 March 2014

जो जन करे रक्त-दान

ॐ सांई राम


 जो जन करे रक्त-दान
 
पावे सुख, शांति और मान
 
साईं सवारे उसका जीवन
 
जिसके रक्त से बच जावे जान.

Thursday, 20 March 2014

श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 18/19


ॐ सांई राम


आप सभी को शिर्डी के साँई बाबा ग्रुप की और से साईं-वार की हार्दिक शुभ कामनाएं, हम प्रत्येक साईं-वार के दिन आप के समक्ष बाबा जी की जीवनी पर आधारित श्री साईं सच्चित्र का एक अध्याय प्रस्तुत करने के लिए श्री साईं जी से अनुमति चाहते है |

हमें आशा है की हमारा यह कदम घर घर तक श्री साईं सच्चित्र का सन्देश पंहुचा कर हमें सुख और शान्ति का अनुभव करवाएगा, किसी भी प्रकार की त्रुटी के लिए हम सर्वप्रथम श्री साईं चरणों में क्षमा याचना करते है|


श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 18/19 -
---------------

श्री हेमाडपंत पर बाबा की कृपा कैसे हुई । श्री साठे और श्रीमती देशमुख की कथा, आनन्द प्राप्ति के लिये उत्तम विचारों को प्रोत्साहन, उपदेश में नवीमता, निंदा सम्बंधी उपदेश और परिश्रम के लिए मजदूरी ।
------------------------------​-----

Wednesday, 19 March 2014

साईं जी की आँखों से काम लेते हैं ........

ॐ साईं राम


साईं की आँखों से काम लेते हैं,

साईं के दामन को थाम लेते है |
 
दूर होती हैं सारी मुश्किलें,
 
जब साईं बाबा का दिल से नाम लेते हैं |


 अब तो ऐसा हाल है भक्तो,बन गए हम तो बाबा के,

बाबा का भी मन नहीं लगता,बिन पगले दीवानों के |
 
अलग कोई अब कर न सके,बंधन यह ऐसा बन्ध गया रे,
 
चल गया चल गया चल गया रे,बाबा का जादू चल गया रे |

Tuesday, 18 March 2014

ओ शिर्डी वाले बाबा मैं तेरा हो गया

ॐ साईं राम


जब से मुझको साईं तेरी भक्ति मिली ...
मेरे मुरझाये मन में हैं कलियाँ खिली ...
जो न सोचा कभी था वही हो गया ..
ए शिर्डी वाले बाबा मैं तेरा हो गया ....


धन दौलत न चाँदी सोना दे ,
बाबा अपने चरणों में मुझे एक कोना दे ,
(((साईं))) तेरी सेवा ही मेरी जागीर हो ,
मन-मंदिर में बस तेरी ही तस्वीर हो

Monday, 17 March 2014

तेरा दामन छोडू कैसे

ॐ सांई राम

फूल भरे है दामन दामन
लेकिन वीरान गुलशन गुलशन
अक्ल की बातें करने वाले
क्या समझेगे दिल की धड़कन
कौन किसी के दुःख का साथी
आपने आसू अपना दामन
सांई,तेरा दामन छोडू कैसे
मेरी दुनिया तो बस तेरा दामन

जय सांई राम!!!

 मेरे बाबा तेरी रहमत की भीख मांगते हैं हम
मेहरबान कोई न तुझ सा है यह भी जानते हैं हम
 एक बस तू ही सुनने वाला है फ़रियाद टूटे हुए दिल की
झुकाया सर जो सजदे में,हो गयीं ये आँखें नम
ख़ुशी में भूल जाते हैं,मिले लेकिन जो ग़म कोई
दामन फैला कर तेरे दर पर चले आते हैं हम
सुना है बिन मांगे मिलता है दरबार-ए-इलाही में
कैसे जायेंगे भला हो के मायूस तेरे घर से हम
कहाँ जाएँ तेरे बन्दे न हो तू यूं ख़फा हमसे
  " हिमेंद्र " हैं गुनाहों पर, तू करदे अब उस पे करम

Sunday, 16 March 2014

सभी जीवों में साईं है

ॐ साईं राम


सभी जीवों में साईं है
होते सभी समान,
सेवा कर सब जीवों की
यही साईं का ज्ञान |
सदा  अमीरी  न  रहे  
श्रंगार लुप्त  हो  जाये,  
एक  फकीरी  है  अमर 
साईं  तक  ले  जाये |

ॐ श्री साईं नाथाये नमः

Saturday, 15 March 2014

मेरा साईं कहंदा है गुस्सा त्यागो

ॐ साईं राम

अपने साईं नूं कोई समझ न पाया
लीला उस दी अपरम्पार
फूल वी उगाए ते कंडे वी लगाए
पतझड़, सावन, सर्दी, गर्मी , 
नाल बनाई बसंत-बहार
सुख-दुख है सब उस ने बनाए
कारन-करावन वाला ओ आप
मेरा साईं कहंदा है गुस्सा त्यागो
नफरत छड दो ,करो सब न नूं रज रज प्यार
साईं दी कहानियाँ नूं पड़ के समझो
समझ समझ के हो जाओ तैयार
हुन प्रेम -प्यार नूं मन विच वसाओ
गुस्सा -नफरत , लालच- लोभ,
अंदरों कड के मारों बाहर
जय साईं राम!!!

Friday, 14 March 2014

मेरे साईंयां मैनू कुत्तेयाँ च रख लै

ॐ साईं राम 

इक नज़र मेहर दी तक लै
मेरे साईंयां मैनू कुत्तेयाँ च रख लै 
मैं होर किसे तों की लैना
तेरे दर दा हो के जी लैना
इक वारी पल्ला फड लै
मेरे साईंयां मैनू कुत्तेयाँ च रख लै
मैं दर तेरे ते मर जावां
तेरे नाम ए जिंदगी कर जावां
इक वारी पल्ला फड लै
इक वारी दर ते सद लै
मेरे साईंयां मैनू कुत्तेयाँ च रख लै
मैं चन्गा हाँ या मंदा हाँ 
बस नाम तेरे विच रंगा हाँ
मेरी जिन्दडी दा पल्ला फड लै
मेरे साईंयां मैनू कुत्तेयाँ च रख लै
तेरे इश्क ने नच्चन ला दित्ता
नच्चन दा नहीं सी वल मैनू
पैरां विच घुंघरू पा दित्ता
तेरे इश्क ने मंगन ला दित्ता
मंगने दा नहीं सी वल मैनू
हथ विच कांसा फडवा दित्ता
इक वारी दर ते सद लै 
मेरे साईंयां मैनू कुत्तेयाँ च रख लै
जिदा विच शिर्डी दे डेरा ए
ओ सिर दा साईं मेरा ए
मैं होर किसे तो की लैना
तेरे दर दा हो के जी लैना
इक वारी दर ते सद लै
मेरे साईंयां मैनू कुत्तेयाँ च रख लै

Thursday, 13 March 2014

श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 16/17

ॐ सांई राम


आप सभी को शिर्डी के साँई बाबा ग्रुप की और से साईं-वार की हार्दिक शुभ कामनाएं
हम प्रत्येक साईं-वार के दिन आप के समक्ष बाबा जी की जीवनी पर आधारित श्री साईं सच्चित्र का एक अध्याय प्रस्तुत करने के लिए श्री साईं जी से अनुमति चाहते है |

हमें आशा है की हमारा यह कदम घर घर तक श्री साईं सच्चित्र का सन्देश पंहुचा कर हमें सुख और शान्ति का अनुभव करवाएगा | किसी भी प्रकार की त्रुटी के लिए हम सर्वप्रथम श्री साईं चरणों में क्षमा याचना करते है |


श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 16/17
--------------------
शीघ्र ब्रहृज्ञान की प्राप्ति
-----------------------------
इन दो अध्यायों में एक धनाढ्य ने किस प्रकार साईबाबा से शीघ्र ब्रहृज्ञान प्राप्त करना चाहा था , उसका वर्णन हैं ।


Wednesday, 12 March 2014

साईं बाबा जी ने कहा था :

ॐ सांई राम


साईं बाबा जी ने कहा था :

"मै तुम्हारे ह्रदय मे विराजमान हूँ, सभी जीवित प्राणियों के ह्रदय में, मै ही व्याप्त हूँ"

"चाहे इस संसार में तुम कही भी जाओ, में हर जगह तुम्हारे साथ ही जाता हूँ | तुम्हारा ह्रदय ही मेरा घर है; में तुम्हारे अंत:करण में निवास करता हूँ" |

"चाहे इस संसार में तुम कही भी जाओ, में हर जगह तुम्हारे साथ ही जाता हूँ | तुम्हारा ह्रदय ही मेरा घर है; में तुम्हारे अंत:करण में निवास करता हूँ" |


मुझे सबसे ज्यादा प्यारा वो भक्त है जो हर किसी जरुरतमंद इंसान की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहता हो और हर किसी के सुख और दुःख में शामिल होता हो और किसी गरीब, बेसहारा जरुरतमंद इंसान की मदद करना ही तो मेरी भक्ति करना है ......अल्लाह मालिक !!

Tuesday, 11 March 2014

तेरा हाथ जिसने पकड़ा

ॐ साईं राम

तेरा हाथ जिसने पकड़ा वो रहा न बेसहारा
दरिया में ड़ूब कर भी उसे मिल गया किनारा
सद्गुरु से जो मिला है कहीं और क्या मिलेगा
ये ऐसा सिलसिला है भगवान जा मिलेगा
डूबा जो प्रेम सागर मिलता उसे किनारा
तेरा हाथ जिसने पकड़ा वो रहा न बेसहारा
मन खोजता उसी को जिसने इसे सवांरा
जब भी जुबान खोली उसका ही नाम आया
सुनता है प्रभु उसीकी जिसने उसे पुकारा
तेरा हाथ जिसने पकड़ा मिलता उसे किनारा
झूठी है सारी दुनिया झूठी है इसकी बातें
झूठा है रूप इसका झूठी सारी ज़माते
समझाया जिंदगी ने बड़े काम का इशारा
तेरा हाथ जिसने पकड़ा उसे मिल गया किनारा

Monday, 10 March 2014

बाबा की द्वारिकमाई

ॐ साईं राम  

मेरे साईं नाथ की महिमा बड़ी निराली है
बाबा से जिसने प्यार किया
उसके घर में मनती रोज दिवाली है
मेरे साईं नाथ की महिमा बड़ी निराली है
उसके दर पे बनके आया जो भी सवाली है
बाबा ने उस पे रहमत बरसा डाली 
बाबा से जिसने जो माँगा उसकी बात कभी न टाली है
आ यहाँ जो खाली जाये हो तो कोई मुझे बताये
बाबा की द्वारिकमाई से मिलती सबको निवाली है
बाबा के शिर्डी आने से हुई जग में उजयाली है
तुम भी जाकर दर्शन कर लो
वहा सबको किस्मत बदलने वाली है
मेरे साईं नाथ की महिमा बड़ी निराली है

Sunday, 9 March 2014

कौन है बाबा साईं ???

ॐ साईं राम


कौन है बाबा साईं ???

ये समझाया और समझा जा नहीं सकता है....

पर इतनी बात तो पक्की है कि मेरा साईं मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारे, चर्च में नहीं है....

मेरा साईं मूर्ति, पत्थर या कागज़ में नहीं है....

मेरा साईं भगवा कपड़ों में नहीं है....

मेरा साईं नदियों, गुफाओं या पहाड़ों में भी नहीं है....


फिर कहाँ है मेरा साईं, मेरा बाबा ??? 

चलो मैं ही बताता हूँ...

मेरा साईं हर किसी के अन्दर है..
मेरे साईं एक विशवास है....एक नियम है....एक एहसास है....एक सच है..
जिस मन में साईं है ...वो मन ही मंदिर है..
किसी में भी साईं जैसे गुणों का होना ही साईं का होना है..
जैसे सूरज औरों के लिए जलता है..
जैसे जल औरों को जीवन देता है..
जैसे हवा औरों को सकून देती है..
जैसे धरती माँ औरों को सब कुछ देती है..
जैसे पेड़ अपने फल औरों को देते है..
ठीक वैसे ही जो इन्सान सब औरों के लिए करता है..
वो ही साईं है |

For Donation

For donation of Fund/ Food/ Clothes (New/ Used), for needy people specially leprosy patients' society and for the marriage of orphan girls, as they are totally depended on us.

For Donations, Our bank Details are as follows :

A/c - Title -Shirdi Ke Sai Baba Group

A/c. No - 200003513754 / IFSC - INDB0000036

IndusInd Bank Ltd, N - 10 / 11, Sec - 18, Noida - 201301,

Gautam Budh Nagar, Uttar Pradesh. INDIA.

बाबा के 11 वचन

ॐ साईं राम

1. जो शिरडी में आएगा, आपद दूर भगाएगा
2. चढ़े समाधी की सीढी पर, पैर तले दुःख की पीढ़ी कर
3. त्याग शरीर चला जाऊंगा, भक्त हेतु दौडा आऊंगा
4. मन में रखना द्रढ विश्वास, करे समाधी पूरी आस
5. मुझे सदा ही जीवत जानो, अनुभव करो सत्य पहचानो
6. मेरी शरण आ खाली जाए, हो कोई तो मुझे बताए
7. जैसा भाव रहे जिस जन का, वैसा रूप हुआ मेरे मनका
8. भार तुम्हारा मुझ पर होगा, वचन न मेरा झूठा होगा
9. आ सहायता लो भरपूर, जो माँगा वो नही है दूर
10. मुझ में लीन वचन मन काया, उसका ऋण न कभी चुकाया
11. धन्य-धन्य व भक्त अनन्य, मेरी शरण तज जिसे न अन्य

.....श्री सच्चिदानंद सदगुरू साईनाथ महाराज की जय.....

गायत्री मंत्र

ॐ भूर्भुवः॒ स्वः॒
तत्स॑वितुर्वरे॑ण्यम्
भ॒र्गो॑ दे॒वस्य॑ धीमहि।
धियो॒ यो नः॑ प्रचो॒दया॑त्॥

Word Meaning of the Gayatri Mantra

ॐ Aum = Brahma ;
भूर् bhoor = the earth;
भुवः bhuwah = bhuvarloka, the air (vaayu-maNdal)
स्वः swaha = svarga, heaven;
तत् tat = that ;
सवितुर् savitur = Sun, God;
वरेण्यम् varenyam = adopt(able), follow;
भर्गो bhargo = energy (sin destroying power);
देवस्य devasya = of the deity;
धीमहि dheemahi = meditate or imbibe

these first nine words describe the glory of Goddheemahi = may imbibe ; pertains to meditation

धियो dhiyo = mind, the intellect;
यो yo = Who (God);
नः nah = our ;
प्रचोदयात prachodayat = inspire, awaken!"

dhiyo yo naha prachodayat" is a prayer to God


भू:, भुव: और स्व: के उस वरण करने योग्य (सूर्य) देवता,,, की (बुराईयों का नाश करने वाली) शक्तियों (देवता की) का ध्यान करें (करते हैं),,, वह (जो) हमारी बुद्धि को प्रेरित/जाग्रत करे (करेगा/करता है)।


Simply :

तीनों लोकों के उस वरण करने योग्य देवता की शक्तियों का ध्यान करते हैं, वह हमारी बुद्धि को प्रेरित करे।


The God (Sun) of the Earth, Atmosphere and Space, who is to be followed, we meditate on his power, (may) He inspire(s) our intellect.