शिर्डी के साँई बाबा जी की समाधी और बूटी वाड़ा मंदिर में दर्शनों एंव आरतियों का समय....

"ॐ श्री साँई राम जी
समाधी मंदिर के रोज़ाना के कार्यक्रम

मंदिर के कपाट खुलने का समय प्रात: 4:00 बजे

कांकड़ आरती प्रात: 4:30 बजे

मंगल स्नान प्रात: 5:00 बजे
छोटी आरती प्रात: 5:40 बजे

दर्शन प्रारम्भ प्रात: 6:00 बजे
अभिषेक प्रात: 9:00 बजे
मध्यान आरती दोपहर: 12:00 बजे
धूप आरती साँयकाल: 7:00 बजे
शेज आरती रात्री काल: 10:30 बजे

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निर्देशित आरतियों के समय से आधा घंटा पह्ले से ले कर आधा घंटा बाद तक दर्शनों की कतारे रोक ली जाती है। यदि आप दर्शनों के लिये जा रहे है तो इन समयों को ध्यान में रखें।

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Saturday, 29 March 2014

तेरे दर पे आया में बनके भिखारी

ॐ साईं राम

तेरे दर पे आया में बनके भिखारी,
दे दे या ठुकरा दे यह मर्ज़ी तुम्हारी |
दुनिया ने मुझको बिसराया,
आखिर तेरे द्वारे आया |
अपना ले हे देव दयालु,
चरणों में तेरे शीश झुकाया |

तरस रहे हैं तेरे प्यार को, भक्तों से क्यों  रूठे हो |
वादा करके भूल गए तुम साईं बड़े ही झूठे हो |
प्यासे जीवन में कर दे तू खुशियों की बरसातें |
  हंसकर कर ले साईं भक्तों से दो बाते |
हम  भक्तो  को  दे  दे  यह  प्यार  भरी  सौगातें |

Friday, 28 March 2014

माँ की ममता के आगे तो, सारा जग भी छोटा है

ॐ सांई राम


बादशाह भी तू
फ़कीर भी तू
साधू भी तू
और पीर भी तू
कोई मिटा न सके जिसे
हाथो की वो लकीर तू
तू समाया हे सब में
साईं सब की तकदीर  तू
बाबा जी के 11  वचन 
1.     जो शिरडी में आएगा,आपद दूर भगायेगा
2.     बड़े समाधि की सीडी पर, पाव तले दुःख की पीडी पर
3.     त्याग शरीर चला जाऊँगा ,भक्त हेतु भागा आऊँगा
4.     मन मे रखना पूरण विश्वास ,करे समाधि पूरी आस
5.     मुझे सदा जीवित ही जानो ,अनुभव करो सत्य पहचानो
6.    मेरी शरण आ खाली जाये,होतो कोई मुझे बताये
7.    जैसा भाव रहा जिस जन का,वैसा रूप रहा मेरे मन का
8.    भार तुम्हारा मुझ पर होगा,वचन न मेरा झूठा होगा
9.    आ सहायता ले भरपूर ,जो माँगा वह नही है दूर
10.  मुझमें लीन वचन मन काया, उसका ऋण न कभी चुकाया
11. धन्य-धन्य वे भकत अनन्य ,मेरी शरण तज जिसे न अन्य.



माँ की ममता के आगे तो,
सारा जग भी छोटा है

Thursday, 27 March 2014

श्री साँई सच्चरित्र - अध्याय 20


ॐ सांई राम


आप सभी को शिर्डी के साईं बाबा ग्रुप की और से साईं-वार की हार्दिक शुभ कामनाएं
हम प्रत्येक साईं-वार के दिन आप के समक्ष बाबा जी की जीवनी पर आधारित श्री साईं सच्चित्र का एक अध्याय प्रस्तुत करने के लिए श्री साईं जी से अनुमति चाहते है|

हमें आशा है की हमारा यह कदम घर घर तक श्री साईं सच्चित्र का सन्देश पंहुचा कर हमें सुख और शान्ति का अनुभव करवाएगा, किसी भी प्रकार की त्रुटी के लिए हम सर्वप्रथम श्री साईं चरणों में क्षमा याचना करते है

श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 20
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विलक्षण समाधान . श्री काकासाहेब की नौकरानी द्घारा श्री दासगणू की समस्या का समाधान ।
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श्री. काकासाहेब की नौकरानी द्घारा श्री. दासगणू की समस्या किस प्रकार हल हुई, इसका वर्णन हेमाडपंत ने इस अध्याय में किया है ।

Wednesday, 26 March 2014

श्री सच्चिदानंद सदगुरु साईनाथ महाराज की जय

 ॐ साईं राम


हे साईनाथ हम सब भक्त अज्ञानी हैं मूर्ख हैं पापी हैं मोह माया में फसे गलतियों के पुतले हैं | हमें कुछ नहीं पता की हम क्या करें परन्तु जो भी हैं चाहे बुरे या अच्छे हैं चाहे सच्चे या झूठे हैं हम आपके बच्चे आपकी शरण में हैं, आपकी आज्ञा और आशीर्वाद के साथ | हमारा कोई नहीं है न इस दुनिया में और न इस दुनिया के बाद, न इस जीवन में और न इस जीवन के बाद | आप के बिना हम शून्य हैं हमारी कोई पहचान नहीं है | आप ही हमारा एकमात्र सहारा हो, हमारा विश्वास हो, हमारी सद्बुधि हो, हमारी हिम्मत हो, हमारे कर्म और कर्मों का फल हो, हमारी सुख और संपत्ति हो | हमारे सदगुरु हो, हमारे भगवान हो मालिक हो, और हमारी सर्वश्रेष्ठ सर्वोतम मंजिल हो | आपके सिवा कहाँ जाना है | आप हमारे हर कार्य करने वाले हो, हमारा तो केवल नाम है, यह नाम देने वाले भी आप ही हो | आप हमारे साथ हर पल हो, हमारे रक्षक हो, माता पिता हो, हर मुश्किल और बुराई लोभ, घमंड, मोह , माया, ईर्षा से बचाने वाले हो |जब आप हमारे साथ हर पल हो तो डरना क्यों, पर यह मन जो फिर भी भटकता रहता है इसे भी शांत कर के अपनी भक्ति में लगाने वाले आप हो | आप जो करते हो वो ही सत्य, अटल और सर्वश्रेष्ठ है क्योंकि आप ही जानते हो की हमारे लिए आपके बच्चों और भक्तों के लिए क्या अच्छा है और क्या बुरा | आप हमारे लिए सर्वश्रेष्ठ,सर्वोतम और मोक्ष का रास्ता बनाते हो, रास्ता दिखाते हो, रास्ते पे चलना सिखाते हो और हाथ पकड़ कर चलाते भी हो | आप हमारी परीक्षा लेते हो और आप ही हमें परीक्षा में पास करते हो | आप ही अपने भक्तों बच्चों को मान सम्मान दिलाते हो और आप आपने भक्तों बच्चों का मान सम्मान बड़ाते भी हो | आप ही बुरे विचारों को मन से दूर् करके अच्छे विचारों को मन में घर कराते हो | आप ही हमें इस लायक बनाते हो कि हम जहाँ भी जाएँ सब को खुशियाँ दे सकेँ सब के काम आ सकें | आप ही हमें इस लायक बनाते हो कि शांत और सच्चे मन से आप की भक्ति करते रहें और दूसरों को भी शांत और सच्चे मन से भक्ति करने की प्रेरणा दे सकेँ | आप ही अपना स्थान बनाते हो , आप ही अपना सत्संग कराते हो और हमें अपनी सेवा में शामिल भी करते हो | आपकी आज्ञा और आशीर्वाद के बिना ना कोई शिर्डी आ सकता है और ना छोड़ सकता है | आपकी आज्ञा और आशीर्वाद हमारे साथ सदा है | साईनाथ केवल आप से ही मांगना, आप की तरफ देखना है, आप की भक्ति करनी है और आप को ही प्रार्थना करनी है | हम आपके सदा ऋणी हैं, शुक्रगुजार हैं और आपकी शरण में हैं | हमारा हाथ आपके हाथ में है | आपने हमारा हाथ सदा के लिए अपने हाथ में पकड़ा हुआ है | हमारा शुरू और अंत आप से ही है. हमें सदा क्षमा करने वाले दयावान आप ही हो |

श्री सच्चिदानंद सदगुरु साईनाथ महाराज की जय

Tuesday, 25 March 2014

राष्ट्र एकता के लिए... भगवन शिर्डी आये..

ॐ सांई राम


दो सदियों के बाद में
वैमनस्य बढ़ जाये
हिन्दू-मुस्लिम एकता
खतरे में पढ़ जाये.
सभी को हमारी ॐ साईं राम ...
इस दूरी को पाटने
प्रघट हुए साईश
एक होए भगवन जी
अल्लाह हो या ईश.
ॐ श्री साईं नाथाये नमः ....
राम रहीमा एक ही
साईं में हम पाए
राष्ट्र एकता के लिए
भगवन शिर्डी आये...

Monday, 24 March 2014

थैलीसीमिया thalassemia- जागरूकता जरूरी है


थैलीसीमिया thalassemia- एक अनुवांशिक रोग है। जागरूकता के अभाव के कारण पूरी दुनिया में इस रोग से पीड़ित बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कम गंभीर मामलों में सही उपचार अपना कर सामान्य जीवन जिया जा सकता है। इसके लिए इसके प्रति जागरूक बहुत जरूरी है।
थैलीसीमिया एक रक्त संबंधी विकार है। इसमें हीमोग्लोबिन, जो शरीर में ऑक्सीजन को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाता है, में खराबी आ जाती है। इसके कारण लाल रक्त कणिकाएं नष्ट हो जाती हैं, जिससे गंभीर एनीमिया हो जाता है। हमारे देश में थैलीसीमिया के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। भारत में करीब 6 करोड़ लोग थैलेसीमिया माइनर से पीड़ित हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर वर्ष 7-10 हजार थैलीसीमिया से ग्रस्त बच्चों का जन्म होता है।
क्या होता है थैलीसीमिया
यह अनुवांशिक रोग है, जो बच्चों को माता-पिता से विरासत में मिलता है। थैलीसीमिया के दो प्रकार होते हैं:
थैलीसीमिया मेजर
थैलीसीमिया माइनर
थैलीसीमिया माइनर तब होता है, जब बच्चे को क्षतिग्रस्त जीन एक ही पैरेंट यानी माता या पिता में से किसी एक से मिलता है। लेकिन जब माता और पिता दोनों से ही उसे क्षतिग्रस्त जीन मिलेंगे तो मेजर थैलीसीमिया की पूरी आशंका होती है। यदि माता-पिता दोनों सामान्य हैं तो उनके बच्चे थैलीसीमिया से पीड़ित नहीं होंगे।
माता-पिता में से किसी एक को यदि माइनर थैलीसीमिया है तो बच्चों को यह हो भी सकता है और नहीं भी हो सकता है। यदि माता-पिता दोनों को माइनर थैलीसीमिया हो तो बच्चे को थैलीसीमिया होने का खतरा ज्यादा रहता है। इसमें 25 प्रतिशत बच्चे सामान्य हो सकते हैं, 50 प्रतिशत को माइनर थैलीसिमिया व 25 प्रतिशत को मेजर थैलीसीमिया होने की आशंका अधिक होती है।
लक्षण
थैलीसीमिया मेजर के सबसे गंभीर रूप में मृत बच्चे का जन्म हो सकता है या गर्भावस्था के आखिरी समय में बच्चे की मृत्यु हो जाती है।
बच्चे जो थैलीसीमिया मेजर (कूले एनीमिया) के साथ जन्म लेते हैं, वे जन्म के समय सामान्य होते हैं, लेकिन जन्म के पहले वर्ष में उन्हें गंभीर एनीमिया हो जाता है।
अन्य लक्षण
चेहरे की हड्डियां का विकृत होना।
थकान।
असामान्य विकास।
त्वचा का पीला हो जाना (पीलिया)।
चेहरा सूख जाना और मुरझाया हुआ लगना।
लगातार कमजोरी और बीमारी की स्थिति बनी रहना, वजन नहीं बढ़ना।
उपचार
थैलीसीमिया मेजर के उपचार में नियमित अंतराल पर रक्त चढ़ाने की आवश्यकता होती है। जो लोग रक्ताधान (ब्लड ट्रांसफ्यूजन) ले रहे हैं, वे आयरन के सप्लीमेंट न लें, क्योंकि ऐसा करने से रक्त में आयरन की मात्रा बहुत बढ़ जाती है। इससे हृदय, लीवर और एंडोक्राइन सिस्टम क्षतिग्रस्त हो जाता है। थैलेसीमिया के रोगी को डायबिटीज यानि शूगर होने का खतरा बढ़ जाता है।
शरीर में आयरन का स्तर बढ़ जाने पर चिलेशन थेरेपी की आवश्यकता पड़ती है, जिसमें अतिरिक्त आयरन को शरीर से बाहर निकाला जाता है। बच्चों में इस रोग के उपचार के लिए अस्थि-मज्जा प्रत्यारोपण (बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन Bone marrow transplant) सबसे कारगर होता है, जो सगे भाई या बहन द्वारा दिया जा सकता है।
बचाव
गंभीर थैलीसीमिया में 20 से 30 साल की उम्र में ही हार्ट फेल होने से मृत्यु हो जाती है। थैलीसीमिया के कम गंभीर रूप में आयु कम नहीं होती है। नियमित रूप से रक्त चढ़ाने और चिलेशन थेरेपी से सामान्य जीवन जीने में मदद मिलती है। सबसे कारगर उपाय है कि शादी से पहले लड़का-लड़की अपना चेकअप करा लें। थैलीसीमिया से पीड़ित दो लोगों को कभी आपस में शादी नहीं करनी चाहिए।
संभव है थैलीसीमिया की रोकथाम
गर्भवती महिला को गर्भावस्था के पहले तीन महीनों में ही थैलीसीमिया की जांच करा लेनी चाहिए और अगर वह थैलीसीमिया की कैरियर है, तब पति की भी जांच करानी चाहिए। अगर दोनों पॉजीटिव हैं, तब एंटी-नेटल डायग्नोसिस कराना चाहिए कि कहीं बच्चे को थैलीसीमिया होने का खतरा तो नहीं है। अगर बच्चा इससे पीड़ित है तो गर्भपात करा लेना चाहिए। अगर थैलीसीमिया से पीड़ित दो लोग शादी कर लेते हैं तो जन्म लेने वाले बच्चे के थैलीसीमिया मेजर से पीड़ित होने का खतरा 25 प्रतिशत बढ़ जाता है।
इसका इलाज बहुत मंहगा है, क्योंकि पूरे जीवन भर उसे रक्ताधान कराना होता है। लगातार रक्ताधान और आयरन की मात्रा बढ़ने से जीवन पर खतरा और बढ़ जाता है।
प्री-इम्प्लांटेशन जेनेटिक डायग्नोसिस क्या है?
प्री-इम्प्लांटेशन जेनेटिक डायग्नोसिस एक प्रभावकारी तकनीक है, जिससे जैविक विकारों को माता-पिता से बच्चों में स्थानांतरित होने से रोका जा सकता है। इस डायग्नोसिस में मां को स्टीम्युलेशन देकर अंडे प्रोडय़ूस कराए जाते हैं, जिन्हें इकट्ठा कर निषेचित कराया जाता है। फिर इन भ्रूणों को विभिन्न बीमारियों के लिए टेस्ट किया जाता है जैसे- थैलीसीमिया, डाउन सिंड्रोम इत्यादि, और केवल सामान्य भ्रूणों को गर्भाशय में स्थानांतरित किया जाता

फकीरी सच्ची बादशाही अमीरी से लाख सवाई गरीबो का अल्हा भाई

ॐ साईं राम



श्री साई बाबा कभी-कभी कहा करते थे कि फकीरी सच्ची बादशाही अमीरी से लाख सवाई गरीबो का अल्हा भाई  फकीरी ही सच्ची अमीरी है । उसका कोई अन्त नहीं । जिसे अमीरी के नाम से पुकारा जाता है, वह शीघ्र ही लुप्त हो जाने वाली है - श्री साई सच्चरित्र

Sunday, 23 March 2014

अपने इष्ट देव, गुरु या भगवान को जाने

पूरा अवश्य पढ़े

हम अपने इष्ट, भगवान या गुरु जी के दरबार, मंदिर या दर पर सिर्फ इसलिए जाते हैं कि हम जानते हैं कि केवल वही है जो हमारी किस्मत का फैसला कर सकते हैं और उनके सिवा कोई और विकल्प हैं ही नहीं कि जो हमारा उचित कर के या भाग्य सवार कर हमारी सभी तरह की मुश्किलों से हमें छुटकारा पाने में और हमारी झोली में खुशियों के मोती बरसाने की कृपा करें।

ऐसे में अगर एक तरफ हमारा विश्वास इतना अटल हैं तो क्यों हम दूसरों को उसी इष्ट देव, भगवान या गुरु के नाम का डर दिखाकर एक ही बात का दूसरा अर्थ निकाल लेते हैं।

एक बात तो तय है कि वह जो समस्त संसार की संरचना करता है और वह ही एकमात्र ऐसा पालक हैं जो हर घड़ी हमारे ऊपर अपनी रहमतो की बारिशें निरंतर करता हैं, वह किसी भी तरह से हमें किसी भी तरह के दुःख में देखना तो कतई पसंद नहीं करेगा।

आपको यदि कोई व्यक्ति कोई ऐसा संदेश भेजे जिसमें कहा गया है कि इस संदेश को कम से कम इतने लोगों को भेजे नहीं तो आपका अहित होगा।

तो ऐसे संदेश को सिर्फ यह जान कर मिटा दे कि इस संदेश को भेजने वाले व्यक्ति को अभी तक अपने इष्ट देव, गुरु या भगवान पर संदेह है।

मेरे दिल की ख्वाहिश

ॐ साईं राम

साईं तेरे दरबार से कोई खाली न जाए,
जो आये एक बार, इसी दर का हो जाए |


बाबा इस दरबार की कोई नहीं है काट,
धनी हो या ग़रीब हो, तुम रहे हो खुशियाँ बाँट |
प्याला श्रद्धा-सबूरी का जो पीये इक बार,
कोई कष्ट न आये उस पर हो जाए उद्धार |
साईं तेरे प्यार को ये मन तरस रहा,
आंसू ऐसे छलक रहे जैसे बादल बरस रहा |
इन आंसुओं का बाबा मेरे कुछ तो मूल्य डाल,
कुछ ऐसा अब कर दे तेरे दर पे आऊं हर साल |
साईं तेरे दरबार में कोई कमी नहीं,
बन जाऊं चाकर तेरा तो कोई ग़मी नहीं |
साईं तेरे दरबार की गर नौकरी मिल जाए,
सच कहता हूँ बाबा फिर मुझे और कुछ न भाये |
तेरे दर की चौखट को सदा रहूँगा चाट,
रोटी देना- न देना फिर कोई नहीं है बात |
तेरे दर पर प्राण ये निकलें यह इच्छा है मेरी,
बाबा उस समय जल्दी आना न लगाना देरी |

For Donation

For donation of Fund/ Food/ Clothes (New/ Used), for needy people specially leprosy patients' society and for the marriage of orphan girls, as they are totally depended on us.

For Donations, Our bank Details are as follows :

A/c - Title -Shirdi Ke Sai Baba Group

A/c. No - 200003513754 / IFSC - INDB0000036

IndusInd Bank Ltd, N - 10 / 11, Sec - 18, Noida - 201301,

Gautam Budh Nagar, Uttar Pradesh. INDIA.