शिर्डी के साँई बाबा जी की समाधी और बूटी वाड़ा मंदिर में दर्शनों एंव आरतियों का समय....

"ॐ श्री साँई राम जी
समाधी मंदिर के रोज़ाना के कार्यक्रम

मंदिर के कपाट खुलने का समय प्रात: 4:00 बजे

कांकड़ आरती प्रात: 4:30 बजे

मंगल स्नान प्रात: 5:00 बजे
छोटी आरती प्रात: 5:40 बजे

दर्शन प्रारम्भ प्रात: 6:00 बजे
अभिषेक प्रात: 9:00 बजे
मध्यान आरती दोपहर: 12:00 बजे
धूप आरती साँयकाल: 5:45 बजे
शेज आरती रात्री काल: 10:30 बजे

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निर्देशित आरतियों के समय से आधा घंटा पह्ले से ले कर आधा घंटा बाद तक दर्शनों की कतारे रोक ली जाती है। यदि आप दर्शनों के लिये जा रहे है तो इन समयों को ध्यान में रखें।

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Tuesday, 12 February 2019

दहेज़ के खिलाफ हमारी आवाज़ ..... साडा हक... ऐथे रख !!



दहेज़ के खिलाफ हमारी आवाज़ ..... साडा हक... ऐथे रख !!

ॐ सांई राम

दहेज़ प्रथा के खिलाफ एक नारा
हम अपने मानव जीवन में स्त्री या पुरुष, बाल या प्रौढ़ किसी भी अवस्था में 
क्यों ना हो ....


एक बात तो तय है की, या तो हम ईश्वरिये शक्ति को मानते है या नहीं मानते ...
उस ईश्वरिये शक्ति का कोई मज़हब नहीं, कोई जात नहीं, कोई आकार नहीं, वह तो अनंत 
है एवं सभी का स्वामी है|


परन्तु एक बात हम भूल जाते है की हम सब की रचना करने वाला केवल एक ही है और 
यदि हमे बनाने वाले ने ही हमारी रचना में किसी तरह का भेदनहीं  किया तो फिर हम ही हमारे रचनाकर्ता के साथ भेद भाव क्यों रखते है ...


किसी भी धर्म या जाती में खून का रंग तो लाल ही होता है |
आसमान भी किसी धर्म को देख कर अपना रंग तो नहीं बदलता |
वायु मज़हब का फर्क देख कर रुख नहीं बदलती |
वादियाँ अपनी सुन्दरता में फर्क नहीं आने देती |
पानी हिन्दू-मुसलमान को अपना स्वाद अलग-अलग ज्ञात नहीं करवाता |
और यही ईश्वरिये क़ानून सिर्फ हिन्दुस्तान में ही नहीं बल्कि सारे संसार में 
लागू है |


सिर्फ फर्क इतना है की इश्वर के हाथ की कठपुतली बन कर चलने वाला ये मानव शरीर,
स्वयं को ईश्वरिये शक्ति से भी अधिक बलशाली मानता है, जबकि वो इस बात से भली भाँती परिचित है की उसकी हैसियत मिटटी से अधिक नहीं है बल्कि कई गुना कम ही है |

आज आप अपने इश्वर को साक्षी मान कर अपने आप से वायदा करें की आप भले ही दुनिया 
के हजारो साल पुरानी, इस समाज की एक दीवार तो आज गिरा कर ही रहेंगे और वह दुनिया की सबसे गन्दी और घिनौनी दीवार है दहेज़ की |


आज आप किसी की बेटी को यदि अपनी बहु के रूप में अपनाने के लिए दहेज़ की मांग 
कर भी रहे है, तो यह बात तय है की लगभग उसका दुगना आप को अपनी बेटी के दहेज़ के लिए भी संजो कर रखना पड़ेगा|


यदि आज कोई अपनी बहु को दहेज़ के कारण जिंदा जला कर या ख़ुदकुशी के लिए मजबूर 
भी कर रहा है तो यह बात जान लो, की इश्वर हमारे सभी कर्मो का लेखा-झोखा रखता है और उसके न्याय में ज़रा भी रहम की गुंजाइश नहीं होती....


आज हम आप से बस इतना ही चाहते है बस कुछ पालो के लिए अपने मज़हब को भूल कर,
इस दहेज़ रुपी बिमारी का अंत करने के लिए एक हो जाए..

एक युवा मोर्चे का हिस्सा बने, दहेज़ लेने वालों और देने वालो का नाम जग में 
उजागर करे, ठीक वैसे ही जैसा की आज कल लोग दुसरो की गाड़ियों की तसवीरें खीच कर फेसबुक पर, दिल्ली ट्रेफिक पुलिस के पेज पर डालना अपना दायित्व समझते है |


क्या इस बिमारी से भी लड़ना आपका दायित्व नहीं है |

चलो आज देखें की कितने लोगो के जवाब हमारी इस आवाज़ के हक में आते है |

हम एक है, तो नेक क्यों नहीं |

दहेज़ के खिलाफ हमारी आवाज़ .....
साडा हक...
ऐथे रख !!

अपना जिगर का टुकड़ा देना दहेज़ देने से लाखो गुणा ऊँचा फैसला है ||

हमारा उद्देश्य किसी की निजी सोच को ठेस पहुचना बिलकुल नहीं है और यदि हमारी 
सोच से किसी को कोई आपत्ति है तो ...


हम क्षमाप्रार्थी है.. पर आइना सच्चा चेहरा ही दिखाता है ...

Kindly Provide Food & clean drinking Water to Birds & Other Animals,
This is also a kind of SEWA.

For Donation

For donation of Fund/ Food/ Clothes (New/ Used), for needy people specially leprosy patients' society and for the marriage of orphan girls, as they are totally depended on us.

For Donations, Our bank Details are as follows :

A/c - Title -Shirdi Ke Sai Baba Group

A/c. No - 200003513754 / IFSC - INDB0000036

IndusInd Bank Ltd, N - 10 / 11, Sec - 18, Noida - 201301,

Gautam Budh Nagar, Uttar Pradesh. INDIA.