शिर्डी के साँई बाबा जी की समाधी और बूटी वाड़ा मंदिर में दर्शनों एंव आरतियों का समय....

"ॐ श्री साँई राम जी
समाधी मंदिर के रोज़ाना के कार्यक्रम

मंदिर के कपाट खुलने का समय प्रात: 4:00 बजे

कांकड़ आरती प्रात: 4:30 बजे

मंगल स्नान प्रात: 5:00 बजे
छोटी आरती प्रात: 5:40 बजे

दर्शन प्रारम्भ प्रात: 6:00 बजे
अभिषेक प्रात: 9:00 बजे
मध्यान आरती दोपहर: 12:00 बजे
धूप आरती साँयकाल: 5:45 बजे
शेज आरती रात्री काल: 10:30 बजे

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निर्देशित आरतियों के समय से आधा घंटा पह्ले से ले कर आधा घंटा बाद तक दर्शनों की कतारे रोक ली जाती है। यदि आप दर्शनों के लिये जा रहे है तो इन समयों को ध्यान में रखें।

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Thursday, 28 February 2013

श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 2

ॐ सांई राम
 
आप सभी को शिर्डी के साईं बाबा ग्रुप की ओर से साईं-वार की हार्दिक शुभ कामनाएं |

हम प्रत्येक साईं-वार के दिन आप के समक्ष बाबा जी की जीवनी पर आधारित श्री साईं सच्चित्र का एक अध्याय प्रस्तुत करने के लिए श्री साईं जी से अनुमति चाहते है |

हमें आशा है की हमारा यह कदम घर घर तक श्री साईं सच्चित्र का सन्देश पंहुचा कर हमें सुख और शान्ति का अनुभव करवाएगा| किसी भी प्रकार की  त्रुटी के लिए हम सर्वप्रथम श्री साईं चरणों में क्षमा याचना करते है|

श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 2

ग्रन्थ लेखन का ध्येय, कार्यारम्भ में असमर्थता और साहस, गरमागरम बहस, अर्थपूर्ण उपाधि हेमाडपन्त, गुरु की आवश्यकता । 
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गत अध्याय में ग्रन्थकार ने अपने मौलिक ग्रन्थ श्री साई सच्चरित्र (मराठी भाषा) में उन कारणों पर प्रकाश डाला था, जिननके दृारा उन्हें ग्रन्थरतना के कार्य को आरन्भ करने की प्रेरणा मिली । अब वे ग्रन्थ पठन के योग्य अधिकारियों तथा अन्य विषयों का इस अध्याय में विवेचन करते हैं ।



ग्रन्थ लेखन का हेतु
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Wednesday, 27 February 2013

श्री साईं लीलाएं - ऊदी के चमत्कार से पुत्र-प्राप्ति


ॐ सांई राम

कल हमने पढ़ा था.. 
कुत्ते की पूँछ


श्री साईं लीलाएं





 
ऊदी के चमत्कार से पुत्र-प्राप्ति


शिरडी के पास के गांव में लक्ष्मीबाई नाम की एक स्त्री रहा करती थी| नि:संतान होने के कारण वह रात-दिन दु:खी रहा करती थी| जब उसको साईं बाबा के चमत्कारों के विषय में पता चला तो वह द्वारिकामाई मस्जिद में आकर वह साईं बाबा के चरणों पर गिरने ही वाली थी कि साईं बाबा ने तुरंत उसे कंधों से थाम लिया और बोले- "मां, यह क्या करती हो ?"

लक्ष्मी बुरी तरह से रोने लगी|

Tuesday, 26 February 2013

श्री साईं लीलाएं - कुत्ते की पूँछ


ॐ सांई राम

कल हमने पढ़ा था.. 
दयालु साईं बाबा


श्री साईं लीलाएं









कुत्ते की पूँछ


पंडितजी चुपचाप बैठे अपने भविष्य के विषय में चिंतन कर रहे थे| उन्हें पता ही नहीं चला कि कब एक आदमी उनके पास आकर खड़ा हो गया है| जब पंडितजी ने कुछ ध्यान न दिया तो, उसने स्वयं आवाज दी|

"राम-राम पंडितजी|"

पंडितजी चौंक गये|

"क्या बात है, किस सोच में पड़े हो ?"

Monday, 25 February 2013

श्री साईं लीलाएं - दयालु साईं बाबा

ॐ सांई राम

कल हमने पढ़ा था.. 
बाबा के विरुद्ध पंडितजी की साजिश

श्री साईं लीलाएं



दयालु साईं बाबा


दोपहर का समय था!

साईं बाबा खाना खाने के बाद अपने भक्तों से वार्तालाप कर रहे थे कि अचानक सारंगी के सुरों के साथ तबले पर पड़ी थाप से मस्जिद की गुम्बदें और मीनारें गूंज उठीं|

सब लोग चौंक उठे| दूसरे ही क्षण मस्जिद के दालान पर सारंगी के सुरों और तबलों की थापों के साथ घुंघरों की रुनझुन भी गूंज उठी| सभी शिष्य एक रूपसी नव नवयौवना की ओर देखने लगे| जिसके सुंदर बदन पर रेशमी घाघरा तथा चोली थी| जब वह नाचते हुए तेजी के साथ गोल-गोल चक्कर काटती थी, तो उसका रेशमी घाघरा गोरी-गोरी टांगों से ऊपर तक उठ जाता था|

Sunday, 24 February 2013

श्री साईं लीलाएं - बाबा के विरुद्ध पंडितजी की साजिश

ॐ सांई राम

कल हमने पढ़ा था..
पानी से दीप जले

श्री साईं लीलाएं


बाबा के विरुद्ध पंडितजी की साजिश

पंडितजी साईं बाबा को गांव से भगाने के विषय में सोच-विचार कर रहे थे कि तभी एक पुलिस कोंस्टेबिल आता दिखाई दिया| पंडितजी ने उसे दूर से ही पहचान लिया था| उसका नाम गणेश था| वह पंडितजी के पास आता-जाता रहता था|

Saturday, 23 February 2013

श्री साईं लीलाएं - पानी से दीप जले

ॐ सांई राम

कल हमने पढ़ा था..
साईं बाबा का आशीर्वाद

श्री साईं लीलाएं

 
  
पानी से दीप जले

साईं बाबा जब से शिरडी में आये थे| वे रोजाना शाम होते ही एक छोटा-सा बर्तन लेकर किसी भी तेल बेचने वाले दुकानदार की दुकान पर चले जाते और रात को मस्जिद में चिराग जलाने के लिए थोडा-सा तेल मांग लाया करते थे|


Friday, 22 February 2013

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 10 - विभूतियोग

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 10 - विभूतियोग

विभूति व योगशक्ति (अध्याय 10 शलोक 1 से 7)
श्रीभगवानुवाच:
भूय एव महाबाहो शृणु मे परमं वचः।
यत्तेऽहं प्रीयमाणाय वक्ष्यामि हितकाम्यया॥१०- १॥
फिर से, हे महाबाहो, तुम मेरे परम वचनों को सुनो। क्योंकि तुम मुझे प्रिय हो इसलिय मैं तुम्हारे हित के लिये तुम्हें बताता हूँ।

Thursday, 21 February 2013

श्री साई सच्चरित्र – अध्याय-1, गेहूँ पीसने वाला एक अद्भभुत सन्त वन्दना - गेहूँ पीसने की कथा तथा उसका तात्पर्य

सांई राम
आप सभी को शिर्डी के साईं बाबा ग्रुप की ओर साईं-वार की हार्दिक शुभ कामनाएं , हम प्रत्येक साईं-वार के दिन आप के समक्ष बाबा जी की जीवनी पर आधारित श्री साईं सच्चित्र का एक अध्याय प्रस्तुत करने के लिए श्री साईं जी से अनुमति चाहते है , हमें आशा है की हमारा यह कदम घर घर तक श्री साईं सच्चित्र का सन्देश पंहुचा कर हमें सुख और शान्ति का अनुभव करवाएगा, किसी भी प्रकार की त्रुटी के लिए हम सर्वप्रथम श्री साईं चरणों में क्षमा याचना करते है...


श्री साई सच्चरित्रअध्याय-1

गेहूँ पीसने वाला एक अद्भभुत सन्त वन्दना - गेहूँ पीसने की कथा तथा उसका तात्पर्य
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Wednesday, 20 February 2013

श्री साईं लीलाएं - साईं बाबा का आशीर्वाद


ॐ सांई राम



कल हमने पढ़ा था.. राघवदास की इच्छा

श्री साईं लीलाएं




साईं बाबा का आशीर्वाद

Tuesday, 19 February 2013

श्री साईं लीलाएं - राघवदास की इच्छा


ॐ सांई राम



कल हमने पढ़ा था.. जब सिद्दीकी को अक्ल आयी

श्री साईं लीलाएं






राघवदास की इच्छा

Monday, 18 February 2013

श्री साईं लीलाएं - जब सिद्दीकी को अक्ल आयी

ॐ सांई राम

कल हमने पढ़ा था.. बाबा के श्रीचरणों में प्रयाग

श्री साईं लीलाएं






जब सिद्दीकी को अक्ल आयी

Sunday, 17 February 2013

पाँच घरों से मांगी भिक्षा..... साँई नाम कहाये.....

ॐ सांई राम


पाँच पीर और पाँच प्यारे.....
पाँच दरिया पंजाब में.....
पाँच तत्वों का बना ये पुतला (शरीर).....
पाँच थे पाँडव.....
पाँच परमेश्वर.....
पाँच ही नमाज़ खुदा की.....
पंजा (पाँच )साहब गुरू की नगरी.....
पाँच अमृत.....
पाँच अक्षरी मंतर.....
पाँच आरती..... 
शिव जी आद अनादी.....
पाँच उंगलियों से बनती मुठ्ठी .....
ताकत बेहिसाबी.....
पाँच चीज़ों से बने पंजीरी.....
और पाँच से बनी पंजाबी.....
पाँच घरों से मांगी भिक्षा.....
साँई नाम कहाये.....
सबका मालिक एक है.....
यही सबक सिखलायें..... 
विशेष धन्यवाद नीरज अलंकार  

श्री साईं लीलाएं - बाबा के श्रीचरणों में प्रयाग

ॐ सांई राम

 
कल हमने पढ़ा था.. तुम्हारी जेब में पैसा-ही-पैसा

श्री साईं लीलाएं



बाबा के श्रीचरणों में प्रयाग



Saturday, 16 February 2013

श्री साईं लीलाएं - तुम्हारी जेब में पैसा-ही-पैसा

ॐ सांई राम
 

कल हमने पढ़ा था.. तात्या को बाबा का आशिर्वाद
श्री साईं लीलाएं



 
तुम्हारी जेब में पैसा-ही-पैसा





Friday, 15 February 2013

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 09 - राजविद्याराजगुह्ययोग

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 09 - राजविद्याराजगुह्ययोग
 
ज्ञान वर्णन (अध्याय 9 शलोक 1 से 6)

श्रीभगवानुवाच:
इदं तु ते गुह्यतमं प्रवक्ष्याम्यनसूयवे।
ज्ञानं विज्ञानसहितं यज्ज्ञात्वा मोक्ष्यसेऽशुभात्॥९- १॥
मैं तुम्हे इस परम रहस्य के बारे में बताता हूँ क्योंकि तुममें इसके प्रति कोई वैर वहीं है। इसे ज्ञान और अनुभव सहित जान लेने पर तुम अशुभ से मुक्ति पा लोगे।

For Donation

For donation of Fund/ Food/ Clothes (New/ Used), for needy people specially leprosy patients' society and for the marriage of orphan girls, as they are totally depended on us.

For Donations, Our bank Details are as follows :

A/c - Title -Shirdi Ke Sai Baba Group

A/c. No - 200003513754 / IFSC - INDB0000036

IndusInd Bank Ltd, N - 10 / 11, Sec - 18, Noida - 201301,

Gautam Budh Nagar, Uttar Pradesh. INDIA.

बाबा के 11 वचन

ॐ साईं राम

1. जो शिरडी में आएगा, आपद दूर भगाएगा
2. चढ़े समाधी की सीढी पर, पैर तले दुःख की पीढ़ी कर
3. त्याग शरीर चला जाऊंगा, भक्त हेतु दौडा आऊंगा
4. मन में रखना द्रढ विश्वास, करे समाधी पूरी आस
5. मुझे सदा ही जीवत जानो, अनुभव करो सत्य पहचानो
6. मेरी शरण आ खाली जाए, हो कोई तो मुझे बताए
7. जैसा भाव रहे जिस जन का, वैसा रूप हुआ मेरे मनका
8. भार तुम्हारा मुझ पर होगा, वचन न मेरा झूठा होगा
9. आ सहायता लो भरपूर, जो माँगा वो नही है दूर
10. मुझ में लीन वचन मन काया, उसका ऋण न कभी चुकाया
11. धन्य-धन्य व भक्त अनन्य, मेरी शरण तज जिसे न अन्य

.....श्री सच्चिदानंद सदगुरू साईनाथ महाराज की जय.....

गायत्री मंत्र

ॐ भूर्भुवः॒ स्वः॒
तत्स॑वितुर्वरे॑ण्यम्
भ॒र्गो॑ दे॒वस्य॑ धीमहि।
धियो॒ यो नः॑ प्रचो॒दया॑त्॥

Word Meaning of the Gayatri Mantra

ॐ Aum = Brahma ;
भूर् bhoor = the earth;
भुवः bhuwah = bhuvarloka, the air (vaayu-maNdal)
स्वः swaha = svarga, heaven;
तत् tat = that ;
सवितुर् savitur = Sun, God;
वरेण्यम् varenyam = adopt(able), follow;
भर्गो bhargo = energy (sin destroying power);
देवस्य devasya = of the deity;
धीमहि dheemahi = meditate or imbibe

these first nine words describe the glory of Goddheemahi = may imbibe ; pertains to meditation

धियो dhiyo = mind, the intellect;
यो yo = Who (God);
नः nah = our ;
प्रचोदयात prachodayat = inspire, awaken!"

dhiyo yo naha prachodayat" is a prayer to God


भू:, भुव: और स्व: के उस वरण करने योग्य (सूर्य) देवता,,, की (बुराईयों का नाश करने वाली) शक्तियों (देवता की) का ध्यान करें (करते हैं),,, वह (जो) हमारी बुद्धि को प्रेरित/जाग्रत करे (करेगा/करता है)।


Simply :

तीनों लोकों के उस वरण करने योग्य देवता की शक्तियों का ध्यान करते हैं, वह हमारी बुद्धि को प्रेरित करे।


The God (Sun) of the Earth, Atmosphere and Space, who is to be followed, we meditate on his power, (may) He inspire(s) our intellect.