शिर्डी के साँई बाबा जी की समाधी और बूटी वाड़ा मंदिर में दर्शनों एंव आरतियों का समय....

"ॐ श्री साँई राम जी
समाधी मंदिर के रोज़ाना के कार्यक्रम

मंदिर के कपाट खुलने का समय प्रात: 4:00 बजे

कांकड़ आरती प्रात: 4:30 बजे

मंगल स्नान प्रात: 5:00 बजे
छोटी आरती प्रात: 5:40 बजे

दर्शन प्रारम्भ प्रात: 6:00 बजे
अभिषेक प्रात: 9:00 बजे
मध्यान आरती दोपहर: 12:00 बजे
धूप आरती साँयकाल: 7:00 बजे
शेज आरती रात्री काल: 10:30 बजे

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निर्देशित आरतियों के समय से आधा घंटा पह्ले से ले कर आधा घंटा बाद तक दर्शनों की कतारे रोक ली जाती है। यदि आप दर्शनों के लिये जा रहे है तो इन समयों को ध्यान में रखें।

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Saturday, 25 July 2015

है भरोसा साईं पर, उसकी रहमत बरसेगी......

ॐ साँई राम



मुश्किलें आती है,
परेशानिया आती है.
ज़िन्दगी जीना वो,
हमको सिखाती है.
रात हुयी है,
तो दिन जरुर आएगा.
जो है आज परेशान,
कल सकूं जरुर पायेगा.
अल्लाह बड़ा मेहरबान,
वो रहमदिल है.
एक न एक दिन,
वो राह जरुर दिखायेगा.
मेरा मालिक है साँईं,
अभी वो चुप है.
तुम देखना एक दिन,
वो अपना जलवा जरुर दिखायेगा.
है भरोसा साँईं पर,
उसकी रहमत बरसेगी.
ख़ुशी का पैगाम आएगा,
सबकी किश्मत भी चमकेगी.


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Translation
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Difficulties & problems come.

They educate us how to live life.
The night has just ended.There will be certainly
dawn thereafter.Whosoever is disturbed today,
will certainly get peace tomorrow.
Allah (God) is very compasionate & kind
heatred.One day or other He will certainly
show us the path.
My master (Swami) is Sai Baba.At present He
is keeping silence.You see one day,He will
certainly show His divine power of magic.
I trust & believe in Sai.His kindness will shower.
The message of happiness will be received.
Everyone luck will also shine.

Friday, 24 July 2015

क्या था मेरा कसूर?

रही गर कुछ त्रुटी मेरी भक्ति में
इक बार तो मुझसे कहा होता
सुधार लेता मैं त्रुटी को अपनी
चिराग मेरे घर का तो ना बुझा होता

अपने कर्मो की चादर औढ़े
दर बदर मैं भटकता रहा हूँ
एक लाल की जिंदगी ना बख्शी
अब घुट घुट के जी रहा हूँ

कलेजा मेरा काट कर
मिला क्या तुझे बाबा
मैं ना फैला सका हाथ कहीं
शिर्डी को जाना काशी और काबा

निकला तू भी निर्दयी जमाने की तरह
मेरा साथ बीच डगर छोड़ दिया
मैं बेबस लाचार बहुत हूँ तू ये जाने
तेरी खातिर जग से मुख मोड़ लिया

पानी तो अनमोल है, Save Water, Save Life....

ॐ सांई राम

पानी तो अनमोल है
उसको बचा के रखिये
बर्बाद मत कीजिये इसे
जीने का सलीका सीखिए
पानी को तरसते हैं
धरती पे काफी लोग यहाँ
पानी ही तो दौलत है
पानी सा धन भला कहां
पानी की है मात्रा सीमित
पीने का पानी और सीमित
तो पानी को बचाइए
इसी में है समृधी निहित
शेविंग या कार की धुलाई
या जब करते हो स्नान
पानी की जरूर बचत करें
पानी से है धरती महान
जल ही तो जीवन है
पानी है गुनों की खान
पानी ही तो सब कुछ है
पानी है धरती की शान
पर्यावरण को न बचाया गया
तो वो दिन जल्दी ही आएगा
जब धरती पे हर इंसान
बस 'पानी पानी' चिल्लाएगा
रुपये पैसे धन दौलत
कुछ भी काम न आएगा
यदि इंसान इसी तरह
धरती को नोच के खाएगा
आने वाली पुश्तों का
कुछ तो हम करें ख़्याल
पानी के बगैर भविष्य
भला कैसे होगा खुशहाल
बच्चे, बूढे और जवान
पानी बचाएँ बने महान
अब तो जाग जाओ इंसान
पानी में बसते हैं प्राण ॥

Thursday, 23 July 2015

श्री साँई सच्चरित्र - अध्याय 41

ॐ साँई राम


आप सभी को शिर्डी के साँईं बाबा ग्रुप की और से साँईं-वार की हार्दिक शुभ कामनाएं , हम प्रत्येक साँईं-वार के दिन आप के समक्ष बाबा जी की जीवनी पर आधारित श्री साँईं सच्चित्र का एक अध्याय प्रस्तुत करने के लिए श्री साँईं जी से अनुमति चाहते है , हमें आशा है की हमारा यह कदम घर घर तक श्री साँईं सच्चित्र का सन्देश पंहुचा कर हमें सुख और शान्ति का अनुभव करवाएगा, किसी भी प्रकार की त्रुटी के लिए हम सर्वप्रथम श्री साँईं चरणों में क्षमा याचना करते है...


श्री साँई सच्चरित्र - अध्याय 41 - चित्र की कथा, चिंदियों की चोरी और ज्ञानेश्वरी के पठन की कथा ।




Wednesday, 22 July 2015

सूचना

मेरे पुत्र मयंक आनंद का उठाला, श्री साँईं वार के दिन दिनांक 23 जुलाई 2015 को, दोपहर 3 से 4 बजे तक कम्युनिटी सेंटर, सैक्टर 47 नोएडा में उसकी पवित्र आत्मा की शांति के लिए शोक प्रार्थना सभा हेतु आप सभी को अति दुख के साथ सुचित किया जा रहा है ।

मन मन्दिर में साँई वास है तेरा....

ॐ साँई राम



ऐसी सुबह न आए,
न आए ऐसी श्याम
जिस दिन जुबान पे मेरी,
आए न साँई का नाम
मन मन्दिर में वास है तेरा,
तेरी छवि बसाई प्यासी आत्मा
बनके जोगी तेरे शरण में आया,
तेरे ही चरणों में पाया
मैंने यह विश्राम,
ऐसी सुबह न आए
न आए ऐसी श्याम,
जिस दिन जुबान पे मेरी
आए न तेरा नाम,
तेरी खोज में न जाने
कितने युग मेरे बीते,
अंत में काम क्रोध सब हरे
वो बोले तुम जीते,
मुक्त किया प्रभु तुने मुझको
है शत शत प्रणाम
ऐसी सुबह न आए
न आए ऐसी श्याम
जिस दिन जुबान पे मेरी
आए न तेरा नाम
सर्व्कला संपन तुम्ही ही हो
औ मेरे परमेश्वर
दर्शन देकर धन्य करो
अब त्रिलोक्येश्वर
भवसागर से पार हो जायु
लेकर तेरा नाम
ऐसी सुबह न आए
न आए ऐसी श्याम

Tuesday, 21 July 2015

आती है दिवाली तो झूम उठता हूँ मै.......

ॐ साँई राम जी


क्यों न मनाऊँ मै हर दिन एक त्यौहार ?
क्यों करता रहूँ मै खुशियों का इंतजार ?
आती है दिवाली तो झूम उठता हूँ मैं
रौशनी देती है खुशियों का एहसास
वो चार दिन बजते हैं मन मे पटाखे
सारा जग लगता है जैसे हो अपने पास
होली के रंग, ज़िन्दगी के इन्द्रधनुष
उल्ल्हास देते हैं, अपने हो या पराये
कुदरत के दिये हुए वो हसीन लम्हे
जैसे अपने साथ हर्ष उल्ल्हास लाये
वो हर त्यौहार, लाता है खुशियों का सन्देश
गुड़ी पडवा, पोंगल, राखी या हो कोई जन्मदिन
इंतज़ार रहता है, उन हसीन पलों का
कैसे बिताऊँ मैं वो बीच के बाकि दिन ?
अब मै जीऊँगा हर पल, हर दिन
न होऊंगा किसी दिन के लिए बेक़रार
क्यों न मनाऊँ मै हर दिन एक त्यौहार ?
क्यों करता रहूँ मै खुशियों का इंतजार ?

Monday, 20 July 2015

जब भी सांई मैने तुझे है पुकारा.................

ॐ साँई राम


जब जब देखूं मैं तेरी आँखों में साँई,
लगता है ये कुछ तो बोल रही है,
मेरी आँखों की नमी तेरी आँखों में साँई,
लगता है राज़ ये कुछ तो खोल रही है
साँई तुझसे एक मुलाकात पर लुटा दूँ,
मैं सारी दुनिया की दौलतें,
पर ये भी तो सच है मेरे साँई,
इस मुलाकात का तो कोई मोल नहीं है,
मेरी आँखों की नमी............
जब भी साँई मैने तुझे है पुकारा,
तेरी प्रीत ने दिया है हर मोङ पर सहारा,
मेरी प्रीत को शायद लगता है साँई,
अब तेरी प्रीत भी तोल रहे है,
मेरी आँखों की नमी............
सहना पङा है तुझ को भी मेरी,
खातिर बहुत कुछ साँई,
ना छुपा पाया तूँ भी कुछ मुझ से साँई,
तेरी आँखें हर पोल खोल रही है,
मेरी आँखों की नमी............
रंग गया है लगता है तूँ भी साँई,
प्रीत क कुछ अज़ब ही रंग है,
रंग ले मुझको भी इस रंग में साँई,
तेरी "सुधा" कब से ये रंग घोल रही है

Sunday, 19 July 2015

हे प्रभु आनंद दाता, ज्ञान हमको दीजिये........

ॐ साँई राम


श्री सच्चिदानन्द सद्गुरु साँईनाथ महाराज की जय...
॥ॐ श्री साँईनाथाय नमः॥

हे प्रभु आनंद दाता, ज्ञान हमको दीजिये,
शीघ्र सारे दुर्गुणों को दूर हमसे कीजिये
लीजिये हमको शरण में हम सदाचारी बनें,
ब्रह्मचारी धर्मरक्षक वीर व्रतधारी बनें
निंदा किसी की हम किसी से भूल कर भी न करें,
ईर्ष्या कभी भी हम किसीसे भूल कर भी न करें
सत्य बोलें झूठ त्यागें मेल आपस में करें,
दिव्य जीवन हो हमारा यश तेरा गाया करें
जाये हमारी आयु हे प्रभु लोक के उपकार में,
हाथ ड़ालें हम कभी न भूलकर अपकार में
मातृभूमि मातृसेवा हो अधिक प्यारी हमें,
देश की सेवा करें निज देश हितकारी बनें
कीजिये हम पर कृपा ऐसी हे परमात्मा,
प्रेम से हम दुःखीजनों की नित्य सेवा करें
हे प्रभु आनंद दाता, ज्ञान हमको दीजिये,
शीघ्र सारे दुर्गुणों को दूर हमसे कीजिये

॥ॐ श्री साँईनाथाय नमः॥

For Donation

For donation of Fund/ Food/ Clothes (New/ Used), for needy people specially leprosy patients' society and for the marriage of orphan girls, as they are totally depended on us.

For Donations, Our bank Details are as follows :

A/c - Title -Shirdi Ke Sai Baba Group

A/c. No - 200003513754 / IFSC - INDB0000036

IndusInd Bank Ltd, N - 10 / 11, Sec - 18, Noida - 201301,

Gautam Budh Nagar, Uttar Pradesh. INDIA.