शिर्डी के साँई बाबा जी की समाधी और बूटी वाड़ा मंदिर में दर्शनों एंव आरतियों का समय....

"ॐ श्री साँई राम जी
समाधी मंदिर के रोज़ाना के कार्यक्रम

मंदिर के कपाट खुलने का समय प्रात: 4:00 बजे

कांकड़ आरती प्रात: 4:30 बजे

मंगल स्नान प्रात: 5:00 बजे
छोटी आरती प्रात: 5:40 बजे

दर्शन प्रारम्भ प्रात: 6:00 बजे
अभिषेक प्रात: 9:00 बजे
मध्यान आरती दोपहर: 12:00 बजे
धूप आरती साँयकाल: 7:00 बजे
शेज आरती रात्री काल: 10:30 बजे

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निर्देशित आरतियों के समय से आधा घंटा पह्ले से ले कर आधा घंटा बाद तक दर्शनों की कतारे रोक ली जाती है। यदि आप दर्शनों के लिये जा रहे है तो इन समयों को ध्यान में रखें।

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Saturday, 14 November 2015

दुनिया की हर शह में तू ही दिखता है साईं ...

ॐ सांई राम



Happy Children's Day

तू जब से मेरे दिल में आ समाया है,
इस दिल ने चैन, रूह ने सुकून पाया है |
दुनिया की हर शह  में तू ही दिखता है,
तू ही मेरा हमदम मेरा सरमाया है ||

ग़मों की आंधियों से अब मुझे डर नहीं,
तूने ही तो मुझे बेखौफ बनाया है |
हर हाल में मैं खुश ही रहता हूं,
मेरे सर पर तुम्हारी रहमतों का साया है ||

यूं तो जीने को हर शख्स ही जी लेता है,
मैने तुम संग जीने का मकसद पाया है |
तुझको पाने का मुझमें जूनून जागा है,
इस जुनून को तुमने ही तो जगाया है ||

काबिल नहीं हूं तुम्हारे कदमों में जगह पाने को,
तूने रहम की है और मुझे अपनाया है |
अब पीछे तुम भी हट सकते नहीं,
तुमने खुद ही तो अपने पास बुलाया है

Friday, 13 November 2015

मुझसे सांई कुछ भी न होता है ||

ॐ सांई राम



नाम महा रस पान करा कर,
पहले मुझे मस्त किया ||
अब आप कहे कर्त्तव्य निभाओ,
ये आप की क्या अदा है ||
कहीं मन न लगे,
कुछ भी न भावे,
दीवाना सा कर दिया ||
अब आप कीजीए जो हो करना,
मुझसे सांई कुछ भी न होता है ||
आप क्या जाने सांई आप की तङप,
ये जो नाम रस आप का पिया
इस रस ने कहीं का न छोङा,
मुझको कमली कर दिया है ||
अब इसके आगे कुछ भी न भाए,
हे मेरे सांई ये आप ने क्या किया है ||

!!! जय साईं राम !!!

Thursday, 12 November 2015

श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 7

ॐ सांई राम


आप सभी को शिर्डी के साईं बाबा ग्रुप की और से साईं-वार की हार्दिक शुभ कामनाएं |

हम प्रत्येक साईं-वार के दिन आप के समक्ष बाबा जी की जीवनी पर आधारित श्री साईं सच्चित्र का एक अध्याय प्रस्तुत करने के लिए श्री साईं जी से अनुमति चाहते है |

हमें आशा है की हमारा यह कदम घर घर तक श्री साईं सच्चित्र का सन्देश पंहुचा कर हमें सुख और शान्ति का अनुभव करवाएगा| किसी भी प्रकार की त्रुटी के लिए हम सर्वप्रथम श्री साईं चरणों में क्षमा याचना करते है|


श्री साई सच्चरित्र - अध्याय 7
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अदभुत अवतार । श्री साईबाबा की प्रकृति, उनकी यौगिक क्रयाएँ, उनकी सर्वव्यापकता, कुष्ठ रोगी की सेवा, खापर्डे के पुत्र प्लेग, पंढरपुर गमन, अदभुत अवतार
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श्री साईबाबा की समस्त यौगिक क्रियाओं में पारंगत थे । 6 प्रकार की क्रियाओं के तो वे पूर्ण ज्ञाता थे । 6 क्रियायें, जिनमें धौति ( एक 3 चौड़े व 22 ½ लम्बे कपड़े के भीगे हुए टुकड़े से पेट को स्वच्छ करना), खण्ड योग (अर्थात् अपने शरीर के अवयवों को पृथक-पृथक कर उन्हें पुनः पूर्ववत जोड़ना) और समाधि आदि भी सम्मिलित हैं । यदि कहा जाये कि वे हिन्दू थे तो आकृति से वे यवन-से प्रतीत होते थे । कोई भी यह निश्चयपूर्वक नहीं कह सकता था कि वे हिन्दू थे या यवन । वे हिन्दुओं का रामनवमी उत्सव यथाविधि मनाते थे और साथ ही मुसलमानों का चन्दनोत्सव भी । वे उत्सव में दंगलों को प्रोत्साहन तथा विजेताओं को पर्याप्त पुरस्कार देते थे । गोकुल अष्टमी को वे गोपाल-काला उत्सव भी बड़ी धूमधाम से मनाते थे । ईद के दिन वे मुसलमानों को मसजिदमें नमाज पढ़ने के लिये आमंत्रित किया करते थे । एक समय मुहर्रम के अवसर पर मुसलमानों ने मसजिद में ताजिये बनाने तथा कुछ दिन वहाँ रखकर फिर जुलूस बनाकर गाँव से निकालने का कार्यक्रम रचा । श्री साईबाबा ने केवल चार दिन ताजियों को वहाँ रखने दिया और बिना किसी राग-देष के पाँचवे दिन वहाँ से हटवा दिया ।

Wednesday, 11 November 2015

क्या भरोसा जिन्दगी का सांई नाम ले

ॐ सांई राम




क्या भरोसा जिन्दगी का सांई नाम ले
अच्छा रस्ता देख के तू मंजिल जान ले
लोभ मोह क्रोध रहते है सब यहाँ
मरता है शरीर लेकिन मरती नहीं आत्मा
क्या भरोसा जिन्दगी का सांई नाम ले
अच्छा रस्ता देख के तू मंजिल जान ले
होती है सुबह और आती है शाम
बोले मुख से क्यों ना तू सांई नाम है
क्या भरोसा जिन्दगी का सांई नाम ले
अच्छा रस्ता देख के तू मंजिल जान ले
माला फेरने से जीवन कट जायेगा
कर ले कर ले भक्ति तू मुक्ति पायेगा 
क्या भरोसा जिन्दगी का सांई नाम ले
अच्छा रस्ता देख के तू मंजिल जान ले
होगा तेरा फैसला सांई के सामने
डरता है तू क्यों सांई के नाम से
क्या भरोसा जिन्दगी का सांई नाम ले
अच्छा रस्ता देख के तू मंजिल जान ले

Tuesday, 10 November 2015

कोई कहे सांई कृष्ण कन्हैया....

ॐ सांई राम




श्री सच्चरित्र सन्देश 


"जो सदैव  दुष्कर्मों में ही व्यस्त रहता है,जिन्हें अनुचित्त माना जाता है और इसलिये श्रुतियों ने भी उन्हें दण्डनीय ठहराया है, ऐसे व्यक्ति का चित्त अशान्त रहता है ||

He who indulges in low, forbidden acts and stoop down to lowest behavior, unacceptable to the shrutis and samritis, and who is permanently leading that kind of life can never have equanimity of mind.


 

जिसे उचित-अनुचित का विचार है,
   वही वास्तव में जीवंत है |
 


कोई कहे सांई कृष्ण कन्हैया,
कोई कहे सांई राम रमैया
कोई कहे अल्लाह ताला,
मेरा सांई है रखवाला |

शिरडी में चमत्कार दिखाये,
मन्दिर में शिव पूजन जाये |
मस्जिद में कुरान  पढ़ाये,
ऐसा है वो निराला,
मेरा सांई है रखवाला |

सारे जग से सुन्दर सांई,
अठारह कला सम्पूर्ण सांई |
जिसने सबकी बिगड़ी बनायी,
मेरा शिरडी वाला,
मेरा सांई है रखवाला |

सारा जग है सांई दीवाना,
सबने इनको ईश्वर माना |
शिरडी जा के फूल चढ़ाना,
ऐसा है वो निराला,
मेरा सांई है रखवाला |

कोई कहे सांई कृष्ण कन्हैया,
कोई कहे सांई राम रमैया |
कोई कहे अल्लाह ताला,
मेरा सांई है रखवाला |

Monday, 9 November 2015

हम सब का सांई भगवान है तूं

ॐ सांई राम



श्री राम के फकीरी भेष की पहचान है तूं
इसाई भी तेरे चरणों में झुकते है
गुरू-नानक की आन है तूं
अल्लाह पाक की शानों-शौकत वाले
"ऐ फकीर बादशाह"
हम सब का सांई भगवान है तूं

जय सांई राम



सच्चे दिल से करो फ़रियाद तो
दुनिया की हर एक चीज मिल जाती
जिस पर साईं की रहमत जो जाय
उसे काँटों में भी ख़ुशी मिल जाती

साईं नाम मुद मंगलकारी,
विघ्न हरे सब पातकहारी,
साईं नाम है सबसे ऊंचा,
नाम शक्ती शुभ ज्ञान समूचा


|| श्री सच्चीदानंद समर्थ सदगुरू सांईनाथ महाराज की जय ||


Sunday, 8 November 2015

श्री साईं सच्चरित्र सार

ॐ सांई राम


श्री साईं सच्चरित्र सार
जिस तरह कीड़ा कपड़ो को कुतर डालता है,
उसी तरह इर्ष्या मनुष्य को

क्रोध मुर्खता से शुरू होता है और पश्चाताप पर खत्म होता है

नम्रता से देवता भी मनुष्य के वश में हो जाते है

सम्पन्नता मित्रता बढाती है, विपदा उनकी परख करती है

एक बार निकले बोल वापस नहीं आ सकते, इसलिए सोच कर बोलो

तलवार की धार उतनी तेज नहीं होती, जीतनी जिव्हा की

धीरज के सामने भयंकर संकट भी धुएं के बदलो की तरह उड़ जाते है

तीन सचे मित्र है - बूढी पत्नी, पुराना कुत्ता और पास का धन

मनुष्य के तीन सद्गुण है - आशा, विश्वास और दान

घर में मेल होना पृथ्वी पर स्वर्ग के सामान है

मनुष्य की महत्ता उसके कपड़ो से नहीं वरण उसके आचरण से जानी जाती है

दुसरो के हित के लिए अपने सुख का भी त्याग करना सच्ची सेवा है

भूत से प्रेरणा लेकर वर्त्तमान में भविष्य का चिंतन करना चाहिए


जब तुम किसी की सेवा करो तब उसकी त्रुटियों को देख कर उससे घृणा नहीं करनी चाहिए

मनुष्य के रूप में परमात्मा सदा हमारे साथ सामने है, उनकी सेवा करो

अँधा वह नहीं जिसकी आंखे नहीं है, अँधा वह है जो अपने दोषों को ढकता है

चिंता से रूप, बल और ज्ञान का नाश होता है

दुसरो की गिराने की कोशिश में तुम स्वयं गिर जाओगे

प्रेम मनुष्य को अपनी तरफ खींचने वाला चुम्बक है

For Donation

For donation of Fund/ Food/ Clothes (New/ Used), for needy people specially leprosy patients' society and for the marriage of orphan girls, as they are totally depended on us.

For Donations, Our bank Details are as follows :

A/c - Title -Shirdi Ke Sai Baba Group

A/c. No - 200003513754 / IFSC - INDB0000036

IndusInd Bank Ltd, N - 10 / 11, Sec - 18, Noida - 201301,

Gautam Budh Nagar, Uttar Pradesh. INDIA.